
#लचरागढ़ #विदाई_समारोह : संत अन्ना बालिका उच्च विद्यालय में मैट्रिक परीक्षार्थियों को प्रार्थना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों संग विदाई दी गई।
कोलेबिरा प्रखंड के लचरागढ़ स्थित संत अन्ना बालिका उच्च विद्यालय में मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने वाली छात्राओं के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लचरागढ़ चर्च के सहायक पल्ली पुरोहित फादर एरिक जोसेफ कुल्लू एवं विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सिस्टर सुषमा तिग्गा उपस्थित रहीं। विदाई समारोह से पूर्व विशेष मिस्सा पूजा का आयोजन कर छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। यह आयोजन छात्राओं को परीक्षा से पहले मानसिक रूप से सशक्त और प्रेरित करने का माध्यम बना।
- संत अन्ना बालिका उच्च विद्यालय लचरागढ़ में मैट्रिक परीक्षार्थी छात्राओं को दी गई विदाई।
- मुख्य अतिथि फादर एरिक जोसेफ कुल्लू एवं प्रधानाध्यापिका सिस्टर सुषमा तिग्गा रहीं उपस्थित।
- विशेष मिस्सा पूजा के साथ कार्यक्रम की हुई शुरुआत।
- कक्षा 9वीं की छात्राओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।
- छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।
कोलेबिरा प्रखंड के लचरागढ़ में स्थित संत अन्ना बालिका उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित यह विदाई समारोह आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ। मैट्रिक परीक्षा में सम्मिलित होने वाली छात्राओं को शुभकामनाएं देने के उद्देश्य से विद्यालय परिवार द्वारा यह आयोजन किया गया। समारोह में छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
विशेष मिस्सा पूजा का आयोजन
विदाई समारोह से पूर्व विद्यालय परिसर में विशेष मिस्सा पूजा का आयोजन किया गया। इस दौरान फादर एरिक जोसेफ कुल्लू ने मिस्सा बलिदान चढ़ाया। मिस्सा अनुष्ठान में धर्मबहनों ने सहयोग किया। पूजा के माध्यम से छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य, सफलता और मानसिक शांति के लिए प्रार्थना की गई।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
विदाई समारोह का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि फादर एरिक जोसेफ कुल्लू एवं विशिष्ट अतिथि प्रधानाध्यापिका सिस्टर सुषमा तिग्गा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके बाद वर्ग नवम् की छात्राओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की, जिससे पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने एक से बढ़कर एक गीत एवं नृत्य प्रस्तुत किए। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और छात्राओं का मन मोह लिया। छात्राओं की प्रस्तुति में अनुशासन, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक मूल्यों की स्पष्ट झलक देखने को मिली।
फादर एरिक जोसेफ कुल्लू का प्रेरणादायक संदेश
मिस्सा पूजा एवं समारोह को संबोधित करते हुए फादर एरिक जोसेफ कुल्लू ने छात्राओं को मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह दी। उन्होंने कहा:
फादर एरिक जोसेफ कुल्लू ने कहा: “सभी बच्चियां सुबह जल्दी उठकर अपने दैनिक कार्य पूरा करें और नियमित रूप से पढ़ाई प्रारंभ करें। शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा दिए गए गुरु मंत्रों का ईमानदारी से पालन करें।”
उन्होंने छात्राओं को अनुशासन और समय प्रबंधन का महत्व समझाते हुए मैट्रिक परीक्षा की बेहतर तैयारी करने का आह्वान किया।
प्रधानाध्यापिका का मार्गदर्शन और परीक्षा टिप्स
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सिस्टर सुषमा तिग्गा ने छात्राओं को मैट्रिक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा निकट है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। उन्होंने छात्राओं को परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के व्यावहारिक टिप्स दिए और दिन-रात मेहनत कर लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन कर छात्राएं अपने माता-पिता, गांव, समाज और विद्यालय का नाम रोशन करें।
मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम का मंच संचालन लुसिया सिंदुरिया, सुमंती सिंदुरिया, रीता जड़िया एवं अर्चना तोपनो ने संयुक्त रूप से किया। समारोह के अंत में धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सिस्टर सुषमा तिग्गा द्वारा किया गया।
उपस्थित शिक्षक एवं गणमान्य लोग
इस अवसर पर फादर एरिक जोसेफ कुल्लू, प्रधानाध्यापिका सिस्टर सुषमा तिग्गा, सिस्टर अंजलिना मिंज, शशिप्रभा तोपनो, अर्चना मधु बागे, सत्य सपना खाखा, रोशन स्टेफन हस्सा, प्रतिमा तिर्की, सुचिता नाग, सिस्टर शशि किरण तिर्की, शिक्षक प्रवीण खलखो, कृष्णा साहू, प्रमोद केरकेट्टा, शिक्षिका फरिस्ता केरकेट्टा, अनुजा खलखो, सिस्टर अनिता केरकेट्टा, शिक्षिका हेलेना बागे, शिक्षक फबियन लुगुन, शिक्षिका बेरोनिका तिर्की सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो: बालिकाओं की शिक्षा और आत्मविश्वास को मजबूती
संत अन्ना बालिका उच्च विद्यालय में आयोजित यह विदाई समारोह बालिकाओं की शिक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। परीक्षा से पूर्व आध्यात्मिक मार्गदर्शन और शिक्षकों का सहयोग छात्राओं को मानसिक संबल प्रदान करता है। ऐसे आयोजन छात्राओं को लक्ष्य के प्रति केंद्रित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। भविष्य में भी विद्यालयों से इस प्रकार के सकारात्मक प्रयास अपेक्षित हैं।
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आत्मविश्वास के साथ पहली बड़ी परीक्षा की ओर
मैट्रिक परीक्षा छात्राओं के जीवन की पहली बड़ी चुनौती होती है। इस तरह के आयोजन उन्हें साहस, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। सही मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।







