जमशेदजी टाटा की जयंती पर विशेष लेख: आधुनिक भारत के औद्योगिक स्वप्नदृष्टा को नमन

#नवसारी #औद्योगिक_विरासत : राष्ट्रनिर्माता जमशेदजी टाटा के दूरदर्शी योगदान पर विशेष। भारत के औद्योगिक इतिहास में यदि किसी एक नाम को आधुनिक औद्योगिक युग का प्रणेता कहा जाए, तो वह है जमशेदजी टाटा। उन्होंने उस समय भारतीय उद्योग की नींव रखी, जब देश अंग्रेजी शासन के अधीन था और आर्थिक रूप से निर्भर बना दिया […]

सोहन लाल द्विवेदी की जयंती पर विशेष स्मरण: राष्ट्र चेतना के अमर कवि को नमन

#फतेहपुर #साहित्य_स्मरण : राष्ट्रकवि सोहन लाल द्विवेदी के जीवन और कृतित्व पर विशेष लेख। हिंदी साहित्य के इतिहास में कुछ रचनाकार ऐसे होते हैं जिनकी उपस्थिति केवल साहित्य तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे युग की चेतना बन जाते हैं। राष्ट्रकवि सोहन लाल द्विवेदी ऐसा ही एक तेजस्वी नाम है। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले […]

दो मार्च मध्यरात्रि होगा होलिकादहन, चार मार्च को मनाई जाएगी होली – ज्योतिषाचार्य रामनिवास तिवारी ने बताई तिथि

#विश्रामपुर #होली_तिथि : भद्रा और ग्रहण के कारण तिथि में बदलाव। पलामू प्रमंडल के चर्चित पत्रकार सह ज्योतिषाचार्य पंडित रामनिवास तिवारी ने इस वर्ष होलिकादहन और होली की तिथि को लेकर विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने खगोलीय गणना और पंचांग के आधार पर बताया कि भद्रा काल और चंद्र ग्रहण के कारण पारंपरिक समय में […]

शहीद भगत सिंह का जीवन, क्रांतिकारी संघर्ष और 23 मार्च 1931 की ऐतिहासिक फांसी

#स्वतंत्रता_संग्राम : 23 वर्ष की आयु में शहादत देकर बने युवाओं के प्रेरणास्रोत। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में यदि युवाओं की क्रांतिकारी चेतना का कोई सबसे सशक्त प्रतीक माना जाता है, तो वह नाम है भगत सिंह। मात्र 23 वर्ष की आयु में फांसी पर चढ़ने वाले इस क्रांतिकारी ने न केवल अंग्रेजी हुकूमत को […]

अमर चित्र कथा और टिंकल के जनक अनंत पै ने कैसे बदली भारतीय बाल साहित्य और सांस्कृतिक शिक्षा की दिशा

#भारत #बाल_साहित्य : कॉमिक्स के माध्यम से बच्चों को संस्कृति और इतिहास से जोड़ने वाले महान व्यक्तित्व। भारत की धरती ने अनेक महान विभूतियों को जन्म दिया है, लेकिन उनमें से कुछ ऐसे व्यक्तित्व होते हैं जो अपनी सादगी, दूरदर्शिता और समर्पण से पूरी पीढ़ी की सोच और सांस्कृतिक पहचान को आकार देते हैं। अनंत […]

रानी गाइदिनल्यू की पुण्यतिथि पर स्मरण, पूर्वोत्तर की महान स्वतंत्रता सेनानी की अमर गाथा

#नागालैंड #पुण्यतिथि_स्मरण : महान स्वतंत्रता सेनानी रानी गाइदिनल्यू के योगदान को नमन। भारत के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास केवल महानगरों और समतल मैदानों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसकी ज्योति पूर्वोत्तर भारत के दुर्गम पर्वतीय और वन क्षेत्रों तक प्रज्वलित रही। इसी संघर्ष की अग्निशिखा थीं रानी गाइदिनल्यू, जिन्होंने कम आयु में ही ब्रिटिश शासन […]

पुराने रिश्तों को पुनर्जीवित करने का महापर्व है चुनाव: शर्मिला वर्मा

#निकाय_चुनाव #चुनावी_महापर्व : मतदान नजदीक आते तक ठंडे पड़े रिश्तों में बढ़ी गर्माहट। निकाय चुनाव जैसे-जैसे अपने निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है, वार्ड स्तर पर सामाजिक हलचल तेज होती जा रही है। भूले-बिसरे रिश्तों में अचानक गर्मजोशी लौट आई है। वार्ड पार्षद चुनाव के कारण एक-एक वार्ड में दस-ग्यारह प्रत्याशी मैदान में हैं […]

लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा: 1971 की रणनीति जिसने बांग्लादेश को दिलाई आज़ादी

#भारत #सैन्य_इतिहास : 1971 भारत-पाक युद्ध में निर्णायक नेतृत्व। साल 1971 का युद्ध भारतीय सैन्य इतिहास का एक निर्णायक अध्याय माना जाता है। इस युद्ध ने न केवल बांग्लादेश के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया, बल्कि भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता को भी वैश्विक स्तर पर स्थापित किया। इस पूरे अभियान में पूर्वी कमान के […]

आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती पर समाज ने किया नमन और उनके सुधारवादी विचारों का स्मरण

#जयंती_विशेष #दयानंद_जयंती : समाज सुधार और वेद प्रचार के अग्रदूत को श्रद्धांजलि। भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के बीच स्वामी दयानंद सरस्वती का व्यक्तित्व एक क्रांतिकारी संत और समाज सुधारक के रूप में स्थापित है। उनकी जयंती के अवसर पर देशभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ उनके विचारों को याद किया जाता है। […]

नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशी ही नहीं, मतदाता भी असमंजस में; रिश्तों, जाति, काम और पैसों के बीच उलझा लोकतंत्र

#नगरनिगम #चुनावीमाहौल : प्रत्याशियों की भीड़ से मतदाता दिग्भ्रमित और सामाजिक समीकरणों में उलझे। इस बार के नगर निकाय चुनाव में सिर्फ प्रत्याशी ही नहीं, मतदाता भी बेहाल हैं। जहां प्रत्याशियों की भीड़ के कारण सभी को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है, वहीं जनता भी दिग्भ्रमित है कि किसको वोट करे, किसको नहीं। सभी […]

वीर आदिवासी क्रांतिकारी तेलंगा खड़िया की जन्मजयंती पर स्मृति-आह्वान, उनका साहस और बलिदान याद

#गुमला #स्वतंत्रता_संग्राम : आदिवासी क्रांतिकारी तेलंगा खड़िया के साहस और बलिदान को श्रद्धांजलि दी गई। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी नायकों का योगदान अक्सर हाशिये पर रहा। वीर तेलंगा खड़िया ने अपने साहस, नेतृत्व और संगठन क्षमता से आदिवासी समाज में स्वतंत्रता की चेतना जगाई। प्रारंभिक जीवन और आदिवासी मूल तेलंगा खड़िया का जन्म […]

मन्मथनाथ गुप्त की जयंती पर विशेष: काकोरी के युवा क्रांतिकारी से लेकर इतिहास के विश्वसनीय दस्तावेजकार तक की प्रेरक यात्रा

#वाराणसी #क्रांतिकारी_विरासत : 7 फरवरी को जन्मे मन्मथनाथ गुप्त ने सशस्त्र संघर्ष और साहित्य दोनों के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को दी नई दिशा। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की गाथा में अनेक नाम हैं, लेकिन कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं जिनकी पहचान केवल एक भूमिका तक सीमित नहीं रही। मन्मथनाथ गुप्त उन्हीं में से एक थे। वे […]

गुरबख्श सिंह ढिल्लों की विरासत: साहस, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के संकल्प की अमिट गाथा

#स्वतंत्रता_संग्राम : आज़ाद हिंद फ़ौज के कर्नल ढिल्लों का प्रेरक जीवन और राष्ट्रीय चेतना पर प्रभाव। इतिहास केवल तिथियों और घटनाओं का क्रम नहीं होता; वह उन व्यक्तित्वों की जीवंत स्मृति भी है, जिनके संकल्प ने समय की धारा मोड़ी। गुरबख्श सिंह ढिल्लों ऐसे ही सेनानायक थे—आज़ाद हिंद फ़ौज के निर्भीक कर्नल, जिनका जीवन स्वतंत्रता […]

छायावाद का अंतिम गौरव: आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री की साहित्यिक विरासत

#हिंदीसाहित्य #साहित्यिकविरासत : छायावाद की परंपरा को अंतिम आलोक देने वाले आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री। हिंदी साहित्य के इतिहास में छायावाद का युग अपनी कोमल संवेदनाओं, रहस्यवाद और सौंदर्यबोध के लिए जाना जाता है। जब प्रसाद, निराला, पंत और महादेवी वर्मा जैसे स्तंभ अपनी सृजन-यात्रा के अंतिम पड़ाव पर थे, तब आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री […]

चौरी चौरा कांड 1922 जब अहिंसा की कसौटी पर खड़ा हुआ स्वतंत्रता संग्राम

#उत्तरप्रदेश #स्वतंत्रताआंदोलन : चौरी चौरा की हिंसक घटना ने असहयोग आंदोलन की दिशा बदल दी। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम केवल आंदोलनों और नारों की कहानी नहीं है, बल्कि यह नैतिक संघर्ष, आत्मसंयम और जनभावनाओं की परीक्षा की भी गाथा है। चौरी चौरा कांड इसी संघर्ष का ऐसा अध्याय है, जिसने आज़ादी की लड़ाई की दिशा को […]

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष मानवता की नई शुरुआत का प्रतीक गांधी का बलिदान

#भारत #गांधी_पुण्यतिथि : 30 जनवरी 1948 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का बलिदान केवल भारत ही नहीं, समूची मानवता के नैतिक विवेक को झकझोर देने वाला ऐतिहासिक क्षण है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेषगांधी का बलिदान मानवता की एक नई शुरुआत है।हृदयानंद मिश्र, एडवोकेट। 30 जनवरी भारत ही नहीं समूची मानवता के लिए एक […]

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर विशेष: विचारों का दीप और राष्ट्रबोध की वैचारिक दिशा

#भारत #जयंती_विशेष : सत्ता से दूर रहकर भी राष्ट्र की वैचारिक दिशा तय करने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय का चिंतन आज भी भारत के विकास पथ का मार्गदर्शक है। भारतीय राजनीति और वैचारिक परंपरा में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो स्वयं सत्ता के केंद्र में न रहते हुए भी सत्ता और समाज की दिशा […]

जननायक कर्पूरी ठाकुर का वैचारिक सफर, सामाजिक न्याय की राजनीति को नई दिशा देने वाले महान नेता

#बिहार #कर्पूरी_ठाकुर : संघर्ष, सिद्धांत और सामाजिक समरसता से भरा जीवन भारतीय राजनीति की अमूल्य धरोहर बना। कर्पूरी ठाकुर का जीवन केवल राजनीतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह विचार, संघर्ष और सामाजिक प्रतिबद्धता की जीवंत मिसाल था। साधारण परिवार में जन्मे कर्पूरी ठाकुर ने प्रारंभ से ही शिक्षा, वाद-विवाद और सार्वजनिक जीवन में […]

कराची के किलर कमोडोर बब्रूवाहन यादव की वीरगाथा: जिसने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की कमर तोड़ दी

#1971_युद्ध #भारतीय_नौसेना : ऑपरेशन ट्राइडेंट और पायथन के जरिए कराची पर निर्णायक हमला कर इतिहास रचने वाले महावीर चक्र विजेता कमोडोर बब्रूवाहन यादव की अद्भुत कहानी। भारतीय नौसेना के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं जो साहस, रणनीति और देशभक्ति के प्रतीक बन गए हैं। इन्हीं में से एक नाम है कमोडोर बब्रूवाहन (बबरू) यादव […]

गोलियां खत्म हुईं तो खंजर से लड़े भारत मां के लाल करम सिंह: जब टिथवाल में बने पाकिस्तान के लिए यमराज

#टिथवाल #परमवीर_चक्र : लांस नायक करम सिंह की वीरता ने 1948 में कश्मीर की धरती पर दुश्मन के आठ हमले नाकाम किए। लांस नायक करम सिंह एक बहादुर सैनिक थे जिन्होंने अकेले ही पाकिस्तानी आतंकवादियों को टिथवाल पर कब्जा करने से रोक दिया था। उन्हें जीवित रहते हुए परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। […]

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