
#देवघर #सड़क_सुरक्षा : मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में क्विज सह जागरूकता कार्यक्रम के जरिए छात्रों को यातायात नियमों की सीख।
सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत देवघर में विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश और जिला परिवहन पदाधिकारी शैलेश प्रियदर्शी के नेतृत्व में यह आयोजन आर मित्रा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में हुआ। क्विज और संवाद के माध्यम से छात्रों को सुरक्षित सड़क व्यवहार की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मकसद कम उम्र से ही जिम्मेदार यातायात संस्कृति विकसित करना रहा।
- सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत देवघर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम।
- आर मित्रा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में क्विज सह जागरूकता आयोजन।
- डीसी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश पर कार्यक्रम का आयोजन।
- जिला परिवहन पदाधिकारी शैलेश प्रियदर्शी के नेतृत्व में पहल।
- क्विज मास्टर श्रीकान्त जयसवाल ने केबीसी शैली में कराया क्विज।
- पायल कुमारी और प्रियानु कुमारी ने प्रथम, श्रुति सिंह और माहेश्वरी सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
देवघर जिले में सड़क सुरक्षा माह 2026 को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को आर मित्रा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, देवघर के प्रांगण में एक विशेष क्विज सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सड़क सुरक्षा से जुड़े अहम नियमों को रोचक तरीके से सीखा।
जिला प्रशासन की पहल
यह कार्यक्रम उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व जिला परिवहन पदाधिकारी शैलेश प्रियदर्शी ने किया। प्रशासन का उद्देश्य था कि विद्यार्थियों को कम उम्र से ही यातायात नियमों के प्रति सजग बनाया जाए, ताकि भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। अधिकारियों का मानना है कि जागरूक छात्र ही सुरक्षित समाज की नींव रखते हैं।
केबीसी शैली में ज्ञानवर्धक क्विज
कार्यक्रम की खास आकर्षण रही केबीसी (कौन बनेगा करोड़पति) शैली में आयोजित क्विज प्रतियोगिता। इस रोचक प्रतियोगिता का संचालन क्विज मास्टर श्रीकान्त जयसवाल ने किया। सवालों को इस तरह से तैयार किया गया था कि छात्र आसानी से यातायात नियमों, सड़क संकेतों, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में सही व्यवहार को समझ सकें।
विद्यार्थियों में दिखा उत्साह और आत्मविश्वास
क्विज प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सवालों के जवाब देते समय बच्चों का आत्मविश्वास और जागरूकता साफ झलक रही थी। प्रतियोगिता के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि यदि सही तरीके से जानकारी दी जाए, तो विद्यार्थी जटिल नियमों को भी आसानी से समझ सकते हैं।
सड़क सुरक्षा से जुड़े अहम सबक
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को यह बताया गया कि
- वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट क्यों जरूरी है।
- तेज रफ्तार कैसे जानलेवा साबित हो सकती है।
- सड़क पार करते समय जेब्रा क्रॉसिंग और संकेतों का पालन क्यों जरूरी है।
- मोबाइल फोन का उपयोग वाहन चलाते समय कितना खतरनाक हो सकता है।
इन सभी बातों को उदाहरणों और सवालों के माध्यम से सरल भाषा में समझाया गया, जिससे बच्चों में सीखने की ललक और बढ़ गई।
प्रतियोगिता के परिणाम
क्विज प्रतियोगिता के परिणामों में कस्तूरबा गांधी उत्कृष्ट बालिका विद्यालय, देवघर की
- पायल कुमारी और प्रियानु कुमारी ने प्रथम स्थान हासिल किया।
वहीं मातृ मंदिर उत्कृष्ट विद्यालय, देवघर की
- श्रुति सिंह और माहेश्वरी सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सराहना मिली, जिससे अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिली।
शिक्षा के साथ सुरक्षा का संदेश
कार्यक्रम में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी भी उतनी ही जरूरी है। सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर छात्रों को जागरूक करना आने वाले समय में दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक होगा।
स्कूलों की भूमिका भी अहम
विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों ने भी इस तरह के आयोजनों की सराहना की। उनका कहना था कि यदि छात्रों को स्कूल स्तर पर ही यातायात नियमों की सही जानकारी दी जाए, तो वे न केवल खुद सुरक्षित रहेंगे, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी जागरूक करेंगे।
भविष्य में और कार्यक्रमों की योजना
जिला परिवहन विभाग की ओर से यह संकेत दिया गया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान आगे भी इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें सेमिनार, पोस्टर प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटक जैसे माध्यमों से भी लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।
न्यूज़ देखो: बच्चों से शुरू हो सड़क सुरक्षा की पहल
देवघर में आयोजित यह कार्यक्रम बताता है कि सड़क सुरक्षा की शुरुआत बच्चों से करना सबसे प्रभावी तरीका है। क्विज जैसे रोचक माध्यम से नियमों को समझाना न केवल ज्ञान बढ़ाता है, बल्कि व्यवहार में बदलाव भी लाता है। अब जरूरत है कि इस सीख को स्कूल से बाहर सड़क तक उतारा जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित आदतें आज, सुरक्षित भविष्य कल
आज सीखे गए नियम कल किसी की जान बचा सकते हैं।
विद्यार्थी यदि जागरूक होंगे, तो परिवार और समाज भी सुरक्षित बनेगा।
आइए, हम सब सड़क सुरक्षा को अपनी आदत बनाएं।
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