गिरिडीह में जेपी मूर्ति की बदहाल स्थिति पर माले का अल्टीमेटम, एक सप्ताह में सुधार नहीं तो धरना की चेतावनी

गिरिडीह में जेपी मूर्ति की बदहाल स्थिति पर माले का अल्टीमेटम, एक सप्ताह में सुधार नहीं तो धरना की चेतावनी

author Surendra Verma
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#गिरिडीह #जेपीमूर्तिमुद्दा : छह महीने से गंदगी पर नाराजगी — माले ने प्रशासन को दिया अल्टीमेटम।

गिरिडीह में जेपी मोड़ स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण की मूर्ति के आसपास गंदगी और बदहाल स्थिति को लेकर माले ने प्रशासन को चेतावनी दी है। पार्टी नेता राजेश सिन्हा ने एक सप्ताह में सफाई और मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने पर धरना देने की बात कही। उन्होंने शहर की अन्य मूर्तियों की देखभाल और संरक्षण की भी मांग उठाई। यह मुद्दा शहर की विरासत और सम्मान से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

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  • जेपी मोड़, गिरिडीह पर मूर्ति के आसपास गंदगी का मामला।
  • राजेश सिन्हा ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया।
  • सफाई और जीर्णोद्धार कार्य शुरू नहीं हुआ तो धरना की चेतावनी।
  • शहर की अन्य मूर्तियों के संरक्षण की भी उठाई मांग।
  • भगत सिंह मोड़ पर मूर्ति स्थापना का मुद्दा भी उठाया गया।

गिरिडीह में भाकपा माले ने जेपी मोड़ स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण की मूर्ति के आसपास फैली गंदगी और उसकी जर्जर स्थिति को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। माले नेता राजेश सिन्हा ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो जेपी मोड़ पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

छह महीने से उपेक्षा का आरोप

राजेश सिन्हा ने कहा कि पिछले छह महीनों से जेपी मोड़ स्थित मूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। एक बार सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन वह अधूरा छोड़ दिया गया।

राजेश सिन्हा ने कहा: “जननायक की मूर्ति छह महीने से उपेक्षित है। भारतरत्न से सम्मानित महापुरुष के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण को वर्ष 1999 में मरणोपरांत भारतरत्न से सम्मानित किया गया था, ऐसे में उनकी मूर्ति का इस तरह उपेक्षित रहना गंभीर विषय है।

प्रमुख मांगें रखीं सामने

माले की ओर से प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं:

मूर्ति की सफाई और जीर्णोद्धार

जेपी मोड़ स्थित मूर्ति की तत्काल सफाई कर उसे व्यवस्थित किया जाए और आसपास के क्षेत्र को भी साफ-सुथरा रखा जाए।

जिले भर की मूर्तियों की देखभाल

गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र समेत पूरे जिले में स्थापित सभी महापुरुषों की मूर्तियों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।

पोस्टर और बैनर पर रोक

मूर्तियों के आसपास पोस्टर, बैनर और प्रचार सामग्री लगाने पर रोक लगाने की मांग की गई है, ताकि उनकी गरिमा बनी रहे।

बाबा साहेब की आदमकद मूर्ति

शहर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की आदमकद मूर्ति स्थापित करने की भी मांग उठाई गई।

भगत सिंह मोड़ का मुद्दा

माले ने भगत सिंह मोड़ पर बने चबूतरे पर अब तक मूर्ति नहीं लगाए जाने पर भी सवाल उठाया। साथ ही वहां लगे पोस्टर और प्रचार सामग्री को हटाकर लोगों के बैठने की व्यवस्था करने की मांग की गई।

प्रशासन को दी गई चेतावनी

राजेश सिन्हा ने कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर संबंधित विभाग से फोन पर शिकायत की है, जहां से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। लेकिन यदि तय समय के भीतर कार्य शुरू नहीं हुआ, तो माले कार्यकर्ता आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

शहर की विरासत से जुड़ा मामला

यह मुद्दा केवल सफाई का नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक और सामाजिक विरासत से जुड़ा हुआ है। महापुरुषों की मूर्तियां समाज को प्रेरणा देती हैं, ऐसे में उनका सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।

न्यूज़ देखो: विरासत की अनदेखी या प्रशासनिक लापरवाही?

गिरिडीह में जेपी मूर्ति की बदहाल स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है। महापुरुषों की मूर्तियां केवल प्रतीक नहीं, बल्कि समाज की प्रेरणा होती हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता है या मामला आंदोलन तक पहुंचता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सम्मान और जिम्मेदारी साथ-साथ निभाएं

महापुरुषों के विचार और उनकी विरासत समाज के लिए अमूल्य होती है। उनका सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार में भी दिखना चाहिए।

हम सभी की जिम्मेदारी है कि अपने आसपास की सार्वजनिक संपत्तियों और विरासत को सुरक्षित रखें और उसकी देखभाल में सहयोग करें।

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Written by

डुमरी, गिरिडीह

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