बाबा टांगीनाथ धाम पहुंचे डालसा सचिव राम कुमार गुप्ता, परिवार संग की पूजा-अर्चना

बाबा टांगीनाथ धाम पहुंचे डालसा सचिव राम कुमार गुप्ता, परिवार संग की पूजा-अर्चना

author Aditya Kumar
9 Views
#डुमरी #धार्मिकआस्था : ऐतिहासिक बाबा टांगीनाथ धाम में सपरिवार पूजा कर मांगी सुख-समृद्धि की कामना।

डुमरी प्रखंड स्थित ऐतिहासिक बाबा टांगीनाथ धाम में गुरुवार को जिला विधि सेवा प्राधिकरण (डालसा) गुमला के सचिव राम कुमार गुप्ता अपने परिवार के साथ पहुंचे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बाबा टांगीनाथ का आशीर्वाद लिया और जिले की सुख-समृद्धि की कामना की। धाम के मुख्य पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विशेष पूजा संपन्न कराई। इस दौरान श्रद्धालुओं के बीच धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल बना रहा।

Join WhatsApp
  • डालसा गुमला के सचिव राम कुमार गुप्ता सपरिवार पहुंचे बाबा टांगीनाथ धाम
  • मुख्य पुजारी रामकृपाल बैगा ने पूरे विधि-विधान से कराई विशेष पूजा।
  • परिवार ने जिले की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
  • धाम की पौराणिक और ऐतिहासिक महत्ता की भी ली जानकारी।
  • बाबा टांगीनाथ धाम में दिनभर श्रद्धालुओं का लगा रहा तांता।

डुमरी प्रखंड स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा टांगीनाथ धाम में गुरुवार को श्रद्धा और आस्था का विशेष वातावरण देखने को मिला। जिला विधि सेवा प्राधिकरण (डालसा) गुमला के सचिव राम कुमार गुप्ता अपने परिवार के साथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने बाबा टांगीनाथ से जिले की सुख-समृद्धि, शांति और लोगों के कल्याण की प्रार्थना की। धाम में पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ भी देखने को मिली और पूरा परिसर भक्ति के माहौल से गुंजायमान रहा।

वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न हुई विशेष पूजा

धाम पहुंचने पर मुख्य पुजारी रामकृपाल बैगा ने सचिव राम कुमार गुप्ता और उनके परिवार का स्वागत किया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। पूजा के दौरान परिवार ने विधिपूर्वक संकल्प लिया और बाबा टांगीनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्य पुजारी रामकृपाल बैगा ने कहा: “बाबा टांगीनाथ धाम श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। यहां सच्चे मन से पूजा करने वालों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।”

पूजा के दौरान धूप, दीप, नैवेद्य और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से बाबा की आराधना की गई। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी पूजा-अर्चना में भाग लिया।

ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है टांगीनाथ धाम

गुमला जिले के डुमरी प्रखंड में स्थित बाबा टांगीनाथ धाम अपनी ऐतिहासिक और पौराणिक पहचान के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां भगवान परशुराम का दिव्य फरसा (टांगी) स्थापित है, जिसे देखने और पूजा करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थल वर्षों पुरानी आध्यात्मिक परंपराओं और जनआस्था का प्रतीक है। यहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। विशेष पर्वों और धार्मिक अवसरों पर धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

धाम की महत्ता को लेकर ली जानकारी

पूजा-अर्चना के बाद डालसा सचिव राम कुमार गुप्ता ने धाम की ऐतिहासिक और पौराणिक महत्ता के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और यहां की धार्मिक परंपराओं को नजदीक से जाना। परिवार के सदस्यों ने भी धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा और शांत वातावरण की सराहना की।

श्रद्धालुओं ने बताया कि बाबा टांगीनाथ धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां आने वाले श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करते हैं।

श्रद्धालुओं का लगा रहा तांता

गुरुवार को धाम परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। कई श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और मंत्रोच्चारण से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

स्थानीय लोगों ने बताया कि बाबा टांगीनाथ धाम में वर्षभर श्रद्धालुओं का आगमन होता है, लेकिन विशेष अवसरों और धार्मिक तिथियों पर यहां का माहौल और भी भव्य हो जाता है।

न्यूज़ देखो: आस्था और संस्कृति का जीवंत केंद्र बना टांगीनाथ धाम

बाबा टांगीनाथ धाम सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि गुमला जिले की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है। यहां प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आम श्रद्धालु समान श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं, जो इस धाम की व्यापक आस्था को दर्शाता है। ऐसे धार्मिक स्थलों का संरक्षण और विकास क्षेत्रीय पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में यदि यहां मूलभूत सुविधाओं का और विस्तार किया जाए, तो यह धाम राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान बना सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आस्था से जुड़ें, अपनी विरासत को पहचानें

धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरें किसी भी समाज की पहचान होती हैं।
ऐसे स्थलों से हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता मजबूत होती है।
नई पीढ़ी को भी अपनी विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना जरूरी है।
बाबा टांगीनाथ जैसे पवित्र धाम हमारी सांस्कृतिक चेतना के जीवंत प्रतीक हैं।

अपनी संस्कृति और आस्था से जुड़े रहें, धार्मिक स्थलों के संरक्षण में भागीदार बनें।
इस खबर पर अपनी राय कमेंट में जरूर दें और इसे अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

डुमरी, गुमला

🗣️ Join the Conversation!

What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

🔔

Notification Preferences

error: