
#बानो #कृषि_योजना : एटिक सेंटर में 25 किसानों के बीच ओल और अदरक के बीज बांटे गए, जैविक खेती पर जोर।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित एटिक सेंटर में किसानों के बीच ओल और अदरक के बीज का वितरण किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी नैमुदिन अंसारी ने किसानों को कम लागत में अधिक आमदनी वाली खेती अपनाने की सलाह दी। कुल 25 किसानों को बीज उपलब्ध कराए गए और जैविक उपचार पर विशेष जोर दिया गया।
- एटिक सेंटर बानो में बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित।
- 16 किसानों को ओल और 9 किसानों को अदरक के बीज दिए गए।
- बीडीओ नैमुदिन अंसारी ने कम लागत वाली खेती पर दिया जोर।
- जैविक उपचार और जैविक खाद के उपयोग की सलाह।
- एटीएम अब्दुल्ला एहरार ने खेती की तकनीकी जानकारी दी।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। बानो स्थित एटिक सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में किसानों के बीच ओल और अदरक के बीज का वितरण किया गया। इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी नैमुदिन अंसारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यह योजना प्रखंड के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे ओल और अदरक की खेती कर अन्य किसानों को भी प्रेरित करें।
कम लागत में अधिक मुनाफा
बीडीओ नैमुदिन अंसारी ने अपने संबोधन में कहा:
“ओल और अदरक की खेती कम लागत में की जा सकती है और इससे अच्छी आमदनी प्राप्त की जा सकती है। किसान बीजों का जैविक उपचार अवश्य करें और जैविक खाद का उपयोग करें, ताकि बेहतर उत्पादन मिल सके।”
उन्होंने बताया कि परंपरागत फसलों के साथ-साथ नगदी फसलों को अपनाने से किसानों की आय में वृद्धि संभव है।
एटीएम अब्दुल्ला एहरार ने किसानों को तकनीकी जानकारी देते हुए कहा कि अदरक और ओल की खेती कम पानी में भी संभव है। उन्होंने बताया कि सीमित पटवन की स्थिति में भी किसान इन फसलों की सफल खेती कर सकते हैं।
“इसकी खेती कम लागत में संभव है और यदि सही तरीके से देखभाल की जाए तो अच्छा उत्पादन मिलता है,” उन्होंने कहा।
25 किसानों को मिला लाभ
कार्यक्रम के दौरान कुल 16 किसानों के बीच ओल का बीज तथा 9 किसानों के बीच अदरक का बीज वितरित किया गया। किसानों ने इस पहल के लिए प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
उपस्थित किसानों ने कहा कि यदि उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार सुविधा मिले तो वे इन फसलों को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए तैयार हैं।
कार्यक्रम में दीपक नायक, श्याम, रामेश्वर साहू सहित अन्य लोग उपस्थित थे। सभी ने किसानों को नई तकनीक और आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
जैविक खेती पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने जैविक खेती को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों की तुलना में जैविक खाद से भूमि की उर्वरता बनी रहती है और उत्पादन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
किसानों को बीज उपचार, उचित दूरी पर रोपाई, समय पर निराई-गुड़ाई और रोग नियंत्रण के बारे में भी जानकारी दी गई।
यह पहल क्षेत्र में बहुविकल्पीय खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

न्यूज़ देखो: आय बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक पहल
बानो प्रखंड में ओल और अदरक बीज वितरण कार्यक्रम यह संकेत देता है कि प्रशासन किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर नगदी फसलों की ओर प्रेरित कर रहा है। कम लागत और बेहतर मुनाफे वाली खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकती है। यदि तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार समर्थन मिलता रहे तो किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खेती में नवाचार से बदलेगा भविष्य
नई फसलें अपनाना बदलाव की शुरुआत है।
कम लागत और अधिक उत्पादन से किसानों की आय दोगुनी करने का सपना साकार हो सकता है।
जैविक खेती से भूमि और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रहते हैं।
आइए आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की ओर कदम बढ़ाएं।
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