गिरिडीह में स्थापना दिवस पर अबुआ आवास   गृहप्रवेश कार्यक्रम का शुभारंभ, उपायुक्त ने कराया गृह प्रवेश

गिरिडीह में स्थापना दिवस पर अबुआ आवास गृहप्रवेश कार्यक्रम का शुभारंभ, उपायुक्त ने कराया गृह प्रवेश

author Surendra Verma
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#गिरिडीह #अबुआ_आवास : राज्य स्थापना दिवस पर जरूरतमंद परिवारों को मिला अपना पक्का घर, उपायुक्त ने दी शुभकामनाएं
  • उपायुक्त गिरिडीह ने पीरटांड़ प्रखंड में किया अबुआ आवास योजना के गृह प्रवेश कार्यक्रम का शुभारंभ।
  • झारखंड स्थापना दिवस 2025 पर गरीब परिवारों को मिला अपना स्वयं का पक्का घर
  • सरकार का लक्ष्य — हर जरूरतमंद को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना।
  • कार्यक्रम में विकास योजनाओं की समीक्षा और अधिकारियों को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश
  • समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, खेलकूद प्रतियोगिताएँ और जागरूकता कार्यक्रम भी हुए।

गिरिडीह जिले में झारखंड राज्य स्थापना दिवस 2025 के अवसर पर पीरटांड़ प्रखंड में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अबुआ आवास योजना के अंतर्गत गृह प्रवेश कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त गिरिडीह ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए लाभुक परिवारों को उनके नए पक्के घरों की चाबी सौंपी और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार का यह प्रयास है कि राज्य का कोई भी परिवार बेघर न रहे और सभी को अपने घर में रहने का सम्मानजनक अधिकार मिले।

गरीब परिवारों के लिए अबुआ आवास बना उम्मीद की किरण

अबुआ आवास योजना झारखंड सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। उपायुक्त ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत जिले के कई लाभुक परिवारों को आज अपने नए घरों में प्रवेश कराया गया है, जो सरकार की सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

उपायुक्त गिरिडीह ने कहा: “अबुआ आवास योजना न केवल एक सरकारी योजना है, बल्कि यह हमारे राज्य के हर नागरिक के सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।”

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के कार्यान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक पात्र परिवार को उसका अधिकार समय पर मिले।

स्थापना दिवस के साथ जुड़ा विकास और जनकल्याण

इस कार्यक्रम को झारखंड राज्य स्थापना दिवस के मुख्य समारोहों का हिस्सा बनाया गया था। मौके पर कई सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ, जिनमें स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों ने राज्य की संस्कृति, संघर्ष और स्वाभिमान की झलक पेश की। खेलकूद और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने वातावरण को उल्लासमय बना दिया।

उपायुक्त ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल विकास योजनाओं को गति देते हैं, बल्कि लोगों को सरकार की योजनाओं से जोड़ने का भी एक सशक्त माध्यम बनते हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाएँ समयबद्ध और पारदर्शी रूप से लागू हों।

धरती आबा बिरसा मुंडा की भावना को किया नमन

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त सहित सभी उपस्थित जनों ने धरती आबा बिरसा मुंडा के योगदान को याद किया। स्थापना दिवस समारोह को आदिवासी अस्मिता, आत्मसम्मान और संघर्ष की प्रेरणा से जोड़ा गया। अधिकारियों ने कहा कि झारखंड की भावना बिरसा मुंडा की विरासत से ही प्रेरित है, और सरकार इसी सोच के साथ राज्य को आगे बढ़ा रही है।

एक अधिकारी ने कहा: “धरती आबा बिरसा मुंडा का सपना था कि हर व्यक्ति सम्मानपूर्वक जिए। अबुआ आवास योजना उसी सपने को साकार कर रही है।”

न्यूज़ देखो: सम्मानजनक आवास से मजबूत होगा झारखंड

अबुआ आवास योजना का यह शुभारंभ न केवल गिरिडीह बल्कि पूरे झारखंड के लिए प्रेरक संदेश है। यह कार्यक्रम दिखाता है कि सरकार की नीतियाँ जब जमीन पर उतरती हैं, तो आम जनता के जीवन में वास्तविक परिवर्तन संभव है। यदि हर प्रखंड में इसी पारदर्शिता और समर्पण से योजनाएँ लागू हों, तो “सबका घर” का सपना जल्द साकार हो सकता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अपने घर, अपने सम्मान की दिशा में एक कदम

गिरिडीह में शुरू हुई यह पहल सिर्फ घर देने की नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है। आइए, हम सब इस सोच को आगे बढ़ाएं — हर जरूरतमंद को छत मिले, हर परिवार मुस्कुराए।
अपनी राय कमेंट करें, इस खबर को शेयर करें और झारखंड की विकास यात्रा में सहभागी बनें।

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Written by

डुमरी, गिरिडीह

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