#बानो #अनुमंडल_मांग : मंच के अध्यक्ष बिरजो कंडुलना की अध्यक्षता में रणनीति पर हुई चर्चा।
सिमडेगा जिले के बानो में अनुमंडल की मांग को लेकर आंदोलन तेज होता दिख रहा है। डाक बंगला बानो में आयोजित आवश्यक बैठक में मंच के सदस्यों ने अब तक की प्रगति की समीक्षा की और आगे की रणनीति तय की। बैठक में विभिन्न पंचायतों की सहमति और जनप्रतिनिधियों के समर्थन पर चर्चा हुई।
- अध्यक्ष बिरजो कंडुलना की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक।
- बानो को अनुमंडल बनाने हेतु जनसमर्थन व पंचायतों की सहमति पर चर्चा।
- जनप्रतिनिधियों द्वारा सहयोग के आश्वासन की जानकारी।
- ग्रामीणों के बीच चंदा रसीद वितरण कर आंदोलन को संगठित करने की पहल।
- विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड मुख्यालय स्थित डाक बंगला परिसर में शुक्रवार को “बानो को अनुमंडल बनाओ मंच” की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष बिरजो कंडुलना ने की। इस दौरान बानो को अनुमंडल बनाने की मांग को लेकर अब तक किए गए प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की गई और आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में बताया गया कि बानो प्रखंड सहित आसपास के दो अन्य प्रखंडों की कुछ पंचायतों से अनुमंडल गठन के समर्थन में सहमति प्राप्त हुई है। साथ ही विभिन्न जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर उन्हें मांग से अवगत कराया गया, जिन्होंने सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया है।
पार्टी भावना से ऊपर उठकर एकजुटता की अपील
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष बिरजो कंडुलना ने कहा:
“हमें पार्टी भावना से ऊपर उठकर बानो के विकास के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य की है।”
उन्होंने कहा कि अनुमंडल बनने से प्रशासनिक सुविधा बढ़ेगी, दूर-दराज के गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय की दूरी से राहत मिलेगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी।
सचिव ने बताया अब तक की प्रगति
मंच के सचिव चूड़ामणि यादव ने कहा कि जिन-जिन पदाधिकारियों से प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की, सभी ने सहयोग की बात कही है।
“अब हमें सामूहिक रूप से आगे की कार्ययोजना बनाकर आंदोलन को मजबूत करना होगा, ताकि बानो को अनुमंडल का दर्जा मिल सके।”
बैठक में मंच के संचालन और जनसंपर्क अभियान को गति देने के लिए प्रखंड क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच चंदा रसीद वितरण पर भी चर्चा की गई। सदस्यों ने निर्णय लिया कि जनजागरूकता अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा।
बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित
बैठक में आनंद मसीह तोपनो, राजेश बड़ाईक, गंगा प्रसाद सिंह, विश्वनाथ बड़ाईक, मो. रफीक, सीता कुमारी, सोमारी कैथवार, जगदेव सिंह, बालमुकुंद सिंह, मो. तनु, संतोष साहू, गोपाल महतो, महेश सिंह, जय मसीह होरो सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद थे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि बानो को अनुमंडल बनाने की मांग क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़ी है और इसके लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा।
अनुमंडल बनने से क्या होगा लाभ
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि बानो को अनुमंडल का दर्जा मिलता है तो राजस्व, प्रशासनिक और विकास से जुड़ी कई सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। आम नागरिकों को प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं समेत अन्य कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
इस मांग को लेकर मंच आगे भी जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार से संवाद जारी रखेगा।
न्यूज़ देखो: विकास की राह में प्रशासनिक सुविधा अहम
किसी भी क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए प्रशासनिक इकाई का विस्तार महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि जनभावना और जरूरत स्पष्ट हो, तो सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। बानो की यह मांग अब संगठित रूप लेती दिख रही है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एकजुट हों, विकास की दिशा तय करें
क्षेत्र का भविष्य हमारे सामूहिक प्रयासों से तय होता है।
शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है।
विकास के मुद्दों पर जागरूक बनें और रचनात्मक पहल का हिस्सा बनें।
इस खबर को साझा करें और अपने क्षेत्र की आवाज को मजबूत बनाएं।