गुमला के झलकापाठ गांव में सड़क न होने से गर्भवती महिला को झिलंगी बहिंगा पर पहुंचाया गया एंबुलेंस तक

गुमला के झलकापाठ गांव में सड़क न होने से गर्भवती महिला को झिलंगी बहिंगा पर पहुंचाया गया एंबुलेंस तक

author Dindayal Ram
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#गुमला #सड़क_विकास : झलकापाठ गांव में सड़क नहीं होने के कारण गर्भवती महिला को परिजनों ने पारंपरिक झिलंगी बहिंगा का सहारा देकर मुख्य मार्ग तक पहुँचाया, जिससे प्रशासन की उपेक्षा पर सवाल उठे
  • घाघरा प्रखंड के झलकापाठ गांव में सड़क न होने से गर्भवती महिला को घंटों पैदल और झिलंगी बहिंगा पर उठाकर एंबुलेंस तक ले जाया गया।
  • ग्रामीणों का कहना है कि बीमार और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।
  • घटना ने 21वीं सदी में मूलभूत सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक अनदेखी पर सवाल खड़ा किया।
  • हाल ही में प्रखंड प्रशासन ने दीरगांव पंचायत में जनता दरबार आयोजित किया था, जिससे उनकी भौगोलिक स्थिति की जानकारी है।
  • ग्रामीणों ने झलकापाठ गांव को सड़क मार्ग से जोड़ने की तत्काल मांग की।

घाघरा प्रखंड के सुदूरवर्ती झलकापाठ गांव में आजादी के कई दशकों बाद भी सड़क न होने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ा। हाल ही में एक गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए, परिजनों को पारंपरिक और जोखिम भरे झिलंगी बहिंगा (बांस की डोली) का सहारा लेना पड़ा। महिला को घंटों पैदल और बहिंगा पर उठाकर मुख्य मार्ग तक पहुँचाया गया, जहाँ से उसे एंबुलेंस द्वारा अस्पताल ले जाया गया।

जान जोखिम में डालने वाली स्थिति

दीरगांव पंचायत के झलकापाठ गांव में सड़क न होना क्षेत्र के विकास पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ग्रामीण बताते हैं कि बीमार व्यक्ति या गर्भवती महिलाओं को सही समय पर अस्पताल पहुंचाना लगभग असंभव है। कई बार ऐसे हालात में मरीज की जान जाने का खतरा भी बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि आज 21वीं सदी में भी उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है।

प्रशासन की अनदेखी पर सवाल

हाल ही में प्रखंड प्रशासन ने दीरगांव पंचायत में जनता दरबार आयोजित किया था, जिससे प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पूरी भौगोलिक स्थिति से अवगत हैं। बावजूद इसके झलकापाठ गांव की सड़क समस्या पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन इस सुदूरवर्ती गांव की सड़क समस्या को प्राथमिकता नहीं देगा, तो वे विकास की उम्मीद कैसे रखें।

एक स्थानीय ग्रामीण ने कहा: “हमारी जान जोखिम में है, पर प्रशासन की आंखें अब तक बंद हैं। हमें सड़क की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा स्थिति न पैदा हो।”

ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द झलकापाठ गांव को सड़क मार्ग से जोड़कर गांववासियों की जान और समय की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

न्यूज़ देखो: सड़क और स्वास्थ्य सुविधा की अनदेखी

यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी और स्वास्थ्य सुविधा की अनदेखी को उजागर करती है। सड़क न होने के कारण गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न होते हैं, जो प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन तुरंत सड़क निर्माण पर ध्यान दे और ग्रामीणों की जान को सुरक्षित बनाए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

ग्रामीणों की सुरक्षा और विकास के लिए सक्रिय बने

सड़क जैसी बुनियादी सुविधा हर ग्रामीण का अधिकार है। सजग रहें और स्थानीय प्रशासन से सड़क निर्माण के लिए लगातार संपर्क बनाए रखें। अपने गाँव के मुद्दों को साझा करें, चर्चा करें और जागरूकता फैलाएँ। इस खबर को साझा करें और सुनिश्चित करें कि ग्रामीण विकास के लिए हर कदम समय पर उठाया जाए।

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