
#गिरिडीह #कल्याण_योजनाएं : साइकिल वितरण और छात्रवृत्ति में शत प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश।
गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव ने कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की गहन समीक्षा की। बैठक में साइकिल वितरण, प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की प्रखंडवार जानकारी ली गई। उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सभी योजनाओं में शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए। समीक्षा का उद्देश्य पात्र छात्र-छात्राओं को समय पर लाभ पहुंचाना और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा।
- उपायुक्त रामनिवास यादव ने कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा की।
- साइकिल वितरण योजना की प्रखंडवार प्रगति की गहन जांच।
- वर्ग 8 के अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को साइकिल देने का निर्देश।
- प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति 2024-25 के भुगतान में तेजी लाने को कहा।
- सभी योजनाओं में शत प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने पर जोर।
- कल्याण विभाग को प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश।
गिरिडीह जिले में सामाजिक न्याय और छात्र कल्याण से जुड़ी योजनाओं को गति देने की दिशा में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त रामनिवास यादव ने कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक का फोकस पात्र लाभुकों तक समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ पहुंचाने और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर रहा।
साइकिल वितरण योजना की प्रखंडवार समीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने साइकिल वितरण योजना की प्रखंडवार जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा कि किस प्रखंड में कितनी साइकिलें वितरित की जा चुकी हैं और किन क्षेत्रों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं हुई है।
उपायुक्त रामनिवास यादव ने निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार शत प्रतिशत साइकिल वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि साइकिल योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों की नियमित विद्यालय उपस्थिति और ड्रॉपआउट दर को कम करना है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की देरी सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य को प्रभावित करती है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के विद्यार्थियों पर विशेष फोकस
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में वर्ग 8 में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग के सभी पात्र छात्र-छात्राओं को साइकिल अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षा को सुलभ बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए साइकिल स्कूल तक पहुंच का सबसे मजबूत साधन बनती है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर कोताही नहीं होनी चाहिए।
प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति पर सख्त निर्देश
समीक्षा के दौरान प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना 2024-25 की भी गहन जांच की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन छात्र-छात्राओं का आवेदन स्वीकृत हो चुका है, उन्हें छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान बिना विलंब सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से यदि किसी स्तर पर भुगतान लंबित है, तो उसकी तुरंत पहचान कर समाधान किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि छात्रवृत्ति की राशि समय पर न मिलने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, जो स्वीकार्य नहीं है।
कल्याण विभाग की अन्य योजनाओं की समीक्षा
साइकिल वितरण और छात्रवृत्ति के अलावा उपायुक्त ने कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित अन्य विकासात्मक योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, लाभुकों की संख्या और जमीनी स्तर पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी ली।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का उद्देश्य केवल आंकड़ों की पूर्ति नहीं, बल्कि वास्तविक लाभार्थियों तक प्रभावी लाभ पहुंचाना होना चाहिए। इसके लिए विभागीय समन्वय, नियमित मॉनिटरिंग और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने को कहा गया।
प्रशासनिक जवाबदेही और समयबद्ध कार्य पर जोर
बैठक के दौरान उपायुक्त ने यह स्पष्ट किया कि सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी और जहां भी प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं से संबंधित सभी रिपोर्ट अद्यतन रखें और किसी भी स्तर की समस्या को समय रहते जिला प्रशासन के संज्ञान में लाएं।
उपायुक्त का यह रुख दर्शाता है कि जिला प्रशासन सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं, बल्कि जनहित के वास्तविक साधन के रूप में देख रहा है।
न्यूज़ देखो: कल्याण योजनाओं में सख्ती से आएगी जमीनी सुधार
यह खबर बताती है कि गिरिडीह प्रशासन कल्याणकारी योजनाओं को लेकर गंभीर और जवाबदेह रुख अपना रहा है। साइकिल वितरण और छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं सीधे तौर पर शिक्षा और सामाजिक समानता से जुड़ी हैं। अब असली परीक्षा यह होगी कि दिए गए निर्देश कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी तरीके से जमीन पर उतरते हैं। योजनाओं के लाभ से वंचित किसी भी पात्र बच्चे की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा और समान अवसर की दिशा में प्रशासनिक संकल्प
जब योजनाएं समय पर और सही लाभार्थी तक पहुंचती हैं, तभी सामाजिक न्याय का उद्देश्य पूरा होता है। साइकिल और छात्रवृत्ति जैसी पहलें बच्चों के सपनों को मजबूती देती हैं।
अब जरूरत है सतत निगरानी और नागरिक सजगता की, ताकि कोई भी पात्र छात्र पीछे न छूटे।
यदि आपके क्षेत्र में योजनाओं के क्रियान्वयन में समस्या है, तो अपनी आवाज उठाएं।
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