सलैया स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग तेज, संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन की चेतावनी देकर रेल मंत्रालय पर बढ़ाया दबाव

सलैया स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग तेज, संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन की चेतावनी देकर रेल मंत्रालय पर बढ़ाया दबाव

author News देखो Team
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#सलैया #रेल_सुविधा : एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव और स्टेशन रोड निर्माण की मांग हुई तेज।

गिरिडीह जिले के सलैया रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर सलैया संघर्ष मोर्चा की आठवीं साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता और माले नेता राजेश सिन्हा सहित कई स्थानीय प्रतिनिधियों ने रेल सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की। वक्ताओं ने रेलवे मंत्रालय और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन देने के बावजूद मांगें पूरी नहीं होने पर नाराजगी जताई। संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो चरणबद्ध और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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  • सलैया संघर्ष मोर्चा की आठवीं साप्ताहिक बैठक रविवार को संपन्न हुई।
  • गौतम सोनी और तुलसी राणा ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग दोहराई।
  • राजेश सिन्हा ने स्टेशन रोड निर्माण और रेल सुविधाओं पर आंदोलन की चेतावनी दी।
  • गोड्डा-दिल्ली एक्सप्रेस और आसनसोल-रांची एक्सप्रेस के ठहराव की मांग उठी।
  • तेलंगाना प्रवासी संघ ने प्रवासी मजदूरों और युवाओं की परेशानी का मुद्दा उठाया।
  • मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध और उग्र आंदोलन की घोषणा की गई।

सलैया रेलवे स्टेशन को बेहतर रेल सुविधाओं से जोड़ने और यहां एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित कराने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। रविवार को आयोजित सलैया संघर्ष मोर्चा की आठवीं साप्ताहिक बैठक में क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रवासी संघ प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने रेलवे विभाग के प्रति नाराजगी व्यक्त की। बैठक में कहा गया कि लंबे समय से ज्ञापन, वार्ता और लोकतांत्रिक प्रयासों के बावजूद अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। ऐसे में आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी की जा रही है।

संघर्ष मोर्चा के प्रयासों की हुई सराहना

सामाजिक कार्यकर्ता सह माले नेता राजेश सिन्हा ने सलैया संघर्ष मोर्चा के युवाओं को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों से मोर्चा लगातार सकारात्मक और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाता रहा है।

उन्होंने बताया कि मोर्चा के प्रतिनिधियों ने रेलवे विभाग, धनबाद डीआरएम, रेल मंत्री तथा विभिन्न सांसदों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपे हैं। इनमें गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, कोडरमा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी तथा राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद शामिल हैं।

राजेश सिन्हा ने कहा: “सलैया संघर्ष मोर्चा के युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई लड़ी है। यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो अब केवल कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।”

स्टेशन रोड निर्माण पर भी उठी आवाज

राजेश सिन्हा ने कहा कि सलैया स्टेशन रोड के निर्माण को लेकर पहले हुए आंदोलन की तरह ही रेल सुविधाओं के मुद्दे पर भी परिणाम चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि स्टेशन रोड और रेल ठहराव से जुड़ी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

राजेश सिन्हा ने कहा: “सलैया रेलवे स्टेशन रोड जल्द बने, वरना फिर से जोरदार आंदोलन होगा।”

एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग पर हुई चर्चा

बैठक की अध्यक्षता और संचालन के दौरान गौतम सोनी ने बताया कि सलैया संघर्ष मोर्चा की यह आठवीं साप्ताहिक बैठक थी, जिसमें गिरिडीह और सलैया क्षेत्र की रेल सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

तुलसी राणा, अनिल सिंह और निशु सिंह ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य रेल मंत्रालय और जनप्रतिनिधियों को यह बताना था कि सलैया स्टेशन पर किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नहीं होने से आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गौतम सोनी ने कहा: “सलैया स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव क्षेत्र की जरूरत है और यह मांग पूरी तरह न्यायसंगत है।”

बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि स्टेशन की भौगोलिक स्थिति और यात्री संख्या को देखते हुए यहां ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए।

दो प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग

अमित छापरिया और मिथलेश पांडेय ने कहा कि प्रारंभिक चरण में कम से कम दो ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने गोड्डा-दिल्ली एक्सप्रेस और आसनसोल-रांची एक्सप्रेस को सलैया स्टेशन पर दो-दो मिनट रोकने की मांग रखी। उनका कहना था कि यह तकनीकी रूप से संभव है और इससे हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

अमित छापरिया ने कहा: “न्यू गिरिडीह स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव समय में मामूली समायोजन कर सलैया स्टेशन पर भी दो मिनट का ठहराव दिया जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि यह निर्णय रेलवे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के स्तर पर लिया जा सकता है।

प्रवासी मजदूरों और युवाओं की परेशानी का मुद्दा उठा

तेलंगाना प्रवासी संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सहित कन्हैया खेतान और बीरेंद्र पांडेय ने कहा कि क्षेत्र के बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैदराबाद, बेंगलुरु, मुंबई और अन्य महानगरों में जाते हैं।

उनका कहना था कि यदि सलैया स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव मिल जाए तो प्रवासी मजदूरों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को काफी सुविधा होगी।

संजय कुमार ने कहा: “बेहतर रेल सुविधा मिलने से हजारों परिवारों का समय और आर्थिक बोझ दोनों कम होगा।”

वहीं संदीप पांडेय, सचिन राम, सिकंदर गोप, श्रीकांत और मिथलेश पांडेय ने कहा कि यदि क्षेत्र में पर्याप्त रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा सकता, तो कम से कम बेहतर परिवहन और रेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

आसपास के 50 गांवों के लिए महत्वपूर्ण है सलैया स्टेशन

वीरेंद्र पांडेय, संतोष पांडेय और सन्नी ने कहा कि सलैया रेलवे स्टेशन केवल एक गांव का स्टेशन नहीं है, बल्कि आसपास के बोडो, भंडारीडीह, मकतपुर समेत लगभग 50 गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है।

उन्होंने कहा कि यह स्टेशन सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहतर है और यदि यहां एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव शुरू हो जाए तो पूरे क्षेत्र को लाभ मिलेगा।

बैठक में ये लोग रहे उपस्थित

बैठक में मुख्य रूप से राजेश सिन्हा, गौतम सोनी, अमित छापरिया, श्रीकांत, मिथलेश पांडेय, अनिल पाण्डेय, निशु सिंह, तुलसी राणा, राजकुमार, बीरेन्द्र पाण्डेय, सनी, कन्हैया खैतान, संतोष पाण्डेय, संदीप पाण्डेय, सिकंदर गोप, राजकुमार साव, गौतम विश्वकर्मा, मोहन तिवारी, सन्नी चौरसिया, संजू जी (प्रवासी संघ अध्यक्ष), सचिन राम सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

न्यूज़ देखो: क्या सलैया की आवाज अब रेलवे तक पहुंचेगी?

सलैया रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग कोई नई मांग नहीं है, बल्कि वर्षों से क्षेत्रीय जनता की आवश्यकता रही है। लगातार ज्ञापन, बैठकें और लोकतांत्रिक प्रयास इस बात का संकेत हैं कि स्थानीय लोग अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं। यदि वास्तव में हजारों यात्रियों को इस सुविधा से लाभ मिल सकता है, तो रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। अब सवाल यह है कि क्या लंबे समय से चल रही यह मांग जल्द पूरी होगी या फिर क्षेत्र को एक और बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जनहित की आवाज को मजबूत बनाएं

विकास तभी सार्थक होता है जब उसकी पहुंच अंतिम व्यक्ति तक हो। बेहतर रेल सुविधा केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा और सामाजिक प्रगति का माध्यम भी है।

यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसी कोई जनसमस्या है, तो लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाना जरूरी है। जागरूक नागरिक ही विकास की दिशा तय करते हैं।

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