लातेहार में किसानों को मिला नया बाजार, उपायुक्त ने एफपीसी कैनोपी का उद्घाटन कर आम बिक्री की शुरुआत की

लातेहार में किसानों को मिला नया बाजार, उपायुक्त ने एफपीसी कैनोपी का उद्घाटन कर आम बिक्री की शुरुआत की

author Ravikant Kumar Thakur
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#लातेहार #किसान_सशक्तिकरण : किसानों की उपज को सीधे बाजार से जोड़ने की पहल शुरू।

लातेहार समाहरणालय परिसर में फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीसी) द्वारा स्थापित कैनोपी के माध्यम से आम बिक्री की शुरुआत की गई। उपायुक्त संदीप कुमार ने फीता काटकर इस पहल का उद्घाटन किया और बिक्री प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने तथा बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया। इस पहल से किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें सीधे बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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  • उपायुक्त संदीप कुमार ने एफपीसी कैनोपी का उद्घाटन किया।
  • समाहरणालय परिसर में आम बिक्री अभियान की शुरुआत की गई।
  • किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने पर जोर दिया गया।
  • पहल का उद्देश्य बिचौलियों की भूमिका कम कर सीधे बाजार उपलब्ध कराना है।
  • अधिक से अधिक गरीब किसानों को इस अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया गया।
  • कार्यक्रम में डीएमएमयू-लाइवलीहुड और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

लातेहार जिले में किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। गुरुवार को समाहरणालय परिसर में फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीसी) द्वारा स्थापित कैनोपी के माध्यम से आम बिक्री का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त संदीप कुमार ने फीता काटकर कैनोपी का उद्घाटन किया तथा किसानों द्वारा उत्पादित आम की बिक्री प्रक्रिया का निरीक्षण किया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना, उन्हें सीधे बाजार से जोड़ना और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत बनाना है। प्रशासन का मानना है कि ऐसे प्रयासों से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध होगा।

किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने की पहल

उद्घाटन के दौरान उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा कि किसानों को उनकी उपज बेचने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अक्सर किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जिससे उनकी मेहनत का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।

एफपीसी के माध्यम से स्थापित इस कैनोपी का मुख्य उद्देश्य किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संबंध स्थापित करना है। इससे किसान अपनी उपज सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगे और उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।

उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा: “किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए ऐसे विपणन मंचों का विस्तार किया जाना चाहिए।”

अधिक गरीब किसानों को जोड़ने पर जोर

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक गरीब और छोटे किसानों को इस पहल से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसान संगठित होकर कार्य करेंगे तो बाजार में उनकी भागीदारी और सौदेबाजी की क्षमता दोनों बढ़ेंगी।

उन्होंने कहा कि फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी किसानों के लिए एक मजबूत मंच के रूप में काम कर सकती है, जहां वे सामूहिक रूप से अपने उत्पादों का विपणन कर बेहतर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

बिचौलियों की भूमिका होगी कम

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने कहा कि इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य किसानों और बाजार के बीच मौजूद बिचौलियों की भूमिका को कम करना है। कई बार किसानों को उनकी उपज का वास्तविक मूल्य नहीं मिल पाता क्योंकि बीच में कई स्तरों पर लाभ का हिस्सा बंट जाता है।

एफपीसी मॉडल के माध्यम से किसानों को सीधे उपभोक्ताओं और बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे किसानों को अधिक लाभ मिलेगा और उपभोक्ताओं को भी ताजे एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सकेंगे।

उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा: “इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को सीधे बाजार उपलब्ध कराना और उत्पादकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है।”

किसानों को संगठित होने की अपील

उपायुक्त ने किसानों को फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से संगठित होकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से उत्पादन, भंडारण और विपणन की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकती है।

उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के साथ-साथ अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर भी ध्यान दें, ताकि बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ सके।

आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से किसानों को बाजार से जोड़ने और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

अधिकारियों के अनुसार भविष्य में अन्य कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए भी ऐसे मंच विकसित किए जा सकते हैं, जिससे अधिक किसानों को लाभ मिल सके।

कई अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक, डीएमएमयू-लाइवलीहुड, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक लातेहार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने इस पहल को किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया और इसके सफल संचालन के लिए सहयोग का भरोसा दिया।

कार्यक्रम के दौरान किसानों और अधिकारियों के बीच संवाद भी हुआ, जिसमें कृषि उत्पादों के विपणन, मूल्य संवर्धन और बाजार विस्तार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक प्रयास

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को उनकी उपज के लिए सीधा बाजार उपलब्ध हो जाए तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। एफपीसी मॉडल देश के कई हिस्सों में सफल रहा है और अब लातेहार में भी इसे मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

इस पहल से न केवल किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय कृषि उत्पादों को भी नई पहचान मिल सकेगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

न्यूज़ देखो: किसान और बाजार के बीच सीधा जुड़ाव समय की जरूरत

किसानों की आय बढ़ाने की चर्चा लंबे समय से होती रही है, लेकिन वास्तविक बदलाव तभी संभव है जब उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध हो। लातेहार में एफपीसी कैनोपी के माध्यम से आम बिक्री की शुरुआत इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा सकती है। यदि इस मॉडल का विस्तार अन्य कृषि उत्पादों तक किया जाता है तो इसका लाभ हजारों किसानों तक पहुंच सकता है। अब जरूरी है कि अधिक से अधिक किसानों को इस व्यवस्था से जोड़ा जाए और उन्हें बाजार आधारित कृषि की ओर प्रोत्साहित किया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आत्मनिर्भर किसान ही मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की पहचान

किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। जब किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिलता है तो पूरे समाज और क्षेत्र का विकास संभव होता है। ऐसे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

अपने क्षेत्र के किसानों द्वारा उत्पादित स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें और उन्हें प्रोत्साहित करें। इस सकारात्मक पहल को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, अपनी राय कमेंट में साझा करें और किसानों को सशक्त बनाने की मुहिम का हिस्सा बनें।

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Written by

चंदवा, लातेहार

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