
#बरवाडीह #दावतेइफ्तार : मदरसा गुलज़ार बाग में सैकड़ों रोजेदारों ने भाईचारे संग किया सामूहिक इफ्तार।
लातेहार जिले के बरवाडीह स्थित मदरसा गुलज़ार बाग में शुक्रवार को पवित्र रमजान माह के अवसर पर भव्य दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों रोजेदारों, उलेमा-ए-कराम, इमामों और समाजसेवियों ने भाग लिया। हज़रत सैयद शाह वलीउल्ला अहमद जिया कादरी की सरपरस्ती में रोजेदारों ने सामूहिक रूप से रोजा खोला। आयोजन के दौरान अमन, भाईचारे और समाज में सौहार्द बनाए रखने की दुआ की गई।
- लातेहार जिले के बरवाडीह मंडल रोड स्थित मदरसा गुलज़ार बाग में भव्य दावत-ए-इफ्तार का आयोजन।
- कार्यक्रम में सैकड़ों रोजेदार, उलेमा-ए-कराम, हाफिज और मस्जिदों के इमाम हुए शामिल।
- हज़रत सैयद शाह वलीउल्ला अहमद जिया कादरी की सरपरस्ती में हुआ सामूहिक इफ्तार।
- वर्ष 2010 से जारी परंपरा, इस वर्ष पूरे हुए 16 वर्ष।
- मौलाना मोहम्मद खुश्तर जामेई ने रमजान को भाईचारे और इंसानियत का संदेश देने वाला महीना बताया।
- कार्यक्रम में विजय बहादुर सिंह समेत कई समाजसेवी और गणमान्य लोग रहे उपस्थित।
बरवाडीह के मदरसा गुलज़ार बाग में शुक्रवार को पवित्र रमजान माह के अवसर पर दावत-ए-इफ्तार का भव्य आयोजन किया गया। हर वर्ष की तरह इस बार भी सादगी और धार्मिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों रोजेदारों, उलेमा-ए-कराम, हाफिजों और मस्जिदों के इमामों ने भाग लिया। सभी ने सामूहिक रूप से रोजा इफ्तार कर आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। आयोजन के दौरान कुरआन-ए-पाक की तिलावत और सामूहिक दुआ भी की गई।
16 वर्षों से जारी है दावत-ए-इफ्तार की परंपरा
मदरसा गुलज़ार बाग में दावत-ए-इफ्तार का यह आयोजन पिछले कई वर्षों से लगातार किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार इस कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी और इस वर्ष इस परंपरा के 16 वर्ष पूरे हो गए हैं।
हर साल रमजान के पवित्र महीने में इस कार्यक्रम के माध्यम से रोजेदारों के लिए इफ्तार की विशेष व्यवस्था की जाती है। कार्यक्रम का आयोजन साहिबे सज्जादा की सरपरस्ती में किया गया, जिसमें सादगी और धार्मिक माहौल के साथ रोजेदारों का स्वागत किया गया।
हज़रत सैयद शाह वलीउल्ला अहमद जिया कादरी की मौजूदगी रही खास
कार्यक्रम में हज़रत पीर-ए-तरीकत हज़रत सैयद शाह वलीउल्ला अहमद जिया कादरी की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उनकी सरपरस्ती में रोजेदारों ने सामूहिक रूप से रोजा खोला और देश-प्रदेश में अमन, शांति और खुशहाली के लिए दुआ मांगी।
इफ्तार से पहले मदरसा परिसर में कुरआन-ए-पाक की तिलावत की गई और उसके बाद सामूहिक दुआ का आयोजन हुआ। इसके पश्चात सभी रोजेदारों ने एक साथ बैठकर रोजा खोला। इस दौरान पूरे मदरसा परिसर में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।
पलामू प्रमंडल के कई इलाकों से पहुंचे रोजेदार
दावत-ए-इफ्तार कार्यक्रम में पलामू प्रमंडल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
डाल्टनगंज, महुआडांड़, गढ़वा, कुटमू, सरईडीह, बेतला और पोखरी कलां सहित कई स्थानों से रोजेदार और हज़रत के मुरीद इस आयोजन में शामिल हुए।
सभी लोगों ने मिलकर रोजा इफ्तार किया और रमजान के पाक महीने की बरकतों तथा उसकी अहमियत पर चर्चा की। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद भी दी।
रमजान इंसानियत और भाईचारे का पैगाम देता है
इस अवसर पर मदरसा गुलज़ार बाग के प्रिंसिपल मौलाना मोहम्मद खुश्तर जामेई भी मौजूद रहे।
मौलाना मोहम्मद खुश्तर जामेई ने कहा: “रमजान का महीना इबादत, सब्र, इंसानियत और भाईचारे का पैगाम देता है। इस महीने में रोजेदार अल्लाह की इबादत के साथ जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में प्रेम व सद्भाव फैलाने का प्रयास करते हैं।”
उन्होंने कहा कि इस तरह के सामूहिक इफ्तार कार्यक्रम समाज में एकता और सौहार्द को मजबूत करने का काम करते हैं और लोगों के बीच आपसी विश्वास को बढ़ाते हैं।
जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की भी रही मौजूदगी
इस कार्यक्रम में मनिका विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामचंद्र सिंह के पुत्र और यूथ कांग्रेस स्टेट कोऑर्डिनेटर विजय बहादुर सिंह भी शामिल हुए।
उनके साथ कुलेश्वर सिंह, अब्दुल मनान अंसारी, रविंद्र राम, मुन्ना खान, असलम अंसारी, एजाजुल हक, अफजल अंसारी, पचु, ऐनुल अंसारी, आसाउदीन अंसारी, छोटू, आफताब आलम, साहिद अंसारी, गुड्डू अंसारी और आलोक कुमार सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मदरसा गुलज़ार बाग के सदर समीम, मुन्ना, सेक्रेटरी गुलाम गौस, हामीद, गुलाम मुस्तफा सहित मदरसा कमेटी के कई सदस्य भी सक्रिय रूप से मौजूद रहे और उन्होंने रोजेदारों के लिए इफ्तार की व्यवस्था को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इफ्तार के समय दिखा भाईचारे और सौहार्द का माहौल
इफ्तार के समय मदरसा परिसर में काफी भीड़ देखने को मिली। रोजेदार एक साथ बैठकर इफ्तार करते नजर आए और एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी।
कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का माहौल बना रहा। अंत में सभी लोगों ने देश में अमन-चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए सामूहिक दुआ की।
आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इसी तरह के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा ताकि समाज में एकता, भाईचारा और इंसानियत का संदेश लगातार फैलता रहे।
न्यूज़ देखो: इफ्तार के जरिए मजबूत हो रहा सामाजिक सौहार्द
बरवाडीह के मदरसा गुलज़ार बाग में आयोजित दावत-ए-इफ्तार कार्यक्रम यह दर्शाता है कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में भाईचारे और सौहार्द को मजबूत किया जा सकता है। जब विभिन्न क्षेत्रों के लोग एक साथ बैठकर रोजा इफ्तार करते हैं तो सामाजिक दूरी मिटती है और आपसी विश्वास बढ़ता है। ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों के बीच एकता की भावना मजबूत होती है। आगे भी इस तरह के आयोजन समाज को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एकता और भाईचारे का संदेश समाज की सबसे बड़ी ताकत
रमजान का पवित्र महीना केवल इबादत का समय नहीं बल्कि समाज में प्रेम, करुणा और सहयोग की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है। ऐसे सामूहिक कार्यक्रम हमें यह याद दिलाते हैं कि एकता और भाईचारा ही समाज की असली ताकत है।
अगर आपके क्षेत्र में भी ऐसे सामाजिक और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं जो समाज को जोड़ने का काम करते हैं, तो उन्हें सामने लाना भी हमारी जिम्मेदारी है।
आप भी इस सकारात्मक संदेश को आगे बढ़ाएं। अपनी राय कमेंट में लिखें, इस खबर को अपने दोस्तों और परिवार तक साझा करें और समाज में भाईचारे व एकता का संदेश फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।






