
#सिमडेगा #जिलास्तरीयबैठक : उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में योजनाओं की समीक्षा और कई प्रस्ताव स्वीकृत।
सिमडेगा समाहरणालय में उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य, कृषि और भूमि संरक्षण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 37 आवेदनों को स्वीकृति देते हुए कुल 1 लाख 38 हजार 500 रुपये की सहायता राशि मंजूर की गई। अधिकारियों को योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया।
- उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में सिमडेगा समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय समिति की बैठक।
- मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 37 आवेदनों को स्वीकृति — कुल 1,38,500 रुपये की सहायता मंजूर।
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन और आत्मा योजना के तहत कृषि गतिविधियों की समीक्षा।
- मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना और पंप सेट वितरण योजना के लाभुकों की सूची को मंजूरी।
- SMAM योजना के तहत किसानों को 50–60 प्रतिशत अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने का निर्णय।
सिमडेगा जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की जिला स्तरीय समिति (DLC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य, कृषि, भूमि संरक्षण तथा अन्य विभागों से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करना तथा यह सुनिश्चित करना था कि योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 37 आवेदनों को स्वीकृति
बैठक के दौरान आईटीडीए विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्राप्त आवेदनों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान कुल 37 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनमें
अनुसूचित जनजाति (ST) के 13,
अनुसूचित जाति (SC) का 1,
और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 23 आवेदन शामिल हैं।
इन आवेदनों के तहत विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार 3 हजार से 10 हजार रुपये तक की सहायता राशि स्वीकृत की गई। वहीं कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए 25 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता मंजूर की गई।
कुल मिलाकर इस योजना के तहत 1 लाख 38 हजार 500 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई।
उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा:
“मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाया जाए और उपलब्ध राशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए।”
कृषि योजनाओं की प्रगति की भी हुई समीक्षा
बैठक में कृषि विभाग अंतर्गत जिला संचालक समिति की बैठक भी आयोजित की गई। इसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन तथा आत्मा शासकीय निकाय के तहत वित्तीय वर्ष 2025–26 में संचालित गतिविधियों की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने किसानों से संबंधित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी, जिनमें शामिल हैं:
- किसानों का प्रशिक्षण कार्यक्रम
- अंतरराज्यीय और राज्य स्तरीय कृषक भ्रमण
- कृषक मेला और कृषक गोष्ठी
- बीज वितरण कार्यक्रम
- कर्मियों के मानदेय भुगतान से संबंधित कार्य
इन सभी गतिविधियों से जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई तथा आवश्यक अनुमोदन प्रदान किया गया।
ट्रैक्टर और पंप सेट वितरण योजनाओं को मिली मंजूरी
बैठक के दौरान भूमि संरक्षण विभाग से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
राज्य योजना के तहत वर्ष 2023-24 और 2024-25 के द्वितीय वर्ष में कृषक समूहों, महिला स्वयं सहायता समूहों, पानी पंचायतों, जलसाजन समितियों, लैम्प्स-पैक्स तथा अन्य किसान संगठनों के लिए मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना के लाभुकों की सूची को अनुमोदित किया गया।
इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पंप सेट वितरण योजना के तहत प्रखंडों द्वारा प्रस्तावित लाभुकों की सूची को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
कृषि उपकरण बैंक के माध्यम से किसानों को मिलेगा अनुदान
बैठक में आरकेवीवाई और रफ्तार योजना के तहत संचालित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना पर भी चर्चा की गई।
इस योजना के तहत कृषि उपकरण बैंक के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों, उद्यमियों, लैम्प्स-पैक्स, एफपीओ और ग्राम संगठनों के जरिए किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस योजना के तहत
लघु और सीमांत किसान,
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसान,
और महिला किसानों को 50 से 60 प्रतिशत अनुदान पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
कृषक पाठशाला के कार्यों की भी समीक्षा
बैठक में कृषक पाठशाला में संचालित गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने कृषक पाठशाला के पोल्ट्री फार्म में हो रहे अंडा उत्पादन को आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों तक उपलब्ध कराने की भी बात कही, ताकि बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हो सके।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से:
उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी,
परियोजना निदेशक आईटीडीए सरोज तिर्की,
अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र,
सिविल सर्जन डॉ. सुंदर मोहन सामाद,
विधायक प्रतिनिधि संतोष कुमार सिंह,
मो. समी आलम,
जिला कल्याण पदाधिकारी,
जिला कृषि पदाधिकारी,
भूमि संरक्षण पदाधिकारी,
जिला पशुपालन पदाधिकारी,
मत्स्य पदाधिकारी,
जिला अग्रणी प्रबंधक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
न्यूज़ देखो: योजनाओं की समीक्षा से ही सुनिश्चित होता है जमीनी असर
जिला स्तरीय समिति की ऐसी बैठकें केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं होतीं, बल्कि योजनाओं की वास्तविक स्थिति को समझने और सुधार की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण मंच होती हैं। स्वास्थ्य सहायता से लेकर कृषि और उपकरण अनुदान जैसी योजनाएं सीधे आम लोगों के जीवन से जुड़ी हैं। यदि इन योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से हो तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य सुरक्षा दोनों मजबूत हो सकते हैं।
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योजनाओं का लाभ तभी सार्थक जब हर जरूरतमंद तक पहुंचे
सरकार की योजनाएं तभी सफल मानी जाती हैं जब उनका लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। इसके लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज की जागरूकता भी जरूरी है।
यदि आपके आसपास कोई जरूरतमंद किसान, मरीज या पात्र लाभार्थी है तो उसे सरकारी योजनाओं की जानकारी जरूर दें ताकि वह भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सके।
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