लातेहार में शिक्षा व्यवस्था पर सख्त हुए उपायुक्त, 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों पर लिया बड़ा निर्णय

लातेहार में शिक्षा व्यवस्था पर सख्त हुए उपायुक्त, 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों पर लिया बड़ा निर्णय

author Ravikant Kumar Thakur
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#लातेहार #शिक्षा_समीक्षा : गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्र उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर।

लातेहार समाहरणालय सभागार में उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षक उपस्थिति, छात्र नामांकन और सरकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं देने का निर्देश दिया। साथ ही योग्य छात्रों तक समय पर छात्रवृत्ति, पुस्तक और अन्य योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।

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  • उपायुक्त संदीप कुमार ने शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की।
  • 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को परीक्षा फॉर्म नहीं भरने देने का निर्देश।
  • सभी विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति ई-विद्या वाहिनी से सुनिश्चित करने के निर्देश।
  • अपार आईडी और आधार कार्ड निर्माण कार्य समय पर पूरा करने पर जोर।
  • योग्य विद्यार्थियों को राशन, पुस्तक और छात्रवृत्ति समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश।
  • बैठक में उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

लातेहार जिले में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त संदीप कुमार ने की। इस दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षक एवं छात्र उपस्थिति, नामांकन, आधार कार्ड निर्माण, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विद्यालयी सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

छात्र और शिक्षक उपस्थिति पर विशेष फोकस

समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी प्रखंडों में ई-विद्या वाहिनी के माध्यम से शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों की नियमित उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है। यदि छात्र नियमित रूप से विद्यालय नहीं आएंगे तो उनके शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा: “बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। विद्यार्थियों और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।”

75 प्रतिशत से कम उपस्थिति पर सख्त निर्देश

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर सामने आया। विद्यालयवार उपस्थिति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होगी, उन्हें परीक्षा प्रपत्र (फॉर्म) भरने की अनुमति नहीं दी जाए।

उन्होंने कहा कि नियमित उपस्थिति के बिना शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव नहीं है। विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए अभिभावकों से संपर्क कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।

अपार आईडी और आधार कार्ड निर्माण में तेजी लाने के निर्देश

बैठक के दौरान अपार आईडी (APAAR ID) जेनरेशन की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने इस कार्य को निर्धारित समय के भीतर शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही विद्यालयों में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों का आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।

उन्होंने कहा कि विभिन्न शैक्षणिक और सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए आधार और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का अद्यतन होना जरूरी है।

विद्यालय निरीक्षण और मूलभूत सुविधाओं पर जोर

उपायुक्त ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति, शौचालय, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का आकलन किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले के सभी विद्यालयों का संचालन व्यवस्थित ढंग से होना चाहिए। बच्चों के ड्रेस, स्वच्छ पेयजल और शौचालयों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।

उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा: “स्कूलों में बच्चों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। स्वच्छ और बेहतर वातावरण में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव है।”

पीएम पोषण योजना की हुई समीक्षा

बैठक में प्रधानमंत्री पोषण योजना (मध्याह्न भोजन योजना) की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया कि योजना का अच्छादन दर बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना जरूरी है। इससे न केवल बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा बल्कि विद्यालयों में उपस्थिति भी बढ़ेगी।

छात्रवृत्ति, राशन और पुस्तक वितरण पर दिए निर्देश

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योग्य विद्यार्थियों को समय पर राशन, पुस्तक और छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र छात्र-छात्रा तक पहुंचना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी विद्यार्थी को दस्तावेजी या प्रशासनिक कारणों से योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े।

नियमित स्वास्थ्य जांच को बताया जरूरी

उपायुक्त ने विद्यालयों में बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए ताकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या की समय रहते पहचान हो सके।

साथ ही उन्होंने शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचकर पूरी जिम्मेदारी के साथ शिक्षण कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मी और पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कई अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक गौतम कुमार साहू, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. चंदन, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सभी अधिकारियों को शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्र उपस्थिति बढ़ाने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया गया।

न्यूज़ देखो: शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जरूरी है जवाबदेही

लातेहार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। छात्र उपस्थिति, शिक्षक जवाबदेही, आधारभूत सुविधाएं और सरकारी योजनाओं की निगरानी जैसे मुद्दों पर प्रशासन का फोकस सकारात्मक संकेत देता है। 75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता का निर्णय विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित कर सकता है। अब यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्देश केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यालय स्तर पर प्रभावी रूप से लागू भी हों। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शिक्षा से ही बनेगा बेहतर भविष्य

हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर मिलना उसका अधिकार है। विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक और प्रशासन मिलकर ही एक मजबूत शैक्षणिक वातावरण तैयार कर सकते हैं। नियमित उपस्थिति, अनुशासन और बेहतर सुविधाएं बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव होती हैं।

अपने बच्चों की शिक्षा और विद्यालयी गतिविधियों के प्रति सजग रहें। शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने की इस मुहिम में अपनी भागीदारी निभाएं।

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Written by

चंदवा, लातेहार

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