
#गुमला #सड़क_सुरक्षा : बढ़ते हादसों पर जिला प्रशासन सख्त—हेलमेट, रॉन्ग साइड और स्टंट पर कड़ी कार्रवाई।
गुमला जिले में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जनवरी माह में 22 लोगों की मौत और 20 से अधिक के गंभीर रूप से घायल होने के बाद प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्णय लिया है। बैठक में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कड़े दंड, लाइसेंस निलंबन और वाहनों की जब्ती जैसे सख्त निर्देश जारी किए गए। साथ ही सड़क इंजीनियरिंग सुधारों को तय समय सीमा में पूरा करने का आदेश दिया गया।
- जनवरी में 22 लोगों की मौत, 20 से अधिक गंभीर रूप से घायल।
- पिलियन राइडर के लिए भी हेलमेट अनिवार्य किया गया।
- रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर 2 घंटे की रोड सेफ्टी क्लास अनिवार्य।
- नो हेलमेट-नो पेट्रोल नियम लागू करने के निर्देश।
- ब्लैक स्पॉट सुधार और अतिक्रमण हटाने का समयबद्ध आदेश।
गुमला जिले में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर प्रशासन अब किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने साफ शब्दों में कहा कि अब केवल जागरूकता से काम नहीं चलेगा, बल्कि सख्त कार्रवाई और दंडात्मक प्रावधानों के जरिए नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में जनवरी माह के चिंताजनक आंकड़ों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
चिंताजनक आंकड़े, जनवरी में उजड़ गए 22 घर
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जनवरी महीने में ही जिले में हुए सड़क हादसों में 22 से अधिक लोगों की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इन आंकड़ों ने प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है। उपायुक्त ने कहा कि हर दुर्घटना के पीछे एक परिवार का दर्द जुड़ा होता है, जिसे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
दोपहिया वाहन और स्टंट पर सख्त शिकंजा
प्रशासन ने दोपहिया वाहन चालकों के लिए कड़े नियम लागू करने का निर्णय लिया है। निर्देश के अनुसार यदि कोई बाइक चालक बिना हेलमेट पाया जाता है, तो चालान के साथ-साथ उसका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। इसके साथ ही पीछे बैठने वाले पिलियन राइडर के लिए भी हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके अलावा जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर नो हेलमेट-नो पेट्रोल नियम को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया गया है। वहीं पटाखा बुलेट, मॉडिफाइड साइलेंसर और स्टंट करने वालों के खिलाफ वाहन जब्ती और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई होगी। ‘रोड सेफ्टी मित्र’ सोशल मीडिया पर वीडियो के माध्यम से ऐसे लोगों की पहचान कर पुलिस को सूचना देंगे।
भारी वाहनों और ट्रैक्टरों पर कार्रवाई
बैठक में भारी वाहनों और ट्रैक्टरों से जुड़ी लापरवाही पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। बिना नंबर प्लेट और कृषि कार्य की आड़ में व्यावसायिक उपयोग हो रहे ट्रैक्टरों को सीधे जब्त करने का निर्देश दिया गया है।
इसके साथ ही मोटरसाइकिल, ट्रक, बस और पिकअप वैन में लगी आंखें चौंधियाने वाली LED लाइट्स को मौके पर ही उतरवाकर नष्ट किया जाएगा। कमर्शियल वाहनों में लगे स्पीड गवर्नर की भौतिक जांच होगी और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ पाए जाने पर परमिट रद्द कर दिया जाएगा।
रॉन्ग साइड ड्राइविंग और नाइट विजिबिलिटी पर फोकस
गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के लिए प्रशासन ने अनोखा लेकिन सख्त कदम उठाया है। ऐसे चालकों को आर्थिक दंड के साथ-साथ अनिवार्य रूप से 2 घंटे की रोड सेफ्टी क्लास लेनी होगी।
इसके अलावा ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ जांच अभियान और तेज किया जाएगा। रात में हादसों को रोकने के लिए साइकिल, सरिया लदे वाहन और सड़क किनारे खड़े ट्रकों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाना अनिवार्य किया गया है।
सड़क इंजीनियरिंग सुधार और अतिक्रमण हटाओ अभियान
उपायुक्त ने सड़क ढांचे में सुधार को लेकर भी समयबद्ध निर्देश दिए। कार्तिक उरांव कॉलेज गेट और गुमला-उर्मी बाईपास से अतिक्रमण हटाने का आदेश अंचल अधिकारी को दिया गया है। उर्मी बाईपास पर गोलंबर निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
इसके अलावा बसिया के देवी गुड़ी मोड़ के तीखे मोड़ को 15 दिनों में चौड़ा करने और नागफेनी पुल के पास रफ्तार नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम जुरा और कुसुम्बाहा मोड़ के खतरनाक कट बंद कर नए मीडियन कट बनाने का आदेश देते हुए 28 फरवरी तक सभी कार्य पूरे करने का सख्त निर्देश दिया गया है।
सड़क दुर्घटना में मदद करने वालों का सम्मान
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले नेक नागरिकों (Good Samaritans) की सूची जल्द सार्वजनिक की जाएगी। ऐसे मददगारों को सरकार की ओर से ₹2000 नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, ताकि समाज में मदद की भावना को प्रोत्साहन मिले।
न्यूज़ देखो: कड़े फैसले, लेकिन अब अमल सबसे जरूरी
गुमला में सड़क हादसों को लेकर प्रशासन का सख्त रुख स्वागतयोग्य है, लेकिन इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सबसे अहम होगा। हेलमेट, रॉन्ग साइड और स्टंट पर कार्रवाई से निश्चित रूप से हादसों में कमी आ सकती है। अब देखना होगा कि तय समय सीमा में इंजीनियरिंग सुधार और निगरानी कितनी प्रभावी रहती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
हर जीवन अनमोल, नियमों से ही सुरक्षित सफर
सड़क पर एक छोटी लापरवाही पूरे परिवार की खुशियां छीन सकती है। नियमों का पालन करना केवल कानून नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है।
हेलमेट पहनें, सही दिशा में चलें और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
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