
#सिमडेगा #कृषि_योजना : सलडेगा बीज गुणन प्रक्षेत्र में कृषक पाठशाला योजना की प्रगति धीमी मिलने पर उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिए।
सिमडेगा जिले के सलडेगा स्थित बीज गुणन प्रक्षेत्र में उपायुक्त कंचन सिंह ने समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृषक पाठशाला योजना का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान योजनांतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति अपेक्षित स्तर से कम पाई गई, जिस पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने क्रियान्वयन एजेंसी को एक सप्ताह में ठोस सुधार का निर्देश देते हुए चेतावनी दी। यह निरीक्षण किसानों को प्रशिक्षण और आजीविका सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया।
- उपायुक्त कंचन सिंह ने सलडेगा बीज गुणन प्रक्षेत्र में किया स्थल निरीक्षण।
- झारखंड सेवा समिति, रांची द्वारा संचालित योजना की प्रगति की समीक्षा।
- कार्यों की धीमी गति और मानकों की अनदेखी पर नाराजगी।
- एक सप्ताह के भीतर ठोस सुधार के निर्देश, अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी।
- कृषक पाठशाला परिसर की साफ-सफाई और सुव्यवस्थित व्यवस्था पर जोर।
- निरीक्षण के समय संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मचारी रहे मौजूद।
सिमडेगा जिले में किसानों से जुड़ी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से उपायुक्त कंचन सिंह ने सलडेगा स्थित बीज गुणन प्रक्षेत्र का दौरा किया। यहां झारखंड सेवा समिति, रांची द्वारा समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृषक पाठशाला योजना का संचालन किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और रख-रखाव की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया। कई स्तरों पर अपेक्षित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और सुधार के सख्त निर्देश दिए।
स्थल निरीक्षण में सामने आई कमियां
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने पाया कि योजना के अंतर्गत चल रहे कई कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे नहीं हो पा रहे हैं। कुछ निर्माण और विकास कार्य अधूरे पाए गए, जबकि कुछ कार्यों में गुणवत्ता का अभाव स्पष्ट रूप से नजर आया। कृषक पाठशाला परिसर में साफ-सफाई और समुचित रख-रखाव की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। उपायुक्त ने मौके पर मौजूद कर्मियों और संस्था के प्रतिनिधियों से कार्यों में देरी के कारणों की जानकारी ली।
उपायुक्त के सख्त निर्देश और चेतावनी
कार्यों की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उपायुक्त कंचन सिंह ने संस्था के प्रतिनिधि को स्पष्ट निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर कार्यों की प्रगति में ठोस और स्पष्ट सुधार नजर आना चाहिए। उन्होंने कहा:
उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा: “किसानों के हित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समय में सुधार नहीं हुआ तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे किए जाएं और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।
कृषक पाठशाला की व्यवस्था सुधारने पर विशेष जोर
उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान कृषक पाठशाला परिसर की साफ-सफाई, नियमित रख-रखाव और सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषक पाठशाला किसानों के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी का महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए यहां की व्यवस्था आदर्श होनी चाहिए। किसानों को यहां आकर आधुनिक कृषि पद्धतियों, बीज उत्पादन और आजीविका के नए अवसरों की जानकारी मिलती है, ऐसे में किसी भी तरह की अव्यवस्था योजना के उद्देश्य को कमजोर करती है।
बिरसा ग्राम विकास योजना का उद्देश्य
समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित आजीविका को सुदृढ़ करना है। इस योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी ज्ञान, उन्नत बीजों की जानकारी और उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक तरीके सिखाए जाते हैं। कृषक पाठशाला योजना इसी लक्ष्य को आगे बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे किसानों को व्यवहारिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है।
प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे। उपायुक्त ने सभी को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि योजनाओं की सफलता के लिए नियमित निगरानी और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण किए जाएंगे, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से किसानों तक पहुंच सके।
न्यूज़ देखो: किसान हित की योजनाओं में लापरवाही पर नहीं होगी नरमी
यह निरीक्षण साफ संकेत देता है कि जिला प्रशासन किसानों से जुड़ी योजनाओं को लेकर गंभीर है और जमीनी स्तर पर किसी भी तरह की लापरवाही को स्वीकार नहीं करेगा। उपायुक्त की सख्ती यह दर्शाती है कि अब योजनाओं की प्रगति केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह खबर क्रियान्वयन एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब यह देखना अहम होगा कि तय समयसीमा में सुधार होता है या प्रशासन आगे की कार्रवाई करता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
किसानों की प्रगति से ही जिले का विकास
कृषि और ग्रामीण विकास की योजनाएं तभी सार्थक होंगी जब उनका सही और समयबद्ध क्रियान्वयन हो। किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग देकर आत्मनिर्भर बनाना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। ऐसी खबरें हमें सजग रहने और जवाबदेही तय करने की प्रेरणा देती हैं।





