कब्रिस्तान की चहारदीवारी निर्माण को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने सरकारी राशि के दुरुपयोग का लगाया आरोप

कब्रिस्तान की चहारदीवारी निर्माण को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने सरकारी राशि के दुरुपयोग का लगाया आरोप

author Nitish Kumar Paswan
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#पलामू #पांकी #कब्रिस्ताननिर्माण : मगहिया टोला में चहारदीवारी निर्माण पर अनियमितता के आरोप लगे।

पलामू जिले के पांकी प्रखंड अंतर्गत आसेहार पंचायत के मगहिया टोला में कब्रिस्तान की चहारदीवारी निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कल्याण विभाग की योजना में सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर निर्माण कराया जा रहा है वहां कब्रिस्तान नहीं है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

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  • पलामू के पांकी प्रखंड की आसेहार पंचायत के मगहिया टोला में निर्माण को लेकर विवाद।
  • ग्रामीणों का आरोप — कब्रिस्तान नहीं होने के बावजूद चहारदीवारी निर्माण कराया जा रहा
  • योजना में कल्याण विभाग की सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया।
  • निर्माण कार्य में घटिया ईंट, कम रॉड और निम्न गुणवत्ता के सीमेंट के उपयोग का आरोप।
  • ग्रामीणों ने पलामू उपायुक्त को शिकायत भेजकर जांच और राशि निकासी रोकने की मांग की।

पलामू जिले के पांकी प्रखंड की आसेहार पंचायत स्थित मगहिया टोला में कब्रिस्तान की चहारदीवारी निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह पर चहारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है, वह स्थान कब्रिस्तान नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी योजना के नाम पर रैयती जमीन पर स्थित एक बागान को घेरने के लिए सरकारी धन का उपयोग किया जा रहा है।

इस मामले को लेकर गांव में चर्चा तेज हो गई है और ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं की गई तो सरकारी योजनाओं में इस प्रकार की अनियमितताएं लगातार बढ़ती रहेंगी।

कब्रिस्तान नहीं होने के बावजूद निर्माण का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार जिस स्थान पर चहारदीवारी बनाई जा रही है, वहां न तो कब्रिस्तान है और न ही मुस्लिम समाज द्वारा शवों को दफनाने की परंपरा है। उनका कहना है कि यह स्थान रैयती जमीन है, जहां पहले से शीशम के पेड़ों वाला एक बागान मौजूद है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इसी बागान को घेरने के लिए सरकारी योजना का सहारा लिया गया है। उनका कहना है कि यदि वास्तव में कब्रिस्तान के लिए योजना बनाई गई थी तो इसका निर्माण उस स्थान पर होना चाहिए था जहां वास्तव में दफनाने की व्यवस्था की आवश्यकता है।

कुछ ग्रामीणों ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि इस मामले में कई बार स्थानीय स्तर पर आपत्ति जताई गई, लेकिन निर्माण कार्य जारी है।

निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार चहारदीवारी निर्माण में घटिया ईंट का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही निर्माण में इस्तेमाल की जा रही रॉड की मात्रा भी मानक से कम बताई जा रही है। इसके अलावा सीमेंट की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी प्रकार से निर्माण कार्य जारी रहा तो यह चहारदीवारी लंबे समय तक टिक नहीं पाएगी और सरकारी राशि का नुकसान होगा।

विरोध करने पर धमकी देने का आरोप

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वे इस मामले में विरोध करते हैं तो ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों की ओर से उन्हें धमकियां दी जाती हैं। इसी कारण कई ग्रामीण खुले तौर पर सामने आने से भी डर रहे हैं।

कुछ ग्रामीणों ने दबे स्वर में बताया कि गांव में इस विषय को लेकर असंतोष बढ़ रहा है, लेकिन लोग खुलकर बोलने से बच रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता होनी चाहिए और यदि कहीं अनियमितता हो रही है तो उसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

उपायुक्त से जांच की मांग

इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने पलामू उपायुक्त को पत्र लिखकर शिकायत करने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना की राशि की निकासी पर तत्काल रोक लगाई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि इस मामले की गहराई से जांच की जाती है तो केवल पांकी प्रखंड ही नहीं बल्कि पूरे पलामू जिले में इस तरह की कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और जहां भी अनियमितता पाई जाए वहां संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

न्यूज़ देखो: योजनाओं में पारदर्शिता जरूरी, जांच से ही सामने आएगा सच

कब्रिस्तान की चहारदीवारी निर्माण को लेकर उठे ये सवाल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता को दर्शाते हैं। यदि किसी योजना का लाभ वास्तविक जरूरत वाले स्थान तक नहीं पहुंच रहा है तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है ताकि सच सामने आ सके। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए, और यदि आरोप गलत हैं तो भी स्पष्टता आनी चाहिए।

सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही ही जनता का विश्वास मजबूत कर सकती है।

हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक नागरिक बनें और गलत के खिलाफ आवाज उठाएं

गांव और समाज के विकास के लिए यह जरूरी है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही जगह और सही लोगों तक पहुंचे। जब नागरिक सजग रहते हैं तभी व्यवस्था में सुधार संभव होता है।

यदि आपके क्षेत्र में भी किसी योजना में अनियमितता दिखाई देती है तो उसकी जानकारी संबंधित विभाग और प्रशासन तक पहुंचाना आपकी जिम्मेदारी भी है। जागरूक नागरिक ही मजबूत समाज की नींव रखते हैं।

आपकी आवाज बदलाव की शुरुआत बन सकती है।

अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें, इस खबर को अपने दोस्तों और परिचितों तक साझा करें और समाज में पारदर्शिता व जवाबदेही की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाएं।

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Written by

पांकी पलामू

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