
#सिमडेगा #जनता_दरबार : विभिन्न प्रखंडों से आए नागरिकों की शिकायतों पर उपायुक्त ने त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई के आदेश दिए।
सिमडेगा जिले में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त कंचन सिंह ने विभिन्न प्रखंडों से आए ग्रामीणों और आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनता दरबार के दौरान आवास, भूमि विवाद, पेंशन, राशन कार्ड और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। उपायुक्त ने कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और शेष को संबंधित विभागों को निष्पादन हेतु भेजा। यह पहल प्रशासन और आम जनता के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बनी।
- उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुआ जनता दरबार।
- आवास योजना, भूमि विवाद, पेंशन और राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतें प्रमुख।
- कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश।
- शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।
- पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के आदेश।
सिमडेगा जिला मुख्यालय में आयोजित जनता दरबार में प्रशासन और आम लोगों के बीच सीधा संवाद देखने को मिला। उपायुक्त सिमडेगा कंचन सिंह ने जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की समस्याओं को एक-एक कर गंभीरता से सुना। जनता दरबार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना रहा।
जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किन मुद्दों पर आईं सबसे अधिक शिकायतें
जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों में आवास योजना का लाभ नहीं मिलने, भूमि के हस्तांतरण और बटवारे पर रोक, भूमि विवाद, धुमकुड़िया भवन निर्माण कार्य के अनुरूप भुगतान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं।
कई ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से आवेदन देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा था। जनता दरबार में अपनी बात सीधे उपायुक्त तक पहुंचने से लोगों को उम्मीद की नई किरण दिखाई दी।
तत्काल कार्रवाई के निर्देश
उपायुक्त कंचन सिंह ने प्राप्त शिकायतों पर गंभीरता से विचार करते हुए कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को कहा कि पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ शीघ्र दिलाया जाए और जिन मामलों में दस्तावेजों की कमी है, वहां नियमानुसार मार्गदर्शन प्रदान किया जाए।
भूमि विवाद और आवास से जुड़े मामलों में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि तथ्यों की जांच के बाद निष्पक्ष निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुने और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों का पारदर्शी, न्यायसंगत और प्रभावी तरीके से निष्पादन किया जाए।
जो आवेदन तत्काल निष्पादन योग्य नहीं थे, उन्हें नियमानुसार संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को अग्रसारित किया गया, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका समाधान हो सके।
जनता में दिखा संतोष
जनता दरबार में शामिल लोगों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से उन्हें अपनी समस्याएं सीधे जिले के शीर्ष अधिकारी तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। इससे न केवल समाधान की उम्मीद बढ़ती है, बल्कि प्रशासन पर जनता का भरोसा भी मजबूत होता है।



न्यूज़ देखो: प्रशासन और जनता के बीच सेतु
सिमडेगा में आयोजित जनता दरबार यह दर्शाता है कि प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है। यदि दिए गए निर्देशों का समयबद्ध क्रियान्वयन होता है, तो जनता का विश्वास और मजबूत होगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभागीय स्तर पर इन मामलों का निष्पादन कितनी तत्परता से किया जाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवाद से समाधान की ओर
जब प्रशासन जनता की बात सीधे सुनता है, तभी व्यवस्था मजबूत होती है।
जनता दरबार जैसे मंच भरोसे और पारदर्शिता को बढ़ाते हैं।
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