
#गुमला #जागरूकता_शिविर : DAWN शिविर में युवाओं को नशा से दूर रहने की सलाह दी गई।
पालकोट प्रखंड के बाघिमा पंचायत में बुधवार को DAWN (ड्रग्स अवेयरनेस एंड वेलनेस नेटवर्क) जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुमला के मार्गदर्शन में नालसा, नई दिल्ली एवं झालसा, रांची के सहयोग से संपन्न हुआ। शिविर का उद्देश्य युवाओं और ग्रामीणों को नशा और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराना था। इसमें कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
- शिविर का आयोजन बाघिमा पंचायत सेन्टर कॉलोनी, पालकोट प्रखंड, गुमला में।
- कार्यक्रम का संचालन पैरालीगल वॉलंटियर (PLV) श्री राजू साहू ने किया।
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ध्रुव चंद्र मिश्रा एवं सचिव रामकुमार लाल गुप्ता ने मार्गदर्शन प्रदान किया।
- ग्रामीणों और युवाओं को नशा, धूम्रपान और मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से अवगत कराया गया।
- उपस्थित लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
- ग्रामीणों ने निरंतर ऐसे जागरूकता अभियान आयोजित करने की मांग की।
पालकोट प्रखंड के बाघिमा पंचायत में आयोजित DAWN जागरूकता शिविर में युवाओं और ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य था कि युवा मादक पदार्थों से दूर रहें और अपने स्वास्थ्य एवं सामाजिक जीवन को सुरक्षित रखें। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से कानूनी सहायता की जानकारी भी दी गई, ताकि जरूरतमंद लोग इसका लाभ उठा सकें।
शिविर का संचालन और आयोजन
शिविर का संचालन पैरालीगल वॉलंटियर (PLV) श्री राजू साहू ने किया। उन्होंने उपस्थित युवाओं और ग्रामीणों से संवाद करते हुए नशे के खतरों को स्पष्ट रूप से समझाया। कार्यक्रम में बताया गया कि मादक पदार्थों का सेवन शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है।
ध्रुव चंद्र मिश्रा, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुमला ने कहा:
“हमारा प्रयास है कि युवाओं को नशे से दूर रखकर समाज को स्वस्थ और सुरक्षित बनाया जाए। जागरूकता और शिक्षा ही इसके लिए सबसे मजबूत हथियार हैं।”
युवाओं और ग्रामीणों को संदेश
शिविर में वक्ताओं ने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और अपने परिवार और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है।
रामकुमार लाल गुप्ता, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा:
“हम कानूनी सहायता योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी मदद प्रदान कर रहे हैं। इसका लाभ उठाना समाज के लिए महत्वपूर्ण है।”
कानूनी सहायता और समाज में जागरूकता
शिविर में उपस्थित लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय और जरूरतमंद व्यक्तियों को कानूनी मदद प्रदान करती है।
स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताया और इसे नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता अभियानों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है और युवा मादक पदार्थों से दूर रहते हैं।

न्यूज़ देखो: नशा मुक्त समाज की दिशा में कदम
पालकोट में आयोजित DAWN जागरूकता शिविर यह दिखाता है कि समाज में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता फैलाना कितना महत्वपूर्ण है। यह अभियान न केवल युवाओं को सुरक्षित रखने में सहायक है बल्कि समाज में सामाजिक और कानूनी चेतना को भी मजबूत करता है। ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ और सशक्त बन सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सक्रिय नागरिक बनें और नशा मुक्त समाज की पहल में सहयोग दें
नशा केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि समाज के लिए भी खतरा है। जागरूक रहें, युवा और बच्चों को इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराएं। अपने इलाके में ऐसे कार्यक्रमों का हिस्सा बनें और दूसरों को भी इसके लाभ के बारे में बताएं। कमेंट में अपनी राय साझा करें, खबर को साझा करें और सक्रिय होकर समाज में बदलाव लाएं। यही सच्ची सेवा और जिम्मेदारी है।





