
#दुमका #शोक_समाचार : लंबी बीमारी के बाद 80 वर्ष की आयु में बैंककर्मी रमेश कुमार पाण्डे का निधन हुआ।
दुमका के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त हेड कैशियर रमेश कुमार पाण्डे का मंगलवार तड़के अपने आवास पर निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। हाल ही में वे इलाज कराकर भागलपुर से दुमका लौटे थे। उनके निधन से दुमका के सामाजिक और बैंकिंग क्षेत्र में शोक की लहर है।
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त हेड कैशियर रमेश कुमार पाण्डे का निधन।
- 80 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद ली अंतिम सांस।
- ङंगालपाड़ा, शिव मंदिर के समीप स्थित आवास पर हुआ निधन।
- हाल ही में भागलपुर से इलाज कराकर लौटे थे दुमका।
- बरारी घाट, भागलपुर में अंतिम संस्कार की तैयारी।
- पुत्र राजेश कुमार पांडे, टाइम्स ऑफ इंडिया के पत्रकार।
दुमका शहर के लिए मंगलवार की सुबह शोक संदेश लेकर आई, जब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त हेड कैशियर रमेश कुमार पाण्डे के निधन की सूचना मिली। वे लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे और हाल ही में बेहतर इलाज के लिए भागलपुर गए थे। इलाज के बाद वे अपने आवास लौटे थे, जहां मंगलवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों में शोक व्याप्त हो गया।
ङंगालपाड़ा स्थित आवास पर ली अंतिम सांस
स्वर्गीय रमेश कुमार पाण्डे का निधन दुमका शहर के ङंगालपाड़ा क्षेत्र में शिव मंदिर के समीप स्थित उनके आवास पर हुआ। सुबह होते ही यह खबर पूरे इलाके में फैल गई और शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगने लगा।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि वे लंबे समय से अस्वस्थ थे, लेकिन उनका स्वभाव शांत और आत्मीय बना रहा। बीमारी के दौरान भी वे परिवार के संपर्क में रहते हुए सामान्य बातचीत करते थे।
बैंकिंग सेवा में अनुशासित और सम्मानित व्यक्तित्व
रमेश कुमार पाण्डे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में हेड कैशियर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। बैंकिंग सेवा के दौरान वे अपने अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे।
दुमका के बैंकिंग जगत में उन्हें एक जिम्मेदार अधिकारी के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने वर्षों तक ग्राहकों और सहकर्मियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सामाजिक संपर्क में बने रहे और सरल जीवन शैली अपनाई।
भागलपुर में चला इलाज, लेकिन नहीं मिली राहत
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, रमेश कुमार पाण्डे की तबीयत पिछले कुछ समय से लगातार खराब चल रही थी। बेहतर इलाज के उद्देश्य से उन्हें भागलपुर ले जाया गया था, जहां चिकित्सकीय परामर्श और उपचार चला।
इलाज के बाद वे दुमका लौटे थे, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। अंततः मंगलवार तड़के उनका निधन हो गया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
बरारी घाट, भागलपुर में होगा अंतिम संस्कार
परिजनों ने बताया कि स्वर्गीय रमेश कुमार पाण्डे का अंतिम संस्कार भागलपुर के बरारी घाट पर किया जाएगा। इसके लिए पारिवारिक तैयारियां की जा रही हैं।
परिवार, रिश्तेदार और शुभचिंतक अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
पत्रकार पुत्र सहित परिवार शोक में डूबा
स्वर्गीय रमेश कुमार पाण्डे के पुत्र राजेश कुमार पांडे देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया से जुड़े पत्रकार हैं। पिता के निधन से वे और पूरा परिवार गहरे शोक में है।
दुमका और संथाल परगना क्षेत्र के पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और परिचितों ने भी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की है।
समाज और परिचितों की संवेदनाएं
उनके निधन पर संथाल परगना खबर परिवार सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। लोगों ने उन्हें एक सादगीपूर्ण, जिम्मेदार और परिवारनिष्ठ व्यक्ति के रूप में याद किया।
दुमका के सामाजिक जीवन में उनकी उपस्थिति को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
न्यूज़ देखो: सादगी और सेवा की विरासत
रमेश कुमार पाण्डे का जीवन बैंकिंग सेवा, अनुशासन और पारिवारिक मूल्यों का उदाहरण रहा है। ऐसे व्यक्तित्व का जाना केवल एक परिवार के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी क्षति है। उनकी स्मृतियां उनके कार्य और व्यवहार के रूप में जीवित रहेंगी। शोक की इस घड़ी में पूरा समाज परिजनों के साथ खड़ा है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्मृतियों में जीवित रहते हैं कर्मठ जीवन
जीवन की सच्ची पूंजी वह सम्मान है, जो व्यक्ति अपने कर्मों से अर्जित करता है। रमेश कुमार पाण्डे का जीवन इसी मूल्य को दर्शाता है।
दुख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार को संबल देना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
आप भी दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करें, परिजनों के प्रति संवेदना साझा करें और इस खबर को आगे बढ़ाकर मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करें।

