News dekho specials
Ranchi

हेसालौंग में सरहुल पूजा पर उमड़ी आस्था पारंपरिक विधि से सम्पन्न हुआ प्रकृति पर्व

#खलारीरांची #सरहुलपर्व : हेसालौंग में पारंपरिक रीति से पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।

रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत हेसालौंग में आदिवासी समाज का प्रमुख प्रकृति पर्व सरहुल हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर झखड़ा स्थल पर पाहनों द्वारा पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों के लोगों ने भाग लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। यह आयोजन सामाजिक एकता और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक बना।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • हेसालौंग गांव में सरहुल पूजा पारंपरिक विधि से सम्पन्न।
  • सुरेश पाहन और कईला पाहन ने झखड़ा स्थल पर किया अनुष्ठान।
  • पूजा में प्रकृति देवता से सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा की कामना।
  • थाना प्रभारी धन्नजय बैठा ने दी शुभकामनाएं, कार्यक्रम में रहे मौजूद।
  • मांदर, ढोल, नगाड़ों के साथ खोहरा टीमों का पारंपरिक नृत्य
  • आयोजन को सफल बनाने में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और योगदान

रांची जिले के खलारी क्षेत्र स्थित हेसालौंग गांव में सरहुल पर्व को लेकर उत्सव का माहौल देखने को मिला। आदिवासी समाज के इस प्रमुख प्रकृति पर्व को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया, जिसमें गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूजा-अर्चना से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक, पूरे आयोजन में आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।

पारंपरिक विधि से संपन्न हुई सरहुल पूजा

हेसालौंग के झखड़ा स्थल पर स्थानीय सुरेश पाहन एवं कईला पाहन द्वारा विधिवत चेंगन कटी कर सरहुल पूजा संपन्न कराई गई। इस दौरान गांव के लोगों ने एकत्र होकर प्रकृति देवता की आराधना की और सुख-समृद्धि के साथ-साथ अच्छी वर्षा की कामना की।

सुरेश पाहन ने कहा: “सरहुल पर्व हमारी परंपरा और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक है, जिसे हम पूरी श्रद्धा के साथ मनाते हैं।”

पूजा के दौरान पारंपरिक नियमों और रीति-रिवाजों का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे आयोजन की पवित्रता बनी रही।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाया उत्सव का रंग

कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से आई खोहरा टीमों ने मांदर, ढोल और नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। रंग-बिरंगे पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवाओं और महिलाओं ने सामूहिक नृत्य कर अपनी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन किया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्सव का माहौल बना रहा और हर कोई इस सांस्कृतिक आयोजन में डूबा नजर आया।

प्रशासनिक उपस्थिति और शुभकामनाएं

इस अवसर पर मैकलुस्कीगंज थाना प्रभारी धन्नजय बैठा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उन्होंने क्षेत्रवासियों को सरहुल पर्व की शुभकामनाएं दीं और इस तरह के आयोजनों को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।

News dekho specials

उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई और लोगों में उत्साह देखने को मिला।

प्रसाद वितरण और सामूहिक सहभागिता

कार्यक्रम के अंत में समिति की ओर से ग्रामीणों के बीच खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सफलता में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

इस आयोजन को सफल बनाने में मंतोष मुंडा, रामलखन भगत, सुरेश पाहन, विजय मुंडा, नरेश भगत, शंकर मुंडा, राजेश मुंडा, विशुन गंझु, श्रवण कुमार गंझु, मिट्ठू मुंडा, लालमोहन मुंडा, गोपाल गंझु, श्यामबृच मुंडा, रमेश गंझु, अशोक लोहरा, राजेश गंझु, सरजू गंझु, आशीष मुंडा, बुटन मुंडा, रविन्द्र मुंडा, राजकिशोर मुंडा, पंचम लोहरा, श्रवण लोहरा, राजू मुंडा, झुनुवा मुंडा, राजेंद्र मुंडा सहित कई ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा।

सामाजिक एकता और परंपरा का प्रतीक बना सरहुल

सरहुल पर्व आदिवासी समाज के लिए केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है। यह पर्व समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है।

हेसालौंग में आयोजित यह कार्यक्रम इसी भावना का सजीव उदाहरण बनकर सामने आया।

न्यूज़ देखो: संस्कृति के संरक्षण में ग्रामीणों की अहम भूमिका

हेसालौंग में सरहुल पर्व का आयोजन यह दिखाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी पारंपरिक संस्कृति जीवंत है। स्थानीय लोगों की भागीदारी और सहयोग से ऐसे आयोजन सफल होते हैं और समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। प्रशासन की उपस्थिति भी इस बात का संकेत है कि इन आयोजनों को महत्व दिया जा रहा है। क्या भविष्य में ऐसे आयोजनों को और व्यापक पहचान मिल सकेगी, यह देखना जरूरी होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अपनी परंपराओं को सहेजें और संस्कृति को आगे बढ़ाएं

सरहुल जैसे पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और हमारी पहचान को मजबूत बनाते हैं। ऐसे आयोजनों में भाग लेकर हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचा सकते हैं।आपके क्षेत्र में भी इस तरह के आयोजन हो रहे हैं, तो उसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं और समाज को एकजुट करने में योगदान दें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Jitendra Giri

खलारी, रांची

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
🔔

Notification Preferences

error: