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कर्णपुरा जंगल से साइबर ठग गिरफ्तार, फर्जी कस्टमर केयर बनकर करता था ऑनलाइन ठगी

#देवघर #साइबर_अपराध : कुंडा थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना पर कार्रवाई, युवक गिरफ्तार।

देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कुंडा थाना क्षेत्र के कर्णपुरा जंगल से एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी फर्जी बैंक और कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करता था। पुलिस ने 26 दिसंबर को गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। आरोपी के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जबकि मामले की आगे जांच जारी है।

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  • कर्णपुरा जंगल, कुंडा थाना क्षेत्र से साइबर ठग की गिरफ्तारी।
  • 26 दिसंबर को गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की कार्रवाई।
  • PhonePe, Paytm और PM किसान योजना के नाम पर ठगी।
  • मनोज दास (22), मधुपुर थाना क्षेत्र का निवासी गिरफ्तार।
  • एक मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद।

देवघर जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में कुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्णपुरा जंगल से एक शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार कर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी 26 दिसंबर को गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जब पुलिस को जंगल के इलाके में साइबर ठगी से जुड़े एक युवक की गतिविधियों की जानकारी मिली।

जंगल में छिपकर चला रहा था ठगी का नेटवर्क

पुलिस के अनुसार आरोपी जंगल के सुनसान इलाके में बैठकर मोबाइल फोन के जरिए साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। वह खुद को कभी बैंक अधिकारी, कभी कस्टमर केयर प्रतिनिधि तो कभी सरकारी योजना से जुड़ा अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस टीम ने सूचना की पुष्टि के बाद कर्णपुरा जंगल में छापेमारी कर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

कैशबैक और गिफ्ट कार्ड का देता था लालच

जांच में सामने आया है कि आरोपी खासकर PhonePe और Paytm उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाता था। वह लोगों को कैशबैक का झांसा देकर उन्हें गिफ्ट कार्ड रिडीम करने के लिए प्रेरित करता था। जैसे ही पीड़ित गिफ्ट कार्ड की जानकारी साझा करता, आरोपी उनके खातों से पैसे निकाल लेता था।

PM किसान योजना के नाम पर भी करता था ठगी

पुलिस ने बताया कि आरोपी केवल डिजिटल पेमेंट ऐप्स तक ही सीमित नहीं था। वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों को भी निशाना बनाता था। इसके लिए वह फर्जी लिंक भेजकर लाभुकों को उनके खाते की जानकारी अपडेट करने का झांसा देता था। जैसे ही लोग लिंक पर क्लिक कर अपनी जानकारी डालते, उनके बैंक खातों से रुपये गायब हो जाते थे।

Airtel Payments Bank अधिकारी बनकर भी ठगी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कई बार खुद को Airtel Payments Bank का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करता था। वह खातों में समस्या, केवाईसी अपडेट या रिवॉर्ड प्वाइंट्स का बहाना बनाकर लोगों से ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल करता था। इसके बाद वह आसानी से पीड़ितों के खातों से रकम निकाल लेता था।

आरोपी की पहचान और बरामदगी

गिरफ्तार युवक की पहचान मनोज दास (22 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मधुपुर थाना क्षेत्र के लखनुआ गांव का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल वह ठगी के लिए करता था। पुलिस अब इन सिम कार्ड और मोबाइल के कॉल डिटेल्स और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री की जांच कर रही है।

पुलिस कर रही है नेटवर्क की जांच

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आरोपी अकेले काम करता दिख रहा है, लेकिन यह भी आशंका जताई जा रही है कि वह किसी बड़े साइबर गिरोह से जुड़ा हो सकता है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और कितनी रकम की अवैध कमाई की।

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पुलिस अधिकारियों ने बताया: “आरोपी से पूछताछ जारी है। उसके मोबाइल और सिम कार्ड से कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

साइबर अपराध के खिलाफ सख्त अभियान

देवघर जिले में हाल के दिनों में साइबर अपराध के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। साइबर ठगों के खिलाफ लगातार छापेमारी और गिरफ्तारी की जा रही है। पुलिस आम लोगों से भी अपील कर रही है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या कैशबैक ऑफर से सावधान रहें।

आम लोगों के लिए पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे कभी भी ओटीपी, बैंक विवरण या निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन पर दें।

न्यूज़ देखो: साइबर अपराध पर करारा प्रहार

कर्णपुरा जंगल से हुई यह गिरफ्तारी साफ दर्शाती है कि साइबर अपराधी अब सुनसान इलाकों को अपना ठिकाना बना रहे हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता से वे बच नहीं पा रहे। यह कार्रवाई आम जनता के लिए एक चेतावनी भी है कि डिजिटल लेनदेन में सावधानी बेहद जरूरी है। अब जरूरत है कि साइबर जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

डिजिटल सुविधाओं के साथ जोखिम भी बढ़ा है, लेकिन जागरूकता से इन्हें रोका जा सकता है।
यदि आपके पास भी कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज आए, तो तुरंत सतर्क हों और जानकारी साझा न करें।
इस खबर को साझा करें, दूसरों को सचेत करें और साइबर अपराध के खिलाफ मिलकर आवाज उठाएं।

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Saroj Verma

दुमका/देवघर

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