
#गढ़वा #सर्राफा_संवाद : सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को लेकर प्रशासन के सामने रखी गईं प्रमुख मांगें।
गढ़वा सदर अनुमंडल प्रशासन द्वारा बुधवार को संवाद कार्यक्रम कॉफी विद एसडीएम आयोजित किया गया। इस बैठक में सर्राफा और आभूषण व्यवसाय से जुड़े 30 से अधिक व्यापारियों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। कार्यशाला में बाजार सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरा अधिष्ठापन और पुलिस पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाने पर गंभीर चर्चा हुई। प्रशासन और व्यवसायियों के बीच सामूहिक सहभागिता से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर सहमति बनी।
- संवाद कार्यक्रम कॉफी विद एसडीएम का आयोजन बुधवार को गढ़वा में हुआ।।
- बैठक में 30 से अधिक आभूषण व्यवसायियों और ज्वेलर्स ने सहभागिता की।।
- व्यवसायियों ने बढ़ती कीमतों के बीच सुरक्षा चिंताओं को प्रमुखता से रखा।।
- बाजार क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरा और सुरक्षा गार्ड व्यवस्था पर विचार हुआ।।
- दोपहिया वाहनों से नियमित पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की गई।।
- एटीएम, साफ-सफाई और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर करने पर जोर दिया गया।।
गढ़वा सदर एसडीएम संजय कुमार के नियमित साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम की श्रृंखला में इस बार सर्राफा व्यवसायियों के साथ सीधा संवाद आयोजित किया गया। दोंदलो स्टेडियम के समीप सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुए इस कार्यक्रम में शहर के प्रमुख ज्वेलर्स और आभूषण कारोबार से जुड़े लोगों ने खुलकर अपनी बातें रखीं। प्रशासनिक पहल के तहत आयोजित इस कार्यशाला ने व्यापारियों और अनुमंडल प्रशासन के बीच भरोसे का मजबूत पुल तैयार किया।
बाजार सुरक्षा को लेकर उठीं गंभीर चिंताएं
बढ़ती कीमतों से बढ़ी असुरक्षा की आशंका
कार्यशाला के दौरान सर्राफा व्यवसायियों ने कहा कि सोना-चांदी के आभूषणों की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में चोरी, छिनतई और डकैती जैसी घटनाओं की आशंका पहले से अधिक बढ़ गई है। भुनेश्वर नाथ सोनी, बजरंगी सोनी, संतोष अग्रवाल, आनंद बाबू, लखन बाबू, सुनील कश्यप समेत कई व्यवसायियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
व्यवसायी भुनेश्वरनाथ सोनी ने कहा:
“सर्राफा बाजार में सुरक्षा की समुचित व्यवस्था होना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है। हाल ही में हुई बिशनपुर घटना ने व्यापारियों को और ज्यादा सतर्क व चिंतित कर दिया है।”
बजरंगी सोनी और संतोष अग्रवाल ने भी कहा कि दुकानों के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही से असुरक्षा का माहौल बनता है। उन्होंने पुलिस गश्ती बढ़ाने और बाजार क्षेत्र में आधुनिक निगरानी प्रणाली विकसित करने का अनुरोध किया।
सीसीटीवी और पेट्रोलिंग की मांग
व्यापारियों ने एसडीएम के समक्ष यह सुझाव रखा कि सर्राफा बाजार के चौक-चौराहों और दुकानों के आसपास पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरों का अधिष्ठापन कराया जाए। साथ ही दोपहिया वाहनों के माध्यम से नियमित पुलिस पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि आपराधिक तत्वों पर नजर रखी जा सके।
कुछ व्यवसायियों ने बताया कि नकाबपोश, मुंह ढके अथवा हेलमेट पहने लोग कई बार सीधे दुकानों में प्रवेश कर जाते हैं। पूछताछ करने पर वे झगड़े पर उतारू हो जाते हैं, जिससे तनाव की स्थिति बनती है। इस पर एसडीएम ने तुरंत आपातकालीन 112 नंबर और 112 सेवा का उपयोग करने की सलाह दी।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा: “ऐसे मामलों में घबराने की जरूरत नहीं है। संदिग्ध गतिविधि दिखते ही तत्काल 112 पर कॉल करें, प्रशासन आपकी मदद के लिए तत्पर है।”
नागरिक सुविधाओं पर भी रहा जोर
बाजार क्षेत्र की आधारभूत जरूरतें
सुरक्षा के साथ-साथ सर्राफा व्यवसायियों ने शहर की नागरिक सुविधाओं को लेकर भी अपनी मांगें रखीं। व्यापारियों ने कहा कि बाजार क्षेत्र में एटीएम सुविधा, नियमित साफ-सफाई, सार्वजनिक शौचालय और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उदय प्रसाद सोनी ने कहा:
“सर्राफा बाजार में ग्राहकों की आवाजाही अधिक रहती है। इसलिए यहां एटीएम और पब्लिक टॉयलेट जैसी सुविधाएं होना बेहद जरूरी है।”
व्यवसायियों ने बाजार क्षेत्र से मांस एवं मछली की दुकानों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की भी मांग की, ताकि सर्राफा बाजार का वातावरण स्वच्छ और सुरक्षित बना रहे।
एसडीएम को सौंपा गया लिखित मांग-पत्र
प्रशासन से ठोस पहल का अनुरोध
बैठक के दौरान सर्राफा व्यवसायियों ने एक विस्तृत लिखित मांग-पत्र एसडीएम संजय कुमार को सौंपा। इस मांग-पत्र में प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें शामिल थीं:
- दोपहिया वाहनों से नियमित पुलिस पेट्रोलिंग
- व्यवसायियों को हथियार अनुज्ञप्ति देने में प्राथमिकता
- संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही पर सतत निगरानी
- सुरक्षा के लिए प्रशासनिक समन्वय
एसडीएम ने मांग-पत्र स्वीकार करते हुए कहा कि वे इन सभी विषयों पर पुलिस अधीक्षक और संबंधित विभागों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा: “व्यवसायियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। सभी मुद्दों पर यथासंभव कार्रवाई की जाएगी।”
सामूहिक सहभागिता से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर सहमति
सीसीटीवी और निजी सुरक्षा गार्ड रखने का सुझाव
एसडीएम संजय कुमार ने कार्यशाला में एक अहम सुझाव देते हुए कहा कि यदि सर्राफा बाजार के सभी व्यापारी मिलकर सामूहिक रूप से पहल करें तो उनके सौजन्य से पूरे बाजार क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरों का अधिष्ठापन किया जा सकता है। साथ ही एस.आई.एस या किसी अन्य निजी सुरक्षा सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से बाजार में सुरक्षा गार्ड भी तैनात किए जा सकते हैं।
इस सुझाव का सभी व्यवसायियों ने सहर्ष स्वागत किया। अमरजीत कुमार, जय कुमार सोनी और विशाल केसरी ने कहा कि वे इस दिशा में संगठित होकर काम करने को तैयार हैं।
व्यापारियों ने कहा: “यदि प्रशासन मार्गदर्शन करे तो सर्राफा व्यवसायी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में पूरा सहयोग देंगे।”
जताया गया आभार
आत्मीय माहौल में संवाद से व्यापारी खुश
बैठक के अंत में आभूषण व्यवसायियों ने एसडीएम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी बड़े अधिकारी ने इतने आत्मीय माहौल में उन्हें बुलाकर उनकी समस्याओं को सुना है।
व्यवसायी राज सोनी ने कहा:
“इस तरह के संवाद कार्यक्रम से प्रशासन और व्यापारियों के बीच विश्वास बढ़ता है। यह बहुत अच्छी पहल है।”
कार्यशाला में इन लोगों ने रखे अपने विचार
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भुनेश्वरनाथ सोनी, सुनील कश्यप, आनंद बाबू, पीयूष बाबू, राहुल कुमार केसरी, उदय प्रसाद सोनी, विक्की सोनी, पवन सोनी, युवराज सोनी, लखन बाबू, अंकित सोनी, विशाल केसरी, अमरजीत कुमार, जय कुमार सोनी, राज सोनी, बजरंगी सोनी, हीरू सोनी, गोलू सोनी, चंदन कुमार सोनी, प्रवीण कुमार, संतोष अग्रवाल आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।



न्यूज़ देखो: बाजार सुरक्षा पर प्रशासनिक पहल
कॉफी विद एसडीएम जैसे संवाद कार्यक्रम यह स्पष्ट करते हैं कि प्रशासन जनता और व्यापारियों की समस्याओं को सुनने के लिए आगे आ रहा है। सर्राफा बाजार की सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं वास्तविक और गंभीर हैं, जिन पर त्वरित पहल जरूरी है। अब देखना होगा कि सीसीटीवी अधिष्ठापन और पुलिस पेट्रोलिंग जैसे सुझावों पर कितनी जल्दी अमल होता है। संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त निगरानी से ही सुरक्षित बाजार का निर्माण संभव है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजग नागरिकता से बनेगा सुरक्षित गढ़वा
गढ़वा के सर्राफा बाजार को सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास सबसे अहम हैं। व्यापारी वर्ग और प्रशासन मिलकर अगर पहल करें तो आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सकती है। आप भी अपने क्षेत्र में सुरक्षा और स्वच्छता के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
सदर अनुमंडल की इस पहल पर आप क्या सोचते हैं, अपनी राय जरूर कमेंट करें। खबर को अधिक से अधिक लोगों तक शेयर करें और जागरूकता अभियान को मजबूत बनाएं। आपके सुझाव ही आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेंगे।




