गढ़वा के खेरवार टोला में इलाज के अभाव में बुजुर्ग महिला की मौत: व्यवस्था पर उठे सवाल

गढ़वा के खेरवार टोला में इलाज के अभाव में बुजुर्ग महिला की मौत: व्यवस्था पर उठे सवाल

author Avinash Kumar
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#गढ़वा #मानवीयसंकट : मेराल के खेरवार टोला में गरीबी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से बुजुर्ग महिला की मौत।

गढ़वा जिले के मेराल प्रखंड स्थित खेरवार टोला में 63 वर्षीय पार्वती मुसहर की इलाज और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मौत हो गई। परिजनों के अनुसार लंबे समय से बीमार चल रही महिला को आर्थिक तंगी के कारण बेहतर उपचार नहीं मिल सका। मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के लिए भी परिवार के पास संसाधन नहीं थे। स्थानीय लोगों और समाजसेवियों की मदद से उनका अंतिम संस्कार कराया गया।

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  • मेराल प्रखंड के खेरवार टोला में 63 वर्षीय पार्वती मुसहर की मौत।
  • परिवार ने गरीबी के कारण इलाज नहीं मिलने की बात कही।
  • अंतिम संस्कार के लिए भी परिजनों के पास नहीं थे पर्याप्त पैसे।
  • समाजसेवियों और पंचायत सचिव के सहयोग से कराया गया अंतिम संस्कार।
  • ग्रामीणों ने आवास, राशन, बिजली और स्वास्थ्य सुविधा की मांग उठाई।

गढ़वा जिले के मेराल प्रखंड की पूर्वी पंचायत स्थित खेरवार टोला से मानव जीवन की बुनियादी जरूरतों और सरकारी सुविधाओं की पहुंच को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। यहां रहने वाली 63 वर्षीय पार्वती मुसहर की रविवार दोपहर बीमारी और इलाज की कमी के बीच मौत हो गई।

परिजनों के अनुसार, पार्वती मुसहर लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण उन्हें समय पर बेहतर इलाज और जरूरी दवाइयां उपलब्ध नहीं हो सकीं। लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बाद उन्होंने अपने जर्जर घर में ही दम तोड़ दिया।

इस घटना के बाद खेरवार टोला में शोक का माहौल है। वहीं स्थानीय ग्रामीणों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है।

अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं थे परिवार के पास पैसे

पार्वती मुसहर की मौत के बाद परिवार की आर्थिक मजबूरी और अधिक सामने आई। महादलित परिवार होने के कारण पहले से ही अभावों से जूझ रहे परिजनों के पास शव के अंतिम संस्कार के लिए कफन, लकड़ी और अन्य जरूरी सामग्री जुटाने तक के पैसे नहीं थे।

स्थिति की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय ग्रामीणों, समाजसेवियों और पंचायत प्रशासन ने पहल की। समाजसेवी देवव्रत मेहता, देव कुमार राम, विनेश मेहता, दिनेश महतो और विनोद चौधरी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को आर्थिक एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया।

वहीं पंचायत सचिव राधा कुमारी ने भी परिवार की मदद की। स्थानीय लोगों के सहयोग और सामूहिक प्रयास से पार्वती मुसहर का विधिवत अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।

खेरवार टोला में मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी समस्या

पार्वती मुसहर की मौत ने खेरवार टोला में रहने वाले मुसहर समुदाय की समस्याओं को एक बार फिर सामने ला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से यहां रहने के बावजूद कई परिवार आज भी सरकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, टोले के कई परिवारों के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है। बिजली, राशन, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी आज भी लोगों की परेशानी बनी हुई है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास के कई वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ता है।

प्रशासन से सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग

बुजुर्ग महिला की मौत के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से खेरवार टोला की स्थिति सुधारने की मांग की है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि वंचित परिवारों को जल्द से जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं हैं, उनके लिए राशन कार्ड बनाने, बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने और पेयजल की व्यवस्था करने की मांग उठाई गई है।

ग्रामीणों ने सुदूर क्षेत्र में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की भी मांग की है, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को समय पर इलाज मिल सके और भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़े।

गरीब परिवारों तक योजनाओं की पहुंच जरूरी

सरकार द्वारा ग्रामीण और कमजोर वर्गों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन खेरवार टोला जैसी घटनाएं यह बताती हैं कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी और सक्रियता जरूरी है।

स्वास्थ्य सुविधा, आवास, राशन और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाएं किसी भी नागरिक के जीवन की बुनियादी जरूरत हैं। ऐसे मामलों में प्रशासनिक तंत्र और स्थानीय स्तर के प्रतिनिधियों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

न्यूज़ देखो: खेरवार टोला की घटना ने खोली जमीनी हकीकत की तस्वीर

पार्वती मुसहर की मौत केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब उनका लाभ जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंचे। प्रशासन को ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर स्वास्थ्य, आवास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की नियमित समीक्षा करनी चाहिए। खेरवार टोला जैसे इलाकों में विशेष अभियान चलाकर वंचित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जरूरतमंदों तक पहुंचे मदद का हाथ तभी बदलेगी तस्वीर

समाज का विकास तभी संभव है जब सबसे कमजोर व्यक्ति तक सम्मानजनक जीवन की सुविधाएं पहुंचें। गरीब और वंचित परिवारों की समस्याओं को समझना और समाधान के लिए आवाज उठाना हर जिम्मेदार नागरिक की भूमिका है।

आपके आसपास भी यदि ऐसी कोई जनसमस्या है तो उसे सामने लाएं, जागरूकता फैलाएं और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे बढ़ें। खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में बताएं और सामाजिक सरोकार से जुड़ी आवाजों को मजबूत करें।

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