
#सिमडेगा #क्रिएटर्स_मीट : सोशल मीडिया के जरिए स्थानीय पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की पहल हुई।
सिमडेगा हेरिटेज सेंटर-सह-म्यूज़ियम में क्रिएटर्स मीट का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स ने भाग लिया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों ने डिजिटल माध्यम से पर्यटन और संस्कृति के प्रचार पर जोर दिया। प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए उन्हें जिले की पहचान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। यह पहल स्थानीय विरासत को संरक्षित और प्रसारित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
👉 सिमडेगा हेरिटेज सेंटर में क्रिएटर्स मीट का आयोजन।
👉 उपायुक्त कंचन सिंह सहित कई अधिकारियों की उपस्थिति।
👉 सोशल मीडिया के जरिए पर्यटन और संस्कृति के प्रचार पर जोर।
👉 क्रिएटर्स को डायरी, टूरिज्म कैलेंडर और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित।
👉 लाइब्रेरी, म्यूज़ियम और कम्युनिटी स्पेस विकसित करने की योजना।
सिमडेगा:- जिले के सिमडेगा हेरिटेज सेंटर-सह-म्यूज़ियम परिसर में “CREATOR’S Meet” का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रिय स्थानीय कंटेंट क्रिएटर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जिले के पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक धरोहरों और ऐतिहासिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रचारित करना था। प्रशासन ने इसे युवाओं को जोड़ने और जिले की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करने की दिशा में अहम कदम बताया।
क्रिएटर्स को सम्मानित कर बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त कंचन सिंह, उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी एवं अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र ने उपस्थित क्रिएटर्स को डायरी, सिमडेगा टूरिज्म कैलेंडर एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अधिकारियों ने कहा कि आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किसी भी क्षेत्र की पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और सिमडेगा के युवा इस दिशा में बेहतर कार्य कर सकते हैं।
हेरिटेज सेंटर के चार प्रमुख उद्देश्य
उपायुक्त ने हेरिटेज सेंटर-सह-म्यूज़ियम की उपयोगिता को विस्तार से समझाते हुए इसके चार मुख्य उद्देश्यों की जानकारी दी—
- जिले के इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत का संग्रह, संरक्षण एवं प्रदर्शन
- युवाओं के लिए लाइब्रेरी के माध्यम से ज्ञानवर्धन और पढ़ने की आदत विकसित करना
- महिला मंडलों की भागीदारी से उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना
- परिसर को एक जीवंत कम्युनिटी स्पेस के रूप में विकसित करना
उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा: “यह हेरिटेज सेंटर केवल प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास का एक सशक्त मंच है, जो लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करेगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिखरी ऐतिहासिक वस्तुओं और तथ्यों को एकत्रित कर उन्हें संरक्षित करने की पहल की जा रही है।
लाइब्रेरी और डिजिटल सुविधाओं पर विशेष फोकस
उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने कहा कि यह म्यूज़ियम ज्ञान और संवाद का केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि यहां स्थापित लाइब्रेरी में विश्व साहित्य, क्लासिक कृतियों और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी पुस्तकों का संग्रह किया गया है।
उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने कहा: “लाइब्रेरी युवाओं के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और जल्द ही बारकोडिंग एवं डिजिटल सिस्टम लागू होने से यह सुविधा और अधिक सुलभ हो जाएगी।”
उन्होंने नागरिकों से लाइफटाइम मेंबरशिप लेकर इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
कम्युनिटी स्पेस के रूप में विकसित होगा परिसर
प्रशासन द्वारा इस पूरे परिसर को एक सक्रिय कम्युनिटी स्पेस के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है, जहां नागरिक अपने अवकाश के समय में आकर विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों में भाग ले सकेंगे। साथ ही परिसर में बने लॉन को सीमित शर्तों के तहत छोटे आयोजनों के लिए उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जा रहा है।
कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका होगी अहम
कार्यक्रम के अंत में प्रशासन ने सभी मीडिया प्रतिनिधियों एवं सोशल मीडिया क्रिएटर्स से अपील की कि वे इस पहल के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाएं। यूट्यूबर वरुण सहित कई क्रिएटर्स ने अपने अनुभव साझा किए और जिले के पर्यटन स्थलों, इतिहास एवं परंपराओं को डिजिटल माध्यम से प्रचारित करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पलटू महतो, प्रखंड विकास पदाधिकारी समीर रेनियर खालखो सहित कई अधिकारी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो: डिजिटल ताकत से सिमडेगा की पहचान को नई उड़ान
यह आयोजन दर्शाता है कि अब स्थानीय प्रशासन डिजिटल प्लेटफॉर्म की शक्ति को समझते हुए युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। क्रिएटर्स मीट जैसी पहलें न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगी, बल्कि स्थानीय संस्कृति को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेंगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस पहल को निरंतर कैसे आगे बढ़ाया जाता है और कितने लोग इससे जुड़ते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपनी संस्कृति को डिजिटल दुनिया में पहचान दिलाने का समय
आज का दौर डिजिटल है और हर युवा के पास अपनी आवाज पहुंचाने का मंच मौजूद है। सिमडेगा जैसे जिलों की असली ताकत उसकी संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक सुंदरता में छिपी है। अगर हम सब मिलकर इसे दुनिया के सामने लाएं, तो यह पहचान एक नई दिशा ले सकती है।
आप भी अपने आसपास की खासियतों को कैमरे में कैद करें, उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करें और अपने जिले की सकारात्मक छवि को आगे बढ़ाएं।
जागरूक बनें, जिम्मेदार बनें और अपने क्षेत्र के विकास में भागीदार बनें।
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