धान खरीद ठप होने से अन्नदाता संकट में, सरकार संवेदनहीनता छोड़े : नीतू सिंह

धान खरीद ठप होने से अन्नदाता संकट में, सरकार संवेदनहीनता छोड़े : नीतू सिंह

author Tirthraj Dubey
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#पाण्डु #किसान_संकट : पैक्स में धान क्रय बंद रहने से किसान आर्थिक दबाव में आकर औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर।

पलामू जिले के पाण्डु प्रखंड में पैक्स के माध्यम से धान की खरीद बंद रहने से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कर्ज लेकर खेती करने वाले अन्नदाता बीते एक माह से पैक्स और प्रखंड कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में किसान अपने धान को औने-पौने दामों पर बेचने को विवश हो रहे हैं। इस स्थिति को लेकर पाण्डु प्रमुख नीतू सिंह ने राज्य सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए तत्काल धान क्रय शुरू करने की मांग की है।

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  • पाण्डु प्रखंड के सभी पैक्स में धान खरीद पूरी तरह बंद।
  • कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान आर्थिक संकट में।
  • बीते एक माह से किसान पैक्स और ब्लॉक के चक्कर काट रहे हैं।
  • मजबूरी में धान औने-पौने दामों पर बिक्री
  • प्रमुख नीतू सिंह ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।

पलामू जिले के पाण्डु प्रखंड में धान खरीद व्यवस्था ठप पड़ने से किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रखंड के सभी पैक्स में धान क्रय बंद होने के कारण अन्नदाता न तो अपनी फसल सरकारी दर पर बेच पा रहे हैं और न ही उन्हें कोई स्पष्ट जवाब मिल रहा है। किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं और उन्हें उम्मीद रहती है कि सरकार समय पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उनकी उपज खरीदेगी, लेकिन मौजूदा हालात ने उनकी उम्मीदों को गहरा झटका दिया है।

पैक्स बंद, किसान परेशान

जानकारी के अनुसार पाण्डु प्रखंड के सभी पैक्स में पिछले एक माह से धान खरीद पूरी तरह बंद है। किसान रोजाना पैक्स और प्रखंड कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। इस बीच साहूकारों और बैंकों के कर्ज का तगादा बढ़ता जा रहा है, जिससे किसानों की मानसिक और आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई है।

औने-पौने दामों पर फसल बेचने की मजबूरी

धान खरीद बंद होने का सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ रहा है। सरकारी खरीद न होने के कारण किसान मजबूरी में अपने धान को बाजार में औने-पौने दामों पर बेच रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि इससे उन्हें लागत तक नहीं निकल पा रही है। इससे न केवल वर्तमान खेती प्रभावित हो रही है, बल्कि अगली फसल को लेकर भी किसानों में चिंता बढ़ गई है।

नीतू सिंह का सरकार पर तीखा बयान

इस पूरे मामले को लेकर पाण्डु प्रमुख नीतू सिंह ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा:

नीतू सिंह ने कहा: “पैक्स में धान की खरीद बंद है और अन्नदाता आर्थिक संकट में हैं। सरकार संवेदनहीनता की चादर ओढ़े हुए है। किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं और जब फसल बेचने का समय आता है, तो उन्हें दर-दर भटकना पड़ता है।”

उन्होंने आगे कहा कि यह स्थिति किसानों के साथ अन्याय है और सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

नीतू सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और माननीय कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से अनुरोध किया है कि किसानों के हित में अविलंब पैक्स के माध्यम से धान क्रय प्रारंभ कराया जाए। उनका कहना है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो किसानों की आर्थिक स्थिति और बदतर हो जाएगी, जिसका असर पूरे ग्रामीण अर्थतंत्र पर पड़ेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गहरा असर

धान खरीद बंद रहने से केवल किसान ही नहीं, बल्कि इससे जुड़ी पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। कृषि मजदूर, परिवहन से जुड़े लोग और छोटे व्यापारी भी इस संकट से प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सरकारी खरीद शुरू न होने से ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी संकट और बढ़ सकता है।

न्यूज़ देखो: अन्नदाता की अनदेखी पर गंभीर सवाल

पाण्डु प्रखंड में धान खरीद बंद रहने की स्थिति सरकार की तैयारियों और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करती है। जब किसान सबसे अधिक सरकारी समर्थन की उम्मीद करता है, उसी समय व्यवस्था का ठप होना चिंताजनक है। अब यह देखना अहम होगा कि सरकार इस मुद्दे पर कितनी जल्दी ठोस कदम उठाती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

किसान की आवाज अब और अनसुनी न रहे

अन्नदाता की मेहनत पर ही देश की खाद्य सुरक्षा टिकी है। यदि किसान संकट में रहेगा, तो पूरा समाज प्रभावित होगा। जरूरत है कि सरकार और प्रशासन तुरंत समाधान निकालें और किसानों को उनका हक दिलाएं। आप भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखें, खबर को साझा करें और किसानों की आवाज को मजबूती दें।

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पांडु, पलामू

धान खरीद ठप होने से अन्नदाता संकट में, सरकार संवेदनहीनता छोड़े : नीतू सिंह

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#पाण्डु #किसान_संकट : पैक्स में धान क्रय बंद रहने से किसान आर्थिक दबाव में आकर औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर।

पलामू जिले के पाण्डु प्रखंड में पैक्स के माध्यम से धान की खरीद बंद रहने से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कर्ज लेकर खेती करने वाले अन्नदाता बीते एक माह से पैक्स और प्रखंड कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में किसान अपने धान को औने-पौने दामों पर बेचने को विवश हो रहे हैं। इस स्थिति को लेकर पाण्डु प्रमुख नीतू सिंह ने राज्य सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए तत्काल धान क्रय शुरू करने की मांग की है।

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  • पाण्डु प्रखंड के सभी पैक्स में धान खरीद पूरी तरह बंद।
  • कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान आर्थिक संकट में।
  • बीते एक माह से किसान पैक्स और ब्लॉक के चक्कर काट रहे हैं।
  • मजबूरी में धान औने-पौने दामों पर बिक्री
  • प्रमुख नीतू सिंह ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।

पलामू जिले के पाण्डु प्रखंड में धान खरीद व्यवस्था ठप पड़ने से किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रखंड के सभी पैक्स में धान क्रय बंद होने के कारण अन्नदाता न तो अपनी फसल सरकारी दर पर बेच पा रहे हैं और न ही उन्हें कोई स्पष्ट जवाब मिल रहा है। किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं और उन्हें उम्मीद रहती है कि सरकार समय पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उनकी उपज खरीदेगी, लेकिन मौजूदा हालात ने उनकी उम्मीदों को गहरा झटका दिया है।

पैक्स बंद, किसान परेशान

जानकारी के अनुसार पाण्डु प्रखंड के सभी पैक्स में पिछले एक माह से धान खरीद पूरी तरह बंद है। किसान रोजाना पैक्स और प्रखंड कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। इस बीच साहूकारों और बैंकों के कर्ज का तगादा बढ़ता जा रहा है, जिससे किसानों की मानसिक और आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई है।

औने-पौने दामों पर फसल बेचने की मजबूरी

धान खरीद बंद होने का सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ रहा है। सरकारी खरीद न होने के कारण किसान मजबूरी में अपने धान को बाजार में औने-पौने दामों पर बेच रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि इससे उन्हें लागत तक नहीं निकल पा रही है। इससे न केवल वर्तमान खेती प्रभावित हो रही है, बल्कि अगली फसल को लेकर भी किसानों में चिंता बढ़ गई है।

नीतू सिंह का सरकार पर तीखा बयान

इस पूरे मामले को लेकर पाण्डु प्रमुख नीतू सिंह ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा:

नीतू सिंह ने कहा: “पैक्स में धान की खरीद बंद है और अन्नदाता आर्थिक संकट में हैं। सरकार संवेदनहीनता की चादर ओढ़े हुए है। किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं और जब फसल बेचने का समय आता है, तो उन्हें दर-दर भटकना पड़ता है।”

उन्होंने आगे कहा कि यह स्थिति किसानों के साथ अन्याय है और सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

नीतू सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और माननीय कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से अनुरोध किया है कि किसानों के हित में अविलंब पैक्स के माध्यम से धान क्रय प्रारंभ कराया जाए। उनका कहना है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो किसानों की आर्थिक स्थिति और बदतर हो जाएगी, जिसका असर पूरे ग्रामीण अर्थतंत्र पर पड़ेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गहरा असर

धान खरीद बंद रहने से केवल किसान ही नहीं, बल्कि इससे जुड़ी पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। कृषि मजदूर, परिवहन से जुड़े लोग और छोटे व्यापारी भी इस संकट से प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सरकारी खरीद शुरू न होने से ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी संकट और बढ़ सकता है।

न्यूज़ देखो: अन्नदाता की अनदेखी पर गंभीर सवाल

पाण्डु प्रखंड में धान खरीद बंद रहने की स्थिति सरकार की तैयारियों और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करती है। जब किसान सबसे अधिक सरकारी समर्थन की उम्मीद करता है, उसी समय व्यवस्था का ठप होना चिंताजनक है। अब यह देखना अहम होगा कि सरकार इस मुद्दे पर कितनी जल्दी ठोस कदम उठाती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

किसान की आवाज अब और अनसुनी न रहे

अन्नदाता की मेहनत पर ही देश की खाद्य सुरक्षा टिकी है। यदि किसान संकट में रहेगा, तो पूरा समाज प्रभावित होगा। जरूरत है कि सरकार और प्रशासन तुरंत समाधान निकालें और किसानों को उनका हक दिलाएं। आप भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखें, खबर को साझा करें और किसानों की आवाज को मजबूती दें।

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पलामू जिले के पाण्डु प्रखंड में पैक्स के माध्यम से धान की खरीद बंद रहने से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कर्ज लेकर खेती करने वाले अन्नदाता बीते एक माह से पैक्स और प्रखंड कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में किसान अपने धान को औने-पौने दामों पर बेचने को विवश हो रहे हैं। इस स्थिति को लेकर पाण्डु प्रमुख नीतू सिंह ने राज्य सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए तत्काल धान क्रय शुरू करने की मांग की है।

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औने-पौने दामों पर फसल बेचने की मजबूरी

धान खरीद बंद होने का सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ रहा है। सरकारी खरीद न होने के कारण किसान मजबूरी में अपने धान को बाजार में औने-पौने दामों पर बेच रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि इससे उन्हें लागत तक नहीं निकल पा रही है। इससे न केवल वर्तमान खेती प्रभावित हो रही है, बल्कि अगली फसल को लेकर भी किसानों में चिंता बढ़ गई है।

नीतू सिंह का सरकार पर तीखा बयान

इस पूरे मामले को लेकर पाण्डु प्रमुख नीतू सिंह ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा:

नीतू सिंह ने कहा: “पैक्स में धान की खरीद बंद है और अन्नदाता आर्थिक संकट में हैं। सरकार संवेदनहीनता की चादर ओढ़े हुए है। किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं और जब फसल बेचने का समय आता है, तो उन्हें दर-दर भटकना पड़ता है।”

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नीतू सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और माननीय कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से अनुरोध किया है कि किसानों के हित में अविलंब पैक्स के माध्यम से धान क्रय प्रारंभ कराया जाए। उनका कहना है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो किसानों की आर्थिक स्थिति और बदतर हो जाएगी, जिसका असर पूरे ग्रामीण अर्थतंत्र पर पड़ेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गहरा असर

धान खरीद बंद रहने से केवल किसान ही नहीं, बल्कि इससे जुड़ी पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। कृषि मजदूर, परिवहन से जुड़े लोग और छोटे व्यापारी भी इस संकट से प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सरकारी खरीद शुरू न होने से ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी संकट और बढ़ सकता है।

न्यूज़ देखो: अन्नदाता की अनदेखी पर गंभीर सवाल

पाण्डु प्रखंड में धान खरीद बंद रहने की स्थिति सरकार की तैयारियों और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करती है। जब किसान सबसे अधिक सरकारी समर्थन की उम्मीद करता है, उसी समय व्यवस्था का ठप होना चिंताजनक है। अब यह देखना अहम होगा कि सरकार इस मुद्दे पर कितनी जल्दी ठोस कदम उठाती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

किसान की आवाज अब और अनसुनी न रहे

अन्नदाता की मेहनत पर ही देश की खाद्य सुरक्षा टिकी है। यदि किसान संकट में रहेगा, तो पूरा समाज प्रभावित होगा। जरूरत है कि सरकार और प्रशासन तुरंत समाधान निकालें और किसानों को उनका हक दिलाएं। आप भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखें, खबर को साझा करें और किसानों की आवाज को मजबूती दें।

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