
#सिमडेगा #सुरक्षितइंटरनेटदिवस : विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा और जिम्मेदार उपयोग का संदेश दिया गया।
सिमडेगा के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी गौरव कुमार और प्राचार्य डॉ॰ संदीप शर्मा ने डिजिटल सुरक्षा पर मार्गदर्शन दिया। विद्यार्थियों को साइबर अपराध, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग और डेटा संरक्षण के प्रति सचेत किया गया। आयोजन का उद्देश्य सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण इंटरनेट उपयोग को बढ़ावा देना रहा।
- राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज सिमडेगा में सुरक्षित इंटरनेट दिवस–2026 पर कार्यक्रम आयोजित।
- मुख्य वक्ता जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी गौरव कुमार एवं प्राचार्य डॉ॰ संदीप शर्मा रहे।
- साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डेटा चोरी से बचाव पर विशेष चर्चा।
- राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई।
- विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सुरक्षित डिजिटल व्यवहार का संकल्प लिया।
सुरक्षित इंटरनेट दिवस–2026 के अवसर पर सिमडेगा स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों को इंटरनेट के सुरक्षित, जिम्मेदार और विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना था। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित रहे।
डिजिटल युग की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा
कार्यक्रम में जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी गौरव कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डिजिटल युग की बदलती परिस्थितियों पर प्रकाश डाला।
गौरव कुमार ने कहा:
“आज का युग पूरी तरह डिजिटल हो चुका है। इंटरनेट ने शिक्षा, सूचना और संचार को सरल बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।”
उन्होंने बताया कि इंटरनेट का सकारात्मक उपयोग समाज को आगे बढ़ाने में सहायक है, परंतु असावधानी गंभीर नुकसान का कारण बन सकती है। विशेष रूप से युवाओं को सतर्क रहने और जिम्मेदारी से डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की आवश्यकता है।
व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा पर जोर
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि आधार संख्या, बैंक विवरण, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। संदिग्ध लिंक, ई-मेल और अज्ञात कॉल से बचने की सलाह दी गई।
प्राचार्य डॉ॰ संदीप शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा:
“डिजिटल साक्षरता केवल तकनीक जानने तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित व्यवहार अपनाना भी उतना ही आवश्यक है।”
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति मार्गदर्शन दें।
सोशल मीडिया और फर्जी खबरों से सावधानी
जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी गौरव कुमार ने सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग पर विशेष जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है। फर्जी खबरों और भ्रामक सूचनाओं का प्रसार सामाजिक अस्थिरता का कारण बन सकता है।
उन्होंने साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित साइबर हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी। प्रतिभागियों को राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में भी जानकारी दी गई।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित उपयोग पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित और नैतिक उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि एआई तकनीक कार्यक्षमता बढ़ाने और नवाचार को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, लेकिन इसके दुरुपयोग से निजता और सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
इसलिए एआई आधारित टूल्स का उपयोग सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों को डिजिटल गोपनीयता, डेटा संरक्षण और ऑनलाइन शिष्टाचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।
डिजिटल साक्षरता का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। डिजिटल साक्षरता को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने पर बल दिया गया।
यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाने वाला अवसर बना।
न्यूज़ देखो: डिजिटल सुरक्षा अब विकल्प नहीं, आवश्यकता
डिजिटल युग में इंटरनेट हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज सिमडेगा का यह पहल युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जागरूकता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार है। ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता आवश्यक है ताकि डिजिटल भारत सुरक्षित भी रहे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित इंटरनेट, सुरक्षित भविष्य
डिजिटल दुनिया अवसरों से भरी है, लेकिन सावधानी ही असली सुरक्षा है।
एक छोटी सी लापरवाही बड़ा नुकसान कर सकती है।
सही जानकारी और जागरूकता से ही हम साइबर अपराध से बच सकते हैं।
अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग का संदेश हर घर तक पहुंचाएं।







