#सिमडेगा #सम्मान_समारोह : एशिया कप में कांस्य पदक जीतने वाली खिलाड़ियों को उपायुक्त ने सम्मानित किया।
जापान में आयोजित अंडर-18 महिला एशिया कप हॉकी 2026 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य सिमडेगा की बेटियां पुष्पा मांझी और संदीपा कुमारी को उपायुक्त कंचन सिंह ने सम्मानित किया। खिलाड़ियों की प्रशिक्षक तारिणी कुमारी को भी इस अवसर पर सम्मान मिला। उपायुक्त ने खिलाड़ियों की उपलब्धि को जिले और राज्य के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह सम्मान समारोह युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का संदेश लेकर आया।
- उपायुक्त कंचन सिंह ने एशिया कप विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
- पुष्पा मांझी और संदीपा कुमारी ने भारत के लिए कांस्य पदक जीतने में निभाई थी अहम भूमिका।
- खिलाड़ियों के साथ उनकी प्रशिक्षक तारिणी कुमारी को भी किया गया सम्मानित।
- उपायुक्त ने खिलाड़ियों को बुके, मोमेंटो और माला देकर बढ़ाया उत्साह।
- खिलाड़ियों की उपलब्धि को जिले और राज्य के लिए बताया गौरव का विषय।
- समारोह में मनोज कुमार और मनोज कोनबेगी सहित खेल जगत के कई लोग रहे उपस्थित।
जापान में आयोजित अंडर-18 महिला एशिया कप हॉकी 2026 में शानदार प्रदर्शन कर भारत को कांस्य पदक दिलाने वाली सिमडेगा की होनहार खिलाड़ियों पुष्पा मांझी और संदीपा कुमारी को जिले में सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सफलता हासिल कर लौटने के बाद दोनों खिलाड़ियों का लगातार स्वागत किया जा रहा है। इसी क्रम में उपायुक्त कंचन सिंह ने अपने कार्यालय कक्ष में दोनों खिलाड़ियों और उनकी प्रशिक्षक तारिणी कुमारी को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
यह सम्मान समारोह केवल खिलाड़ियों की उपलब्धि का सम्मान नहीं था, बल्कि जिले के उन हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का अवसर बना जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का सपना देखते हैं।
उपायुक्त कार्यालय में हुआ सम्मान समारोह
जिला समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान उपायुक्त कंचन सिंह ने खिलाड़ियों को बुके, मोमेंटो एवं माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने दोनों खिलाड़ियों की मेहनत, लगन और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।
उपायुक्त ने कहा कि सिमडेगा लंबे समय से हॉकी प्रतिभाओं की धरती रहा है और यहां की बेटियां लगातार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।
उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि सिमडेगा की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिले, झारखंड और देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
एशिया कप में दिखाया था दमदार प्रदर्शन
गौरतलब है कि जापान में 29 मई से 6 जून 2026 तक आयोजित अंडर-18 महिला एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया था।
इस प्रतियोगिता में सिमडेगा की खिलाड़ी पुष्पा मांझी और संदीपा कुमारी भारतीय टीम का हिस्सा थीं। दोनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन खेल दिखाया और महत्वपूर्ण मुकाबलों में टीम की सफलता में अहम योगदान दिया।
उनके प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सिमडेगा की धरती आज भी देश को उत्कृष्ट हॉकी खिलाड़ी देने में अग्रणी है।
प्रशिक्षक तारिणी कुमारी को भी मिला सम्मान
सम्मान समारोह में खिलाड़ियों की प्रशिक्षक तारिणी कुमारी को भी सम्मानित किया गया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके प्रशिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
तारिणी कुमारी ने वर्षों से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खिलाड़ियों की उपलब्धि में उनके मार्गदर्शन और मेहनत की भी बड़ी भूमिका रही है।
हॉकी की नर्सरी के रूप में सिमडेगा की पहचान
सिमडेगा को लंबे समय से “हॉकी की नर्सरी” के रूप में जाना जाता है। यहां के गांवों और कस्बों से निकलकर कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
पुष्पा मांझी और संदीपा कुमारी की सफलता इस गौरवशाली परंपरा की एक और कड़ी है। खेल प्रेमियों का मानना है कि जिले में उपलब्ध खेल संस्कृति, प्रशिक्षकों की मेहनत और खिलाड़ियों की लगन ने सिमडेगा को हॉकी मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाई है।
खेल जगत के प्रतिनिधि रहे उपस्थित
सम्मान समारोह में जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार, हॉकी झारखंड के उपाध्यक्ष मनोज कोनबेगी सहित कई खेल प्रेमी और खेल से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित थे।
सभी ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसी उपलब्धियां जिले के अन्य खिलाड़ियों को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करती हैं।
युवा खिलाड़ियों के लिए बनीं प्रेरणा
पुष्पा और संदीपा की सफलता ने यह साबित किया है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उनकी उपलब्धि जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर मिलें तो सिमडेगा से भविष्य में और भी कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकल सकते हैं।
न्यूज़ देखो: सम्मान केवल उपलब्धि का नहीं, प्रेरणा का भी
किसी खिलाड़ी की सफलता तब और महत्वपूर्ण हो जाती है जब उसे समाज और प्रशासन दोनों का सम्मान प्राप्त हो। पुष्पा मांझी और संदीपा कुमारी का सम्मान समारोह इस बात का प्रतीक है कि मेहनत और प्रतिभा को पहचान मिल रही है। यह सम्मान जिले के उन हजारों बच्चों के लिए भी संदेश है जो खेल के मैदान में अपने सपनों को आकार दे रहे हैं। सिमडेगा की यह उपलब्धि भविष्य की नई संभावनाओं का संकेत देती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सपनों को मंजिल तक पहुंचाने का यही है रास्ता
मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ही सफलता की सबसे मजबूत नींव है।
सिमडेगा की बेटियों ने साबित कर दिया कि छोटे शहरों और गांवों से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमका जा सकता है।
यदि आपके आसपास भी कोई प्रतिभा है तो उसका उत्साह बढ़ाइए और उसे आगे बढ़ने का अवसर दीजिए।
खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और पहचान बनाने का रास्ता भी है।
आप इन होनहार खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दें, खबर को साझा करें और जिले की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के इस अभियान का हिस्सा बनें।

🗣️ Join the Conversation!
What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).