
#सतबरवा #ग्रामीण_संवाद : कांग्रेस के चलो गांव की ओर कार्यक्रम में सड़क, खेल मैदान और बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं उठीं।
सतबरवा प्रखंड में चलो गांव की ओर कार्यक्रम के तहत कांग्रेस नेताओं ने बारी, रजडेरवा, सतबरवा, भोगु और दुलसुलमा गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क, खेल मैदान और अन्य बुनियादी समस्याओं को प्रमुखता से रखा। झारखंड कांग्रेस प्रदेश सचिव लक्ष्मी नारायण तिवारी ने समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य गांवों की वास्तविक स्थिति को समझकर समाधान की दिशा में पहल करना रहा।
- चलो गांव की ओर कार्यक्रम के तहत सतबरवा प्रखंड के पांच गांवों का दौरा।
- बारी गांव में जर्जर सड़क से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी।
- दुलसुलमा गांव के चेरो आदिवासी युवाओं ने खेल मैदान की मांग रखी।
- लक्ष्मी नारायण तिवारी ने समस्याओं को प्रशासन तक उठाने का आश्वासन दिया।
- बड़ी संख्या में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया।
- कार्यक्रम में कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष अमरेश कुमार पाण्डेय रहे मौजूद।
पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड में ग्रामीण समस्याओं को नजदीक से जानने के उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे चलो गांव की ओर कार्यक्रम के तहत व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस क्रम में बारी, रजडेरवा, सतबरवा, भोगु और दुलसुलमा गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गांवों की जमीनी हकीकत को समझना और जनसमस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सामने लाना रहा।
गांव-गांव पहुंचकर सुनी गईं समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बेझिझक क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों को सामने रखा। कई गांवों में सड़क, खेल सुविधा, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से उभरकर सामने आईं।
बारी गांव में जर्जर सड़क बनी बड़ी समस्या
बारी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि बारीबांध टावर से मानासोती तक जाने वाली सड़क की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार संबंधित विभागों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
दुलसुलमा गांव के युवाओं ने उठाई खेल मैदान की मांग
दौरे के दौरान दुलसुलमा गांव में आदिवासी जनजाति चेरो समुदाय के युवाओं ने अपनी समस्या रखते हुए बताया कि गांव में खेल का कोई समुचित मैदान नहीं है। इससे बच्चों और युवाओं को खेलकूद के अवसर नहीं मिल पाते। युवाओं ने मांग की कि गांव में खेल मैदान विकसित किया जाए, ताकि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिल सके और नशा जैसी सामाजिक बुराइयों से भी बचाव हो।
कांग्रेस प्रदेश सचिव ने दिया भरोसा
झारखंड कांग्रेस के प्रदेश सचिव लक्ष्मी नारायण तिवारी ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी सभी समस्याओं को संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि चलो गांव की ओर कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि गांवों की वास्तविक स्थिति को समझने और समाधान की दिशा में निरंतर प्रयास करने का माध्यम है।
लक्ष्मी नारायण तिवारी ने कहा:
“गांवों की समस्याएं जब तक जमीन से जुड़कर नहीं समझी जाएंगी, तब तक समाधान संभव नहीं है। कांग्रेस का उद्देश्य जनता की आवाज बनना है।”
ग्रामीणों से व्यापक जनसंपर्क
कार्यक्रम के दौरान जिन ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया, उनमें रघुबर यादव, मुनेश्वर यादव, परमेश्वर पासवान, कमलेश यादव, बशिष्ठ तिवारी, रमेश महतो, मोहन महतो, जंगू यादव, जितेन्द्र सिंह, उपेन्द्र सिंह, अनुज कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह और विजय सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के संवाद से उनकी समस्याओं का समाधान संभव होगा।
कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष की मौजूदगी
इस अभियान में कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष अमरेश कुमार पाण्डेय भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की अनदेखी के कारण आज कई गांव विकास से पीछे रह गए हैं। कांग्रेस पार्टी गांव, गरीब और किसानों के मुद्दों को हमेशा प्राथमिकता देती रही है और आगे भी देती रहेगी।
गांव, गरीब और आदिवासी युवाओं के लिए प्रतिबद्धता
कार्यक्रम के अंत में लक्ष्मी नारायण तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गांव, गरीब, किसान और आदिवासी युवाओं के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चाहे सड़क हो, शिक्षा हो या खेल जैसी बुनियादी सुविधाएं—हर मुद्दे पर पार्टी जनता के साथ खड़ी रहेगी और जरूरत पड़ने पर संघर्ष से भी पीछे नहीं हटेगी।
न्यूज़ देखो: गांवों की आवाज़ अब सड़कों तक
चलो गांव की ओर कार्यक्रम यह दिखाता है कि राजनीतिक दल अब फिर से गांवों की ओर लौटने का प्रयास कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या उठाई गई समस्याएं सिर्फ आश्वासन तक सीमित रहेंगी या धरातल पर समाधान भी दिखेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
गांवों के विकास में आपकी भागीदारी जरूरी
अगर आपके गांव में भी सड़क, शिक्षा, खेल या अन्य बुनियादी समस्याएं हैं, तो आवाज उठाइए। जागरूक बनें, संवाद करें और विकास की मांग करें। अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और गांव की आवाज को मजबूत बनाएं।







