#गिरिडीह #मजदूरआंदोलन : जिला सम्मेलन और चेतावनी रैली की तैयारी को लेकर व्यापक रणनीति बनी।
गिरिडीह शहर के सिहोडीह स्थित एक होटल में माले जिला कमिटी और असंगठित मजदूर मोर्चा की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। लगभग छह घंटे चली इस बैठक में 16 जून की चेतावनी रैली और 28-29 जून को होने वाले 14वें जिला सम्मेलन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। नेताओं ने मजदूरों, किसानों, छात्रों और महिलाओं के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने का आह्वान किया। बैठक में जिलेभर के पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर आगामी कार्यक्रमों की रणनीति तय की।
- सिहोडीह, गिरिडीह में माले और असंगठित मजदूर मोर्चा की छह घंटे लंबी बैठक।
- 16 जून को जिला मुख्यालय में चेतावनी रैली आयोजित करने का निर्णय।
- 28 और 29 जून को होने वाले 14वें जिला सम्मेलन की तैयारी पर जोर।
- जनार्दन प्रसाद, नीताय महतो और राजकुमार यादव समेत कई नेताओं ने रखे विचार।
- स्थानीय मजदूरों की छंटनी, प्रदूषण और जन मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज करने की घोषणा।
- संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण और नए कैडरों की भर्ती पर विशेष चर्चा।
गिरिडीह में आगामी राजनीतिक और जनसंगठनात्मक गतिविधियों को लेकर माले ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सिहोडीह स्थित एक होटल में माले जिला कमिटी और असंगठित मजदूर मोर्चा की अगुवाई में सामूहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलेभर के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा आगामी चेतावनी रैली और जिला सम्मेलन को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की। नेताओं ने कहा कि जनता के मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष को और धारदार बनाया जाएगा।
छह घंटे चली बैठक में बनी व्यापक रणनीति
बैठक की अध्यक्षता माले के पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद तथा असंगठित मजदूर मोर्चा के महासचिव नीताय महतो ने की। इस दौरान जिलेभर में संगठन विस्तार, जनता से सीधा संपर्क बढ़ाने, ब्रांच कमेटियों की बैठक आयोजित करने और जिला सम्मेलन के लिए प्रतिनिधियों के चयन पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय करना, जनसंगठनों को मजबूत बनाना तथा मजदूर, किसान, छात्र, महिला और नौजवानों के मुद्दों पर संघर्ष को तेज करना बताया गया।
लाल झंडे के विस्तार की संभावना पर बोले जनार्दन प्रसाद
पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद ने कहा कि गिरिडीह की पहचान लंबे समय से लाल झंडे के मजबूत आधार क्षेत्र के रूप में रही है। उन्होंने कहा कि जिले की सभी विधानसभा सीटों में संगठन के विस्तार की संभावनाएं मौजूद हैं।
जनार्दन प्रसाद ने कहा: “गिरिडीह लाल झंडे के लिए जाना जाता है। सभी साथियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने और जनता के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने की जरूरत है।”
उन्होंने कहा कि आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए अभी से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना होगा और 14वें जिला सम्मेलन को सफल बनाना होगा।
जिला सम्मेलन और चेतावनी रैली पर विशेष जोर
बैठक में 28 और 29 जून को आयोजित होने वाले 14वें जिला सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही 16 जून को जिला मुख्यालय में प्रस्तावित चेतावनी रैली को सफल बनाने के लिए सभी प्रखंडों में तैयारी तेज करने का निर्णय लिया गया।
नेताओं ने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से संगठन की आगामी दिशा तय की जाएगी और जनसंगठनों को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
भ्रष्टाचार और मजदूर मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का आह्वान
राजधनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने जिले में बढ़ते भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि माले को इस मुद्दे पर निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी।
राजकुमार यादव ने कहा: “जन आंदोलन को तेज करना होगा और जनता के मुद्दों पर धारदार संघर्ष खड़ा करना होगा।”
उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में स्थानीय मजदूरों की छंटनी, रोजगार के अवसरों की कमी और प्रदूषण जैसी समस्याएं गंभीर होती जा रही हैं। इन मुद्दों को लेकर 16 जून की चेतावनी रैली आयोजित की जा रही है।
स्थानीय मजदूरों के अधिकारों की उठी आवाज
राजकुमार यादव ने आरोप लगाया कि कई औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय मजदूरों को नियमों के विपरीत हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों, किसानों, छात्रों, महिलाओं और नौजवानों को एक मंच पर लाकर इस अन्याय के खिलाफ आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
उन्होंने विशेष रूप से बालमुकुंद स्पंज आयरन फैक्ट्री के खिलाफ मजदूरों की शिकायतों और प्रदूषण संबंधी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
मजदूरों के बीच संगठन मजबूत करने की अपील
असंगठित मजदूर मोर्चा के महासचिव नीताय महतो ने कहा कि संगठन को मजदूरों के घर-घर तक पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हजारों मजदूर ऐसे हैं जिन्हें संगठित कर उनके अधिकारों की लड़ाई को और मजबूत बनाया जा सकता है।
नीताय महतो ने कहा: “मजदूरों के हक और अधिकार की लड़ाई में लाल झंडा हमेशा उनके साथ खड़ा रहा है।”
उन्होंने कहा कि मजदूरों के साथ किसी भी प्रकार की गैरकानूनी कार्रवाई या अन्याय का विरोध किया जाएगा और संगठन को गांव-गांव तक विस्तार दिया जाएगा।
जिला सचिव अशोक पासवान ने संगठन विस्तार पर दिया जोर
माले के जिला सचिव अशोक पासवान ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच संपर्क बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती जनता के विश्वास और संघर्ष की क्षमता पर निर्भर करती है।
उन्होंने सभी कैडरों से 16 जून की चेतावनी रैली में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा जिला सम्मेलन की तैयारी तेज करने का आह्वान किया।
किसान महासभा और अन्य नेताओं ने भी रखे विचार
अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता पूरन महतो ने कहा कि गिरिडीह क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज किया जा रहा है और लगातार बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है।
वहीं नगर सचिव राजेश सिन्हा और केंद्रीय कमिटी के सचिव कन्हाई पांडेय ने कहा कि स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को रोजगार में प्राथमिकता दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई फैक्ट्रियों में स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है जबकि प्रदूषण का दुष्प्रभाव स्थानीय नागरिकों को झेलना पड़ रहा है।
राजेश सिन्हा और कन्हाई पांडेय ने कहा: “प्रदूषण स्थानीय लोग झेलें और रोजगार बाहरी लोगों को मिले, यह दोहरी नीति स्वीकार नहीं की जाएगी।”
वरिष्ठ नेताओं ने आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील की
वरिष्ठ नेता परमेश्वर महतो और सीताराम सिंह ने कहा कि चेतावनी रैली को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में कई मजदूरों को नौकरी से निकाला गया है और इसकी शिकायत प्रशासन को दी जा चुकी है।
वहीं विनय संथालिया, उस्मान अंसारी, कौशल्या दास, पूनम महतो और पवन महतो ने अपने-अपने क्षेत्रों में बैठकों और जनसंपर्क अभियान तेज करने का आह्वान किया।
बैठक में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे उपस्थित
बैठक में राज्य कमिटी, जिला कमिटी और असंगठित मजदूर मोर्चा के अनेक नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रमुख रूप से विनय संथालिया, अशोक मिस्त्री, राजकुमार दास, कुलदीप राय, अशोक तुरी, मो कयूम, मो मुस्तकीम अंसारी, राम किशुन यादव, शेखर सुमन, सहदेव यादव, तेजनारायण पासवान, पूनम महतो, कौशल्या दास, मुस्तकीम अंसारी, नियाज़ अंसारी, सीताराम सिंह, अजीत राय, रामू बैठा, रामलाल मुर्मू, रीतलाल प्रसाद, हराधन तुरी, जागेश्वर प्रसाद और शंकर पांडेय सहित कई साथी उपस्थित थे।
न्यूज़ देखो: जन मुद्दों को राजनीतिक एजेंडा बनाने की कोशिश
गिरिडीह में आयोजित यह बैठक केवल संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि मजदूरों, किसानों और स्थानीय रोजगार जैसे मुद्दों को केंद्र में रखने का संदेश भी दिया गया। 16 जून की चेतावनी रैली और 14वें जिला सम्मेलन को लेकर जिस तरह की तैयारी दिखाई गई है, उससे स्पष्ट है कि संगठन आने वाले समय में जन आंदोलनों को और तेज करना चाहता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मजदूरों की छंटनी, प्रदूषण और स्थानीय रोजगार जैसे मुद्दों पर प्रशासन और उद्योग प्रबंधन क्या रुख अपनाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जन सरोकारों की लड़ाई में आपकी भागीदारी भी जरूरी
लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनावों से नहीं बल्कि जनता की सक्रिय भागीदारी से होती है। मजदूरों, किसानों, छात्रों और आम नागरिकों के मुद्दे तभी मजबूत बनते हैं जब समाज उनकी आवाज के साथ खड़ा होता है। अपने क्षेत्र की समस्याओं को पहचानें, जागरूक बनें और जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक संवाद को आगे बढ़ाएं।
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