
#चंदवा #रोजगार_संकट : एनएच किनारे अस्थायी दुकानदारों के विस्थापन की आशंका के बीच विधायक ने स्थल पहुंचकर दिया न्याय का आश्वासन।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे वर्षों से दुकान चला रहे चार परिवारों के सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है। प्रस्तावित दो नई पक्की दुकानों के निर्माण के लिए जारी टेंडर से विस्थापन की आशंका जताई जा रही है। विधायक प्रकाश राम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
- जिला परिषद परिसर, चंदवा में लगभग 20 वर्षों से चार परिवार चला रहे हैं दुकान।
- एनएच और पूर्व निर्मित मार्केट के बीच भूमि पर दो नई दुकानों के निर्माण का टेंडर जारी।
- वर्तमान दुकानदारों ने जताई विस्थापन और बेरोज़गारी की आशंका।
- विधायक प्रकाश राम ने स्थल निरीक्षण कर दिया न्याय का आश्वासन।
- अधिकारियों से वार्ता कर निर्णय स्पष्ट करने की बात कही।
चंदवा प्रखंड स्थित जिला परिषद परिसर में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे वर्षों से अस्थायी रूप से दुकान लगाकर जीवन-यापन कर रहे परिवारों के सामने आज रोज़गार का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। करीब 20 वर्षों से चार दुकानदार चाय, लिट्टी, अंडा और अन्य नाश्ते की दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। इन दुकानों से न केवल उनके परिवारों की आजीविका जुड़ी है, बल्कि स्थानीय लोगों और यात्रियों की सुविधा भी सुनिश्चित होती रही है।
टेंडर से बढ़ी चिंता
जानकारी के अनुसार जिला परिषद, लातेहार द्वारा पूर्व में निर्मित मार्केट राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग 50 फीट हटकर बनाया गया था। अब एनएच सड़क और उस मार्केट के बीच बची खाली भूमि पर मात्र दो पक्की दुकानों के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया है।
इस निर्णय से लंबे समय से दुकान चला रहे चारों दुकानदारों के सामने विस्थापन की आशंका गहरा गई है। दुकानदारों का कहना है कि यदि दो दुकानों का निर्माण कर उन्हें टेंडर प्रक्रिया के तहत अन्य लोगों को आवंटित किया गया, तो उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
“रोज़ी-रोटी छिन जाएगी”
दुकानदारों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वे लगभग दो दशकों से यहां व्यवसाय कर रहे हैं। इस स्थान से उनका भावनात्मक और आर्थिक जुड़ाव है। यदि निर्माण कार्य बिना वैकल्पिक व्यवस्था के किया गया तो उनके परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि या तो प्रस्तावित निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए, अथवा सभी प्रभावित दुकानदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि विकास कार्य स्वागतयोग्य है, लेकिन इससे किसी की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
विधायक प्रकाश राम पहुंचे मौके पर
मामले की सूचना मिलते ही लातेहार विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रकाश राम स्वयं स्थल पर पहुंचे। उन्होंने दुकानदारों से विस्तृत बातचीत की और पूरी स्थिति का निरीक्षण किया।
विधायक ने मौके पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्षों से जीविकोपार्जन कर रहे लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर यह स्पष्ट किया जाएगा कि केवल दो दुकानों का ही टेंडर क्यों निकाला गया और इसी स्थान का चयन क्यों किया गया।
“जब तक पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती और प्रभावित परिवारों के हित सुरक्षित नहीं होते, तब तक किसी भी प्रकार का अन्यायपूर्ण निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।”
विधायक के इस बयान से दुकानदारों में कुछ हद तक राहत की भावना देखी गई।
विकास बनाम आजीविका का सवाल
यह मामला केवल चार दुकानदारों का नहीं, बल्कि विकास योजनाओं और आजीविका के बीच संतुलन का भी है। राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित यह क्षेत्र स्थानीय व्यापार का छोटा लेकिन महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। ऐसे में प्रशासनिक निर्णय लेते समय सामाजिक और मानवीय पहलुओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण आवश्यक है तो प्रभावित दुकानदारों को प्राथमिकता के आधार पर समायोजित किया जाना चाहिए। इससे विकास भी होगा और किसी का रोजगार भी प्रभावित नहीं होगा।

न्यूज़ देखो: विकास के साथ न्याय जरूरी
चंदवा की यह स्थिति बताती है कि विकास योजनाओं के साथ मानवीय दृष्टिकोण भी उतना ही आवश्यक है। छोटे दुकानदार वर्षों की मेहनत से अपनी पहचान बनाते हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि विकास और आजीविका के बीच संतुलन कायम रखें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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