News dekho specials
Garhwa

गढ़वा में दौलत और संध्या सोनी का अनोखा संकल्प, छठ व्रतियों तक पहुंची आम की लकड़ी

#गढ़वा #छठ_पर्व : व्रतियों को शुद्ध आम की लकड़ी पहुंचाकर दिल जीता, टीम दौलत की अनोखी सामाजिक पहल
  • टीम दौलत पिछले चार वर्षों से कर रही है आम की सूखी लकड़ी का निःशुल्क वितरण।
  • संध्या सोनी और दौलत सोनी ने छठ व्रतियों की सुविधा को बनाया प्राथमिकता।
  • छठ पूजा में आम की लकड़ी का धार्मिक महत्व अत्यंत पवित्र माना जाता है।
  • टीम दौलत की यह पहल आस्था और सेवा का सुंदर संगम है।
  • स्थानीय लोगों ने गढ़वा में इस कार्य को सराहा और आभार जताया।

गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में छठ पूजा के अवसर पर समाजसेवा की एक नई मिसाल देखने को मिली। टीम दौलत की संयोजक संध्या सोनी और युवा समाजसेवी दौलत सोनी पिछले चार वर्षों से छठ व्रतियों के लिए शुद्ध आम की सूखी लकड़ी का वितरण कर रहे हैं। छठ पर्व के लिए आम की लकड़ी अत्यंत आवश्यक मानी जाती है, क्योंकि यही पूजा में दीपक जलाने, प्रसाद बनाने और धार्मिक अनुष्ठानों को सम्पन्न करने में प्रयुक्त होती है। इस सेवा के कारण व्रतियों को पूजा की तैयारी में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होती और वे पूरे विधि-विधान से श्रद्धापूर्वक छठ व्रत कर पाते हैं।

छठ व्रतियों के लिए शुद्धता और सुविधा की मिसाल

आम की लकड़ी छठ पूजा के धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से सबसे पवित्र मानी जाती है। व्रतियों के लिए यह सुनिश्चित करना कि पूजा सामग्री पूरी तरह शुद्ध और स्वच्छ हो, एक बड़ी चिंता रहती है। टीम दौलत ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। संध्या और दौलत सोनी ने अपने स्वयंसेवकों की मदद से न केवल लकड़ी का वितरण किया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि हर व्रती तक समय पर पर्याप्त मात्रा में सामग्री पहुंचे। इस सेवा भावना ने गढ़वा नगर में आस्था और सामाजिक सहयोग की एक मिसाल कायम की है।

धार्मिकता और समाजसेवा का समन्वय

टीम दौलत का यह अभियान केवल धार्मिक सहयोग नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। दौलत सोनी ने हमेशा समाज सेवा को अपने कार्यों का केंद्र माना है — चाहे वह गर्मियों में पानी की आपूर्ति, जरूरतमंदों के लिए रक्तदान, या स्वच्छता अभियान की पहल हो। संध्या सोनी इस सोच को आगे बढ़ाते हुए नगर परिषद क्षेत्र की महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को सहयोग प्रदान कर रही हैं। दोनों का मानना है कि समाज के हर वर्ग को ऐसे अवसरों पर बिना भेदभाव सहायता मिलनी चाहिए।

स्थानीय जनता की सराहना और भावनात्मक जुड़ाव

गढ़वा के स्थानीय लोगों ने इस पहल की खुलकर प्रशंसा की है। कई व्रतियों ने कहा कि आम की लकड़ी की समय पर उपलब्धता से उन्हें पूजा की तैयारी में बड़ी राहत मिली है। यह पहल व्रतियों के लिए सुविधा ही नहीं, बल्कि श्रद्धा और सम्मान का भी प्रतीक बन गई है। लोगों का कहना है कि दौलत और संध्या सोनी जैसे लोग समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा हैं, जो हर वर्ष अपने कर्मों से यह साबित करते हैं कि सेवा ही सच्ची पूजा है।

दौलत सोनी ने कहा: “हमारा उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि आस्था के इस महापर्व में हर व्रती के चेहरे पर संतोष और श्रद्धा की मुस्कान लाना है।”

टीम दौलत की सेवा भावना बनी उदाहरण

टीम दौलत की यह निरंतर सामाजिक पहल अब गढ़वा में प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। हर वर्ष सैकड़ों व्रती उनके प्रयास से लाभान्वित होते हैं। इस कार्य में युवाओं की भी बड़ी भागीदारी देखी जा रही है, जो यह दर्शाता है कि समाज की नई पीढ़ी भी सेवा और संस्कार दोनों को अपनाने में आगे है।

न्यूज़ देखो: आस्था और सेवा का संगम बना गढ़वा

छठ जैसे महापर्व पर जब लोग श्रद्धा और विश्वास से भरे होते हैं, तब टीम दौलत जैसे प्रयास समाज में विश्वास, एकता और सहयोग की भावना को और मजबूत करते हैं। यह पहल दिखाती है कि सच्ची सामाजिक सेवा वही है जो आस्था को सम्मान दे और मानवता को ऊंचा उठाए।

News dekho specials

हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

भक्ति में सेवा, सेवा में एकता

छठ महापर्व हमें सिखाता है कि समर्पण और सहयोग से ही समाज प्रगति कर सकता है। दौलत और संध्या सोनी जैसे लोग इस सोच को जीवंत कर रहे हैं। आइए, इस छठ पर हम भी समाजसेवा और स्वच्छता का संकल्प लें। अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और इस प्रेरक पहल को आगे बढ़ाएं ताकि हर व्रती तक श्रद्धा और सहयोग का संदेश पहुंचे।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Related News

Back to top button
🔔

Notification Preferences

error: