
#मोहम्मदगंज #पेयजल_संकट : जलमीनार और चापाकल बंद—शुद्ध पानी के लिए भटक रहे लोग।
पलामू के मोहम्मदगंज प्रखंड में पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है, जहां अधिकांश जलमीनार और चापाकल खराब पड़े हैं। प्रखंड कार्यालय का RO प्लांट भी लंबे समय से बंद है, जिससे लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा। इस समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों ने एसडीओ को ज्ञापन सौंपा है। प्रशासन से त्वरित समाधान की मांग तेज हो गई है।
- मोहम्मदगंज प्रखंड में पेयजल संकट गहराया।
- लगभग 90% जलमीनार और चापाकल खराब।
- प्रखंड कार्यालय का RO प्लांट लंबे समय से बंद।
- मंजीत कुमार मेहता, रोहित कुमार पाल ने ज्ञापन सौंपा।
- समस्या के समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।
पलामू जिले के हुसैनाबाद अनुमंडल अंतर्गत मोहम्मदगंज प्रखंड में इन दिनों भीषण पेयजल संकट से लोग जूझ रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही स्थिति और गंभीर हो गई है, जहां ग्रामीणों को रोजाना पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
क्षेत्र में अधिकांश जल स्रोत खराब होने के कारण लोग दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर हैं।
जल स्रोतों की स्थिति बेहद खराब
जानकारी के अनुसार, प्रखंड क्षेत्र में स्थापित जलमीनार और चापाकलों में से करीब 90 प्रतिशत खराब पड़े हुए हैं। इससे पूरे इलाके में पानी की भारी किल्लत हो गई है।
ग्रामीणों ने कहा: “पानी के लिए रोजाना कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।”
महिलाओं और बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
इस संकट का सबसे अधिक असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
यह स्थिति न केवल कठिन है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय है।
प्रखंड कार्यालय में भी पानी नहीं
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रखंड कार्यालय परिसर में लाखों रुपये की लागत से लगाया गया RO प्लांट भी लंबे समय से बंद पड़ा है।
स्थानीय लोगों ने कहा: “जब प्रखंड कार्यालय में ही पानी नहीं है, तो गांवों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।”
जनप्रतिनिधियों ने सौंपा ज्ञापन
इस समस्या को लेकर आजसू पार्टी के केंद्रीय सदस्य सह प्रखंड प्रभारी मंजीत कुमार मेहता और रोहित कुमार पाल ने हुसैनाबाद एसडीओ को ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
आंदोलन की चेतावनी
जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जलमीनार, चापाकल और RO प्लांट की मरम्मत नहीं कराई गई, तो पार्टी जनहित में आंदोलन करने को बाध्य होगी।
मंजीत कुमार मेहता ने कहा: “लोगों को पानी जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिलना गंभीर लापरवाही है।”
जांच और कार्रवाई की मांग
उन्होंने यह भी मांग की कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जांच कर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों की बढ़ती नाराजगी
ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो हालात और खराब हो सकते हैं।
प्रशासनिक पहल का इंतजार
फिलहाल पूरे क्षेत्र के लोग प्रशासन की ओर देख रहे हैं, ताकि उन्हें इस भीषण पेयजल संकट से राहत मिल सके।
न्यूज़ देखो: बुनियादी सुविधा पर लापरवाही क्यों
मोहम्मदगंज का यह मामला दिखाता है कि पानी जैसी मूलभूत जरूरत को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। योजनाएं बनती हैं, लेकिन उनका रखरखाव नहीं होता। अब प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि तत्काल कदम उठाए जाएं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पानी बचाएं, समस्या समझें
पानी जीवन की सबसे जरूरी जरूरत है।
जरूरी है कि हम इसके संरक्षण के साथ व्यवस्था पर भी सवाल उठाएं।
यदि समस्या हो, तो आवाज उठाना जरूरी है।
जागरूक समाज ही समाधान की दिशा तय करता है।
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