
#गढ़वा #गुमशुदगी : मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति लापता है, तलाश जारी रखने की अपील।
गढ़वा के झुरा गांव निवासी 46 वर्षीय प्रदीप तिवारी 4 जनवरी 2026 की शाम से लापता हैं। परिजनों ने गढ़वा थाना में लिखित आवेदन देकर उनकी खोजबीन की मांग की है। बताया गया है कि प्रदीप की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, जिससे परिवार काफी चिंतित है। ग्रामीण स्तर पर खोज के बावजूद कोई सूचना नहीं मिलने के कारण प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई गई है।
- प्रदीप तिवारी (मुन्ना) 4 जनवरी 2026 से लापता।
- लापता व्यक्ति की उम्र 46 वर्ष।
- निवास स्थान ग्राम झुरा, जिला गढ़वा।
- परिजनों द्वारा गढ़वा थाना में लिखित आवेदन।
- मानसिक स्थिति खराब होने से बढ़ी चिंता।
- सूचना देने हेतु जारी मोबाइल नंबर 8434470750।
गढ़वा जिला के झुरा गांव निवासी प्रदीप तिवारी (उर्फ मुन्ना तिवारी) के अचानक लापता हो जाने से उनके परिवार में भय और चिंता का माहौल है। उनकी माता प्रभावती देवी ने इस संबंध में गढ़वा थाना प्रभारी को आवेदन देकर प्रशासन से मदद की मांग की है। परिजनों का कहना है कि प्रदीप मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और बिना किसी को बताए घर से निकल गए, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
कब और कैसे हुए लापता
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार प्रदीप तिवारी रविवार 4 जनवरी 2026 को शाम करीब 5 बजे से लापता हैं। उस समय उनकी स्थिति सामान्य थी और वे पूरी तरह ठीक नजर आ रहे थे। अचानक शाम के समय वे घर से बाहर निकले और फिर वापस नहीं लौटे। काफी देर इंतजार के बाद जब उनका पता नहीं चला तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की।
माता प्रभावती देवी ने बताया कि प्रदीप को पहले से मानसिक समस्या है, लेकिन पिछले कुछ समय से उनकी तबियत स्थिर थी। ऐसे में उनका इस तरह अचानक गायब हो जाना परिवार के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। उनकी माता की उम्र लगभग 75 वर्ष है और वे स्वयं भी अस्वस्थ रहती हैं, जिसके कारण इस संकट ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है।
ग्रामीणों ने भी की खोजबीन
प्रदीप के लापता होने के बाद परिवार के सदस्यों के साथ-साथ झुरा गांव के कई स्थानीय लोगों ने भी अपने स्तर से खोजबीन की। आसपास के गांवों, रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर जाकर जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। बावजूद इसके अभी तक कहीं से भी कोई ठोस सूचना नहीं मिल सकी है।
परिवार लगातार यह उम्मीद लगाए बैठा था कि शायद वे किसी परिचित के यहां चले गए हों, लेकिन कई दिनों तक कोई संपर्क नहीं होने से चिंता और गहरी हो गई। थक-हार कर प्रभावती देवी गढ़वा थाना पहुंचीं और पुलिस प्रशासन से निवेदन किया कि उनके पुत्र की तलाश में आवश्यक कदम उठाए जाएं।
लापता व्यक्ति का पूरा विवरण
आवेदन पत्र में लापता व्यक्ति का विस्तृत परिचय भी दिया गया है:
नाम: प्रदीप तिवारी (मुन्ना)
पिता: नंद किशोर तिवारी
माता: प्रभावती कुँवर
उम्र: 46 वर्ष
निवास: ग्राम झुरा, थाना एवं जिला गढ़वा, झारखंड
परिजनों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए विशेष संवेदनशीलता के साथ उनकी खोज की जाए। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि किन्हीं को प्रदीप तिवारी कहीं भी दिखाई दें या उनके बारे में कोई जानकारी मिले तो दिए गए मोबाइल नंबर 8434470750 पर तुरंत सूचित करें।
पुलिस की कार्रवाई
इस मामले की सूचना मिलते ही गढ़वा थाना पुलिस ने आवेदन को संज्ञान में लिया है। थाना प्रभारी द्वारा आश्वासन दिया गया है कि लापता व्यक्ति की तलाश के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाने और आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के लापता होने के मामलों में त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी होती है, क्योंकि ऐसे लोग रास्ता भटक सकते हैं या किसी अनहोनी का शिकार हो सकते हैं। इसी वजह से परिजन जल्द से जल्द उनका पता लगाए जाने की मांग कर रहे हैं।
परिवार पर टूटा संकट
ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले इस परिवार के लिए यह घटना बेहद कष्टदायक है। प्रभावती देवी ने अपने आवेदन में बताया है कि उनके पति स्वर्गीय नंद किशोर तिवारी के निधन के बाद पुत्र ही उनका सहारा था। अब उसके लापता हो जाने से पूरा परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है।
उनका कहना है कि प्रशासनिक सहयोग मिलने से ही उन्हें उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। परिवार के लोग दिन-रात प्रदीप के सकुशल लौट आने की प्रार्थना कर रहे हैं।
गुमशुदगी के मामलों में सावधानी जरूरी
यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि परिवार के सदस्यों, खासकर मानसिक रूप से कमजोर लोगों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति के लापता होने पर तुरंत नजदीकी थाना में सूचना देना सबसे उचित कदम होता है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
न्यूज़ देखो: मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की सुरक्षा का सवाल
यह मामला प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी को उजागर करता है। मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की गुमशुदगी केवल एक परिवार की समस्या नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की संवेदनशीलता की परीक्षा होती है। जरूरी है कि पुलिस ऐसे मामलों में तकनीकी मदद, सार्वजनिक सूचना तंत्र और त्वरित खोज अभियान को मजबूत करे। देखना होगा कि इस प्रकरण में प्रशासन द्वारा कितनी शीघ्रता से ठोस कदम उठाए जाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजग समाज ही सुरक्षित समाज
कड़ाके की ठंड और कठिन हालात में किसी व्यक्ति का लापता होना गंभीर विषय है। ऐसे समय में स्थानीय लोगों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि आपको प्रदीप तिवारी कहीं भी नजर आएं तो इसे अनदेखा न करें और तुरंत परिजनों या पुलिस को सूचना दें। आपकी एक छोटी सी पहल किसी परिवार को बड़ी राहत दे सकती है। इस खबर को अधिक से अधिक शेयर करें और गढ़वा क्षेत्र में जागरूकता फैलाने में सहयोग दें। अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें, ताकि प्रशासन तक जनता की आवाज मजबूती से पहुंचे।





