#लातेहारसमाचार #कोलपरियोजना_विवाद : पर्यावरण, विस्थापन और हाईकोर्ट आदेश को लेकर नया विवाद गहराया।
लातेहार जिले की तेतरियाखांड कोल परियोजना को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। झामुमो युवा नेता सौरभ श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता कर परियोजना संचालित करने वाली कंपनी पर हाईकोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी, ग्रामीणों पर दबाव और विस्थापितों के अधिकारों से जुड़े गंभीर सवाल उठाए। मामले को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
- तेतरियाखांड कोल परियोजना को लेकर लातेहार में विवाद गहराया।
- झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए।
- हाईकोर्ट आदेश की गलत व्याख्या कर भ्रम फैलाने का आरोप।
- पर्यावरणीय नियमों और वन संरक्षण की अनदेखी का दावा।
- प्रभावित ग्रामीणों और बेरोजगार युवाओं पर दबाव बनाने की बात कही।
- सुरक्षा को लेकर पुलिस अधीक्षक से मिलने की बात कही गई।
लातेहार जिला मुख्यालय में तेतरियाखांड कोल परियोजना को लेकर चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। तेतरियाखांड रैयत एवं विस्थापित मंच द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड मुक्ति मोर्चा के युवा नेता सौरभ श्रीवास्तव ने परियोजना संचालित करने वाली कंपनी पर कई गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि कंपनी माननीय उच्च न्यायालय के आदेश को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है और आम लोगों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है।
हाईवा परिचालन को लेकर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता में सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि उच्च न्यायालय ने परियोजना में हाईवा परिचालन की अनुमति नहीं दी है। उन्होंने कहा कि अदालत ने केवल प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
उन्होंने आरोप लगाया:
“कंपनी न्यायालय के आदेश का गलत अर्थ निकालकर आर्थिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है और लोगों को यह बताया जा रहा है कि हाईवा से कोयला परिवहन की अनुमति मिल गई है।”
ग्रामीणों और युवाओं पर दबाव का आरोप
झामुमो नेता ने कहा कि क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं और परियोजना प्रभावित ग्रामीणों को डराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वालों को ईडी, सीबीआई और कोर्ट का भय दिखाया जा रहा है तथा झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
“इलाके में भय का माहौल बनाया जा रहा है ताकि लोग अपनी आवाज न उठा सकें।”
पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी का आरोप
सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा परियोजना संचालन के लिए निर्धारित कई शर्तों का पालन नहीं किया गया है।
उन्होंने वन संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण और गार्डवाल निर्माण जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल उठाए।
उनका कहना था कि परियोजना क्षेत्र में धारीदार लकड़बग्घों सहित कई वन्यजीवों की संख्या में कमी आई है और मृत वन्यजीव मिलने की घटनाएं पर्यावरणीय लापरवाही को दर्शाती हैं।
मंत्रालय के आदेश का दिया हवाला
प्रेस वार्ता में उन्होंने 7 मई 2013 को जारी वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें स्पष्ट रूप से कोयले के परिवहन के लिए ट्रकों के माध्यम से रेलवे साइडिंग तक ढुलाई की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद हाईवा परिचालन की बात करना निर्धारित शर्तों का उल्लंघन है।
सुरक्षा की मांग करेंगे सौरभ श्रीवास्तव
झामुमो नेता ने कहा कि परियोजना की अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें और उनके परिवार को जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही पुलिस अधीक्षक से मिलकर सुरक्षा की मांग की जाएगी।
क्षेत्र में तेज हुई राजनीतिक चर्चा
प्रेस वार्ता के बाद तेतरियाखांड कोल परियोजना को लेकर जिले में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर पर्यावरण, विस्थापन और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर बहस बढ़ती दिखाई दे रही है।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
न्यूज़ देखो: विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और पर्यावरण संतुलन जरूरी
कोल परियोजनाएं विकास और रोजगार के अवसर लेकर आती हैं, लेकिन इसके साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
यदि किसी परियोजना को लेकर भ्रम, भय और विरोध की स्थिति बनती है तो संबंधित एजेंसियों और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि पारदर्शिता के साथ तथ्य सार्वजनिक करें और लोगों का विश्वास बहाल करें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
विकास तभी सार्थक जब लोगों और प्रकृति दोनों का सम्मान हो
किसी भी विकास परियोजना का उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ नहीं बल्कि स्थानीय समाज और पर्यावरण के साथ संतुलित प्रगति होना चाहिए।
जरूरी है कि ग्रामीणों की आवाज सुनी जाए, विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा हो और पर्यावरणीय नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए।
सजग रहें, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और जनहित से जुड़े मुद्दों पर जिम्मेदारी के साथ आवाज उठाएं। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत बनाएं।

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