बीरू में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन, हजारों लोगों की उपस्थिति में धर्म और संस्कृति पर हुआ मंथन

बीरू में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन, हजारों लोगों की उपस्थिति में धर्म और संस्कृति पर हुआ मंथन

author Birendra Tiwari
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#सिमडेगा #हिंदू_सम्मेलन : बीरू राजा मैदान में आयोजित सम्मेलन में धर्म-संस्कृति संरक्षण पर जोर।

सिमडेगा सदर प्रखंड के बीरू राजा मैदान में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ और विभिन्न वक्ताओं ने धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता पर अपने विचार रखे। मुख्य वक्ताओं ने समाज में फैल रहे भ्रम और चुनौतियों पर सजग रहने का आह्वान किया। सम्मेलन में धार्मिक जागरूकता और संगठन पर विशेष बल दिया गया।

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  • बीरू राजा मैदान, सिमडेगा में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन।
  • कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज और राजीव कांत मुख्य वक्ता रहे।
  • हजारों लोगों की उपस्थिति, कार्यक्रम में दिखा जनसैलाब।
  • दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ।
  • हनुमान चालीसा पाठ और महाप्रसाद वितरण के साथ समापन।

सिमडेगा सदर प्रखंड अंतर्गत बीरू राजा मैदान में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। इस कार्यक्रम में धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता को लेकर विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखे। सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का संकल्प लिया।

दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम का शुभारंभ विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत के मार्गदर्शक मंडल प्रमुख कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह-प्रचारक राजीव कांत, विहिप जिला अध्यक्ष कौशल राज सिंह देव, नगर परिषद उपाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल और अशोक पाढ़ी सहित अन्य अतिथियों द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस दौरान मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया गया और सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।

मुख्य अतिथि ने संगठन की शक्ति पर दिया जोर

मुख्य अतिथि स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब ईश्वर अवतार लेते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संगठन की शक्ति सबसे महत्वपूर्ण है।

स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने कहा: “जब समाज में भ्रम फैलाया जाता है, तब हमें सजग होकर अपनी एकता और संस्कृति की रक्षा करनी चाहिए।”

उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे संगठित होकर समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें और अपनी परंपराओं को सहेज कर रखें।

मुख्य वक्ता राजीव कांत ने धर्मांतरण पर जताई चिंता

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजीव कांत ने अपने संबोधन में कहा कि समाज को विभाजित करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कृति और सभ्यता को बचाने के लिए समाज को एकजुट होना होगा।

राजीव कांत ने कहा: “कुछ लोग समाज में भ्रम फैलाकर हिंदुओं को तोड़ने और धर्मांतरण का प्रयास कर रहे हैं, हमें ऐसी शक्तियों से सतर्क रहना होगा।”

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने पूर्वजों की विरासत को बचाने के लिए संकल्प लें और समाज को मजबूत बनाएं।

विहिप और अन्य वक्ताओं ने भी रखे विचार

इस अवसर पर विहिप जिला अध्यक्ष कौशल राज सिंह देव ने कहा कि समाज को तोड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सरना और सनातन को अलग-अलग कर कमजोर करने की बात कही और समाज को संगठित रहने की जरूरत बताई।

इसके अलावा नगर परिषद उपाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल, उमाकांत जी महाराज सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और समाज में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में रामरेखा धाम के प्रधान संरक्षक दुर्ग विजय सिंह देव ने स्वागत भाषण दिया, जबकि पंचायत मुखिया गंगाधर लोहरा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

हनुमान चालीसा पाठ और महाप्रसाद के साथ समापन

कार्यक्रम के अंत में सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके बाद महाप्रसाद का वितरण किया गया।

इस आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्यों के साथ-साथ गांव के महिला-पुरुष और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान बीरू में उत्साह और आस्था का माहौल बना रहा।

न्यूज़ देखो: समाजिक एकता और जागरूकता का मंच बना सम्मेलन

बीरू में आयोजित यह विराट हिंदू सम्मेलन यह दर्शाता है कि समाज अपने धर्म और संस्कृति को लेकर जागरूक हो रहा है। ऐसे आयोजन लोगों को एक मंच पर लाकर संवाद और चिंतन का अवसर देते हैं। हालांकि, इन मुद्दों पर संतुलित और जिम्मेदार चर्चा भी उतनी ही आवश्यक है ताकि समाज में सौहार्द बना रहे। आगे यह देखना होगा कि इस सम्मेलन के संदेशों का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक समाज ही मजबूत समाज की पहचान

जब समाज अपने मूल्यों और परंपराओं के प्रति जागरूक होता है, तभी वह हर चुनौती का सामना कर सकता है। हमें एकजुट होकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और समाज में शांति और भाईचारे को बनाए रखना चाहिए।

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Written by

सिमडेगा

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