#चैनपुर #कर्मचारी_आंदोलन : मारपीट की घटना के बाद कर्मचारियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
गुमला जिले के चैनपुर में राजस्व उपनिरीक्षक के साथ हुई मारपीट की घटना ने प्रशासनिक तंत्र में असंतोष बढ़ा दिया है। 29 अप्रैल 2026 को सीमांकन के दौरान कर्मचारी पर हमला हुआ, जिसके बाद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से कर्मचारियों में आक्रोश है। संघ ने चेतावनी दी है कि 7 मई से जिलेभर में काला बिल्ला लगाकर विरोध किया जाएगा। यह मामला कर्मचारियों की सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
- 29 अप्रैल 2026 को केड़ेग गांव में सीमांकन के दौरान हमला।
- राजस्व उपनिरीक्षक सुजित कुमार सिन्हा को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया।
- 30 अप्रैल को चैनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज।
- 05 मई से कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे।
- 07 मई से काला बिल्ला लगाकर विरोध करने का निर्णय।
चैनपुर प्रखंड में राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट की घटना ने पूरे जिले में आक्रोश का माहौल बना दिया है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसको लेकर झारखंड राज्य राजस्व उप निरीक्षक संघ और अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने कड़ा रुख अपनाते हुए विरोध की रणनीति बनाई है।
सीमांकन के दौरान हुआ हमला
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार 29 अप्रैल 2026 को चैनपुर अंचल के ग्राम केड़ेग में सीमांकन कार्य के दौरान राजस्व उपनिरीक्षक सुजित कुमार सिन्हा पर अचानक हमला कर दिया गया। आरोप है कि आठ से दस महिला-पुरुषों ने मिलकर उन्हें चप्पलों से पीटा और दौड़ा-दौड़ा कर मारपीट की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्राथमिकी के बावजूद कार्रवाई नहीं
घटना के बाद 30 अप्रैल 2026 को चैनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन की यह निष्क्रियता बेहद चिंताजनक है और इससे उनके बीच भय का माहौल बन गया है।
अनिश्चितकालीन धरना जारी
घटना के विरोध में 05 मई 2026 से चैनपुर प्रखंड एवं अंचल के कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
काला बिल्ला लगाकर करेंगे विरोध
बुधवार 06 मई 2026 को जिला अध्यक्ष जेठू कोरवा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता है, तो 07 मई से जिलेभर के सभी राजस्व उपनिरीक्षक काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
बैठक में शामिल प्रमुख सदस्य
इस महत्वपूर्ण बैठक में संघ और महासंघ के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें:
- जिला सचिव अंकित कुमार होता
- नवल किशोर
- प्रकाश चन्द्र कच्छप
- पवन कुमार साहु
- रूबीन नायक
- ब्रजेश सिंह
- सुशील कुमार असुर
- बाल कृष्णा असुर
- सावित्री कुमारी
- महासंघ के जिला सचिव भूषण कुमार
- राम मोहन साहु
- हीरा लाल साहु
सहित अन्य कर्मचारी प्रतिनिधि शामिल थे।
प्रशासन को दी गई चेतावनी
कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा है कि यदि प्रशासन वार्ता कर उनकी मांगों पर विचार नहीं करता है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल एक कर्मचारी का मामला नहीं, बल्कि पूरे विभाग की सुरक्षा और सम्मान का सवाल है।
न्यूज़ देखो: सुरक्षा के बिना कैसे होगा कामकाज
यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था की एक गंभीर कमजोरी को उजागर करती है। यदि सरकारी कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और कर्मचारियों का विश्वास बहाल कर पाता है या नहीं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आवाज उठेगी तभी बदलेगी व्यवस्था
समाज और व्यवस्था तभी मजबूत होती है जब हर व्यक्ति सुरक्षित महसूस करे।
सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
ऐसी घटनाओं पर चुप रहना समस्या को और बढ़ाता है।
आप भी जागरूक बनें, गलत के खिलाफ आवाज उठाएं।
इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और अपनी राय कमेंट में जरूर दें।

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