#गढ़वा #न्याय_अभियान : हत्याकांड की निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग उठी।
गढ़वा में दिव्यांशु गुप्ता हत्याकांड को लेकर राष्ट्रीय तेली साहू समाज ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। समाज के प्रतिनिधियों और मृतक के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच, सभी पहलुओं की पड़ताल तथा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। ज्ञापन में कई संदिग्ध परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए हत्या को आत्महत्या का रूप देने की आशंका जताई गई है। समाज ने प्रशासन से त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है।
- दिव्यांशु गुप्ता हत्याकांड को लेकर राष्ट्रीय तेली साहू समाज ने एसपी को ज्ञापन सौंपा।
- गढ़वा थाना कांड संख्या 350/26 की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई।
- परिजनों ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने की आशंका जताई।
- सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों की जांच की मांग उठी।
- मृतक के पिता बाबू राम गुप्ता ने मामले की गहन जांच कराने का अनुरोध किया।
- समाज के पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का संकल्प दोहराया।
गढ़वा में स्वर्गीय दिव्यांशु गुप्ता की मौत के मामले को लेकर न्याय की मांग तेज होती जा रही है। सोमवार, 8 जून 2026 को राष्ट्रीय तेली साहू समाज के प्रतिनिधियों ने मृतक के पिता बाबू राम गुप्ता के साथ पुलिस अधीक्षक गढ़वा को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। समाज के लोगों का कहना है कि घटना से जुड़े कई तथ्य ऐसे हैं जिनकी गंभीरता से जांच की जानी आवश्यक है।
ज्ञापन में कहा गया है कि दिव्यांशु गुप्ता की मौत को प्रथम दृष्टया आत्महत्या का रूप दिया गया, जबकि परिजनों को कई ऐसे पहलुओं पर संदेह है जो हत्या की ओर संकेत करते हैं। इस कारण पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में उठाए गए महत्वपूर्ण सवाल
मृतक के पिता बाबू राम गुप्ता द्वारा दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि उनके पुत्र दिव्यांशु गुप्ता की मौत 29 मई 2026 को हुई थी। मामले में गढ़वा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जिसका कांड संख्या 350/26 बताया गया है।
परिजनों का आरोप है कि दिव्यांशु गुप्ता का शव रामा साहू उच्च विद्यालय के फुटबॉल स्टेडियम परिसर में मिला था और उसे फांसी लगाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। आवेदन में यह भी कहा गया है कि घटनास्थल की परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं, जिनकी जांच आवश्यक है।
हत्या की आशंका क्यों जता रहा परिवार
ज्ञापन के अनुसार मृतक के गले पर चारों ओर निशान पाए गए थे। परिजनों का दावा है कि परिस्थितियां सामान्य आत्महत्या की घटना से मेल नहीं खातीं और ऐसा प्रतीत होता है कि एक से अधिक लोगों की संलिप्तता हो सकती है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि दिव्यांशु गुप्ता जिस स्थान पर कार्य करता और रहता था, वहां से उसके कपड़े, किताबें तथा शैक्षणिक प्रमाण पत्र नहीं मिले। परिजनों ने इसे भी संदेह का विषय बताया है।
सीसीटीवी और कॉल डिटेल की जांच की मांग
परिवार ने ज्ञापन में कहा है कि जिस परिसर में दिव्यांशु रह रहा था, वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। हालांकि घटना के बाद कैमरों को खराब बताया जा रहा है। परिजनों ने कैमरों की तकनीकी जांच और उपलब्ध फुटेज की समीक्षा की मांग की है।
इसके अलावा मृतक का मोबाइल फोन पुलिस द्वारा जब्त किए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है। परिवार ने मोबाइल की कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर मामले की सच्चाई सामने लाने का अनुरोध किया है।
पूर्व विवाद का भी किया गया उल्लेख
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि घटना से कुछ दिन पूर्व दिव्यांशु गुप्ता का एक युवक के साथ किसी युवती को लेकर विवाद हुआ था। परिजनों ने इस पहलू की भी जांच कराने की मांग की है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
परिवार का कहना है कि मामले की हर संभावित दिशा में जांच होनी चाहिए और किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
बड़ी संख्या में समाज के लोग रहे मौजूद
एसपी को ज्ञापन सौंपने के दौरान राष्ट्रीय तेली साहू समाज के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता, मृतक के पिता बाबू राम गुप्ता, अनूप कुमार गुप्ता, किशोर प्रसाद गुप्ता, आनंद गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, रूपेश गुप्ता, अनिल कुमार गुप्ता, सुनील गुप्ता, विशाल गुप्ता, अविनाश गुप्ता (न्यूज़ देखो पत्रकार) सहित समाज के कई सदस्य उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
समाज ने न्याय मिलने तक संघर्ष का दिया संकेत
बैठक और ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं बल्कि न्याय और कानून व्यवस्था से जुड़ा विषय है। समाज के लोगों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द सच्चाई सामने लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि दोषी सामने आते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में कानून के प्रति विश्वास बना रहे।

न्यूज़ देखो: निष्पक्ष जांच ही दूर करेगी सभी आशंकाएं
दिव्यांश गुप्ता की मौत को लेकर परिजनों और समाज द्वारा उठाए गए सवाल जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। किसी भी संवेदनशील मामले में तथ्यों, वैज्ञानिक साक्ष्यों और निष्पक्ष जांच के आधार पर ही सच्चाई सामने आती है। प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि सभी पहलुओं की पारदर्शी जांच कर पीड़ित परिवार और समाज की शंकाओं का समाधान किया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
न्याय के लिए जागरूक समाज की भूमिका अहम
जब समाज कानून के दायरे में रहकर न्याय की मांग करता है, तब लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होती है। किसी भी घटना में अफवाहों से बचते हुए जांच प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना भी आवश्यक है।
आइए, हम सभी न्याय, पारदर्शिता और कानून के शासन के पक्ष में खड़े रहें। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता और सत्य की खोज ही एक मजबूत समाज की पहचान है।
दिव्यांश गुप्ता मामले में आपकी क्या राय है? अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में साझा करें, खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और न्याय की इस आवाज को मजबूत बनाएं।

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