कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चलते रांची जिले के सभी स्कूल 10 जनवरी तक बंद, प्रशासन का बड़ा फैसला

कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चलते रांची जिले के सभी स्कूल 10 जनवरी तक बंद, प्रशासन का बड़ा फैसला

author News देखो Team
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#रांची #शीतलहर_अलर्ट : अत्यधिक ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा के लिए कक्षाएं स्थगित कीं।

झारखंड में जारी कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त के आदेश पर रांची जिले के सभी सरकारी, गैर सरकारी और निजी विद्यालयों में केजी से 12वीं तक की कक्षाएं 9 से 10 जनवरी 2026 तक स्थगित कर दी गई हैं। यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

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  • रांची जिले के सभी सरकारी, गैर सरकारी व निजी स्कूल बंद।
  • केजी से 12वीं तक की कक्षाओं में पठन-पाठन स्थगित।
  • 09 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक आदेश प्रभावी।
  • शीतलहर और अत्यधिक ठंड को देखते हुए निर्णय।
  • 10वीं-12वीं की परीक्षाएं विद्यालय के विवेक पर संचालित।

झारखंड में इन दिनों कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, झारखंड मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी विशेष बुलेटिन में आगामी दिनों तक अत्यधिक ठंड और शीतलहर की चेतावनी दी गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए रांची जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए जिले के सभी विद्यालयों को अस्थायी रूप से बंद रखने का आदेश जारी किया है।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत यह निर्णय लिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रांची जिला अंतर्गत संचालित सभी सरकारी, गैर सरकारी, निजी एवं अल्पसंख्यक विद्यालयों में केजी से लेकर 12वीं तक की कक्षाओं में पठन-पाठन का कार्य दिनांक 09 जनवरी 2026 (शुक्रवार) से 10 जनवरी 2026 (शनिवार) तक पूर्णतः स्थगित रहेगा।

बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता

प्रशासन ने यह फैसला विशेष रूप से छोटे बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया है। अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों में सर्दी, खांसी, निमोनिया और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे अधिक परेशानी होती है। ऐसे में स्कूल बंद रखने का निर्णय अभिभावकों के लिए भी राहत लेकर आया है।

परीक्षाओं को लेकर क्या होगा नियम

कार्यालय आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि उक्त अवधि में किसी विद्यालय में परीक्षा निर्धारित है, तो परीक्षा का संचालन विद्यालय प्रबंधन अपने विवेकानुसार कर सकते हैं। विशेष रूप से 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षाओं को इस आदेश से पूर्णतः बाध्य नहीं किया गया है। यानी बोर्ड या प्री-बोर्ड परीक्षा की स्थिति में विद्यालय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय ले सकते हैं।

शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए निर्देश

हालांकि छात्रों के लिए कक्षाएं स्थगित की गई हैं, लेकिन सरकारी और गैर सरकारी अल्पसंख्यक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को विद्यालय में निर्धारित समय पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि सभी शिक्षक और कर्मचारी ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे और विद्यालय से संबंधित गैर-शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन करेंगे।

इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रशासनिक, शैक्षणिक योजना, रिकॉर्ड संधारण और अन्य आवश्यक कार्य प्रभावित न हों।

पहले भी लिए जा चुके हैं ऐसे निर्णय

गौरतलब है कि झारखंड में हर साल दिसंबर-जनवरी के महीनों में शीतलहर का प्रभाव देखने को मिलता है। पूर्व में भी जिला प्रशासन द्वारा मौसम की गंभीरता को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव या अवकाश की घोषणा की जाती रही है। इस बार भी ठंड के तीखे प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने समय रहते यह फैसला लिया है।

अभिभावकों में राहत, सतर्कता की अपील

स्कूल बंद रहने के आदेश के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। कई अभिभावकों का कहना है कि सुबह-सुबह बच्चों को ठंड में स्कूल भेजना जोखिम भरा होता है। प्रशासन के इस फैसले से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। वहीं, जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं और अनावश्यक रूप से बाहर न भेजें।

न्यूज़ देखो: समय पर लिया गया एहतियाती फैसला

रांची जिला प्रशासन का यह निर्णय दर्शाता है कि मौसम की गंभीरता को लेकर प्रशासन सतर्क है। बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए समय पर स्कूल बंद करने का आदेश एक जिम्मेदार कदम है। अब आगे मौसम की स्थिति के अनुसार प्रशासन क्या अगला फैसला लेता है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले

कड़ाके की ठंड में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
प्रशासन के फैसलों में सहयोग कर हम सभी बच्चों को सुरक्षित रख सकते हैं।
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