#बानो #विद्यालय_कार्यक्रम : केतुंगाधाम में आयोजन—वाचन, चुनाव और जयंती कार्यक्रम से सजा विद्यालय परिसर।
सिमडेगा के बानो स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर केतुंगाधाम में वाचन दिवस, कन्या भारती गठन और अंबेडकर जयंती मनाई गई। छात्रों ने ग्रंथ वाचन और प्रस्तुति दी। लोकतांत्रिक प्रक्रिया से गुड्डी कुमारी सेनापति चुनी गईं। कार्यक्रम में शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी रही।
- केतुंगाधाम विद्यालय में वाचन दिवस और जयंती कार्यक्रम।
- गुड्डी कुमारी सेनापति (SPL) चुनी गईं।
- छात्रों ने ग्रंथ वाचन और कविताएं प्रस्तुत कीं।
- शिक्षकों ने पठन-पाठन पर जोर दिया।
- सुकरा केरकेट्टा ने शिक्षा और नेतृत्व पर संदेश दिया।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर केतुंगाधाम में वाचन दिवस, कन्या भारती गठन और डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती का संयुक्त आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली, जिससे पूरा परिसर ज्ञान और संस्कारों से सराबोर हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
वाचन दिवस पर छात्रों ने दिखाई प्रतिभा
वाचन दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न धार्मिक, ऐतिहासिक और प्रेरणादायक ग्रंथों का वाचन किया। बच्चों ने महाभारत, रामायण और रामचरितमानस के प्रसंगों को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
एक शिक्षक ने कहा: “बच्चों की प्रस्तुति ने उनके ज्ञान और आत्मविश्वास को दर्शाया।”
कई छात्र-छात्राओं ने प्रेरणादायक कविताओं और नैतिक कहानियों का पाठ कर श्रोताओं को प्रभावित किया।
कन्या भारती गठन से नेतृत्व को बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में कन्या भारती संगठन का गठन किया गया, जिसका उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करना है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोजित किया गया, जिसमें कक्षा दसवीं की छात्रा गुड्डी कुमारी को सर्वसम्मति से सेनापति (SPL) चुना गया।
एक शिक्षक ने कहा: “यह पहल बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
प्रधानाचार्य का प्रेरक संबोधन
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुकरा केरकेट्टा ने अपने संबोधन में कहा—
“पुस्तकें हमारे जीवन की सच्ची मार्गदर्शक होती हैं और वाचन से ज्ञान बढ़ता है।”
उन्होंने कहा: “कन्या भारती का गठन छात्राओं को नेतृत्व के लिए तैयार करेगा।”
उन्होंने नव-निर्वाचित सेनापति गुड्डी कुमारी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अंबेडकर जयंती पर श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती भी श्रद्धा के साथ मनाई गई। उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।
एक शिक्षक ने कहा: “डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष और शिक्षा का संदेश हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।”
शिक्षकों और अभिभावकों की उपस्थिति
इस अवसर पर बंधनू केरकेट्टा, गौरव गोस्वामी, रेनू गोस्वामी, शकुंतला सिंह, रेखा तिर्की, प्रेमलता केरकेट्टा सहित विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य ने सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों और अभिभावकों का धन्यवाद ज्ञापित किया और ऐसे आयोजनों को छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया।
शिक्षा और संस्कार का संगम
यह आयोजन न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का एक सशक्त माध्यम भी बना।
न्यूज़ देखो: शिक्षा और नेतृत्व की नई दिशा
केतुंगाधाम का यह कार्यक्रम दिखाता है कि विद्यालय स्तर पर ही बच्चों में नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है। यह पहल भविष्य के सशक्त नागरिक तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पढ़ें, समझें और आगे बढ़ें
पुस्तकें ही सच्ची मित्र होती हैं।
नेतृत्व सीखना जरूरी है।
शिक्षा से ही समाज बदलता है।
आइए, हम ज्ञान और संस्कार दोनों को अपनाएं।
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