लाखों से बना अस्पताल, इलाज नहीं… पशुओं का डेरा! विभागीय लापरवाही पर भड़के ग्रामीण, आंदोलन की चेतावनी

लाखों से बना अस्पताल, इलाज नहीं… पशुओं का डेरा! विभागीय लापरवाही पर भड़के ग्रामीण, आंदोलन की चेतावनी

author News देखो Team
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#महुआडांड़ #स्वास्थ्य_व्यवस्था : ओरसा पंचायत के डूमर डीह टोला में बना अस्पताल वर्षों से बंद, ग्रामीणों में नाराजगी।

लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड के ओरसा पंचायत अंतर्गत डूमर डीह टोला में लाखों रुपये की लागत से बना सरकारी अस्पताल आज भी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित है। भवन बनने के वर्षों बाद भी यहां डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं हो सकी है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।

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  • डूमर डीह टोला में लाखों की लागत से बना सरकारी अस्पताल।
  • भवन बनने के वर्षों बाद भी स्वास्थ्य सेवा शुरू नहीं
  • अस्पताल परिसर में पशुओं का जमावड़ा
  • मुखिया अनिता देवी ने विभागीय लापरवाही का आरोप लगाया।
  • ग्रामीणों ने जल्द सेवा शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

महुआडांड़, लातेहार। महुआडांड़ प्रखंड के ओरसा पंचायत अंतर्गत डूमर डीह टोला में लाखों रुपये की लागत से बना सरकारी अस्पताल विभागीय लापरवाही और उदासीनता का शिकार बना हुआ है। अस्पताल भवन बनने के वर्षों बाद भी यहां स्वास्थ्य सेवा शुरू नहीं हो सकी है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

स्थिति यह है कि जिस भवन में मरीजों का इलाज होना था, वहां आज पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। अस्पताल परिसर पशुओं का अड्डा बन गया है और जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

ओरसा पंचायत की मुखिया अनिता देवी ने बताया कि अस्पताल भवन तो बन गया, लेकिन आज तक यहां डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं की गई। इसके कारण आसपास के गांवों के लोगों को इलाज के लिए दूर-दराज जाना पड़ता है और उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह विभागीय लापरवाही और उदासीनता का परिणाम है। यदि जल्द ही अस्पताल को चालू नहीं किया गया और डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं शुरू की जाएं।

न्यूज़ देखो: विकास के नाम पर अधूरी व्यवस्था

सरकारी योजनाओं के तहत भवन तो बन जाते हैं, लेकिन समय पर सेवाएं शुरू नहीं होने से उनका लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पाता।

सुविधाएं शुरू होना भी उतना ही जरूरी

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत होना जरूरी है।
भवन के साथ डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति भी अनिवार्य है।
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