
#सिमडेगा #सांस्कृतिकउत्सव : विद्यार्थियों ने लोकनृत्य, कला और विविध संस्कृति का शानदार प्रदर्शन किया।
सिमडेगा के पीएम श्री राजकीयकृत मध्य विद्यालय बासेन में सांस्कृतिक आदान-प्रदान, कला उत्सव और खान-पान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नृत्य, कला और फैशन शो के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
- पीएम श्री विद्यालय बासेन में सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य आयोजन।
- छात्र-छात्राओं ने लोकनृत्य, गीत और नाटक से बांधा समा।
- फैशन शो और खान-पान प्रदर्शनी बने मुख्य आकर्षण।
- विभिन्न राज्यों की संस्कृति और वेशभूषा का प्रदर्शन।
- उत्कृष्ट टीमों को नगद राशि और सम्मान दिया गया।
सिमडेगा जिले के पीएम श्री राजकीयकृत मध्य विद्यालय बासेन में सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, कला उत्सव एवं खान-पान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय के पीएम श्री के रूप में विकसित होने के बाद यह कार्यक्रम लगातार दूसरे वर्ष आयोजित किया गया, जिसमें उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ-साथ बासेन के पोषक गांवों की सात नृत्य मंडलियों और सिमडेगा से आए कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
पारंपरिक स्वागत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
अतिथियों का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया, जिसमें उन्हें बैज पहनाकर चंदन और कटहल के पौधे भेंट किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गान से हुई, जिसने पूरे वातावरण को गरिमामय बना दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने झारखंड की लोक संस्कृति से जुड़े नृत्य, गीत और नाटक प्रस्तुत किए। इसके अलावा असमिया, संबलपुरी, मर्दानी, भरतनाट्यम, पंजाबी, गोंडी और फगुआ नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया।
कला उत्सव में दिखी रचनात्मकता
कला उत्सव के तहत विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स, हस्तशिल्प, मॉडल और अन्य रचनात्मक कृतियों की प्रदर्शनी लगाई गई। इन कलाकृतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और बच्चों की सृजनात्मक क्षमता को उजागर किया।
फैशन शो बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण रहा फैशन शो, जिसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा में रैंप वॉक किया। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह का आयोजन पहली बार देखने को मिला, जिसकी अभिभावकों ने खूब सराहना की।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमलेश्वर मांझी के नेतृत्व में यह आयोजन सफल रहा, जिसके लिए अभिभावकों ने उन्हें धन्यवाद दिया।
खान-पान प्रदर्शनी ने बढ़ाई रौनक
खान-पान प्रदर्शनी में विभिन्न पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाए गए। विद्यार्थियों ने अपने-अपने क्षेत्र की विशेषताओं को प्रदर्शित किया, जिससे स्थानीय और अन्य राज्यों की खाद्य संस्कृति की झलक देखने को मिली।
अतिथियों ने की सराहना
मुख्य अतिथि अरुण पांडे (प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी) ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा—
“इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
प्रधानाध्यापक कमलेश्वर मांझी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं।
उत्कृष्ट टीमों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों—लुंभा टोली, पतराटोली, बासेन बर टोली और बासेन बखरी टोली—को नगद राशि और दरी देकर सम्मानित किया गया।
साथ ही विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों को आदिवासी गमछा, पौधा और बुके देकर सम्मानित किया गया।

न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ संस्कृति का संगम
बासेन विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी बच्चों के विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे आयोजन बच्चों की प्रतिभा को निखारने और समाज में एकता का संदेश देने का माध्यम बनते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रतिभा को मंच मिले तो निखरता है भविष्य
बच्चों को अगर सही मंच और अवसर मिले, तो वे अपनी प्रतिभा से हर क्षेत्र में पहचान बना सकते हैं। ऐसे आयोजनों से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं।
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