
#गिरिडीह #डीजे_प्रतिबंध : सार्वजनिक शांति और स्वास्थ्य को लेकर हाईकोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित।
झारखंड उच्च न्यायालय के 16 जुलाई 2024 के आदेश के आलोक में गिरिडीह जिले समेत पूरे राज्य में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। गिरिडीह पुलिस ने आमजनों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी करते हुए बताया कि किसी भी जुलूस, धार्मिक आयोजन या विवाह समारोह में डीजे का उपयोग अवैध होगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर तत्काल प्राथमिकी और सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय सार्वजनिक स्वास्थ्य, शांति और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
- झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पूरे राज्य में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध।
- गिरिडीह जिला प्रशासन और पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश।
- जुलूस, धार्मिक आयोजन और विवाह कार्यक्रमों में डीजे बजाने की अनुमति नहीं।
- उल्लंघन करने पर एफआईआर और अवमानना की कार्रवाई संभव।
- डायल 112 और 9693143157 पर पुलिस से संपर्क की अपील।
गिरिडीह जिले में अब किसी भी तरह के सार्वजनिक आयोजन में डीजे की आवाज सुनाई देना कानूनन अपराध माना जाएगा। झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के बाद जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सख्त रुख अपनाते हुए आमजनों को स्पष्ट चेतावनी दी है। गिरिडीह पुलिस की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू है और इसमें किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
उच्च न्यायालय के आदेश की पृष्ठभूमि
झारखंड उच्च न्यायालय ने 16 जुलाई 2024 को पारित अपने आदेश में यह स्पष्ट किया था कि सार्वजनिक स्थानों पर डीजे से उत्पन्न अत्यधिक शोर आम नागरिकों के स्वास्थ्य, विश्राम और मानसिक शांति को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। न्यायालय ने इसे ध्वनि प्रदूषण की गंभीर श्रेणी में मानते हुए पूरे राज्य में डीजे बजाने पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। इस आदेश का उद्देश्य नागरिकों को अनावश्यक शोर से राहत दिलाना और शांत वातावरण सुनिश्चित करना है।
किन आयोजनों में लागू रहेगा प्रतिबंध
गिरिडीह पुलिस द्वारा जारी सूचना के अनुसार यह प्रतिबंध
शोभायात्रा, जुलूस, धार्मिक आयोजन, विवाह समारोह और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों पर समान रूप से लागू होगा। किसी भी प्रकार के डीजे सिस्टम, हाई पावर साउंड बॉक्स या तेज आवाज वाले उपकरणों का उपयोग अब गैरकानूनी माना जाएगा।
उल्लंघन पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने साफ शब्दों में कहा है कि आदेश का उल्लंघन करना केवल सामान्य अपराध नहीं, बल्कि माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना भी माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों या आयोजकों के खिलाफ
- तत्काल प्राथमिकी दर्ज,
- ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के तहत कार्रवाई,
- और न्यायालय की अवमानना की प्रक्रिया
शुरू की जा सकती है।
गिरिडीह जिला प्रशासन और पुलिस को आदेश का पालन सख्ती से कराने के निर्देश प्राप्त हैं।
डीजे पर प्रतिबंध क्यों जरूरी
शिक्षा और स्वास्थ्य पर असर
अनियंत्रित तेज आवाज से बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ता है। साथ ही अस्पतालों में भर्ती गंभीर रोगियों के इलाज और आराम में बाधा उत्पन्न होती है।
वृद्धजनों और हृदय रोगियों के लिए खतरा
डीजे की तेज आवाज बुजुर्गों और हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए अत्यंत कष्टकारी और कई बार जानलेवा भी हो सकती है।
ध्वनि प्रदूषण और मानसिक तनाव
लगातार तेज शोर मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और सुनने की क्षमता को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। इसी कारण इसे एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या माना गया है।
पुलिस की अपील और आपातकालीन संपर्क
गिरिडीह पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे कानून का सम्मान करें और किसी भी आयोजन में डीजे का उपयोग न करें। साथ ही यदि कहीं भी आदेश का उल्लंघन होता दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
आपातकालीन स्थिति में संपर्क करें:
डायल 112
गिरिडीह पुलिस कंट्रोल: 9693143157
सामाजिक जिम्मेदारी का सवाल
प्रशासन का मानना है कि कानून का पालन केवल डर के कारण नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में होना चाहिए। शांत वातावरण न केवल स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि आपसी सौहार्द और सामाजिक संतुलन के लिए भी अनिवार्य है। डीजे पर रोक का उद्देश्य उत्सव को रोकना नहीं, बल्कि उसे सभ्य और सुरक्षित बनाना है।
पहले भी उठ चुकी है आवाज
गिरिडीह सहित झारखंड के कई जिलों में लंबे समय से डीजे की तेज आवाज को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं। त्योहारों, शादियों और जुलूसों के दौरान रात-दिन शोर से आम लोग परेशान रहते थे। अब उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद प्रशासन के पास कार्रवाई का मजबूत आधार मिल गया है।
प्रशासन की सख्ती का संकेत
गिरिडीह पुलिस द्वारा सार्वजनिक रूप से जारी की गई यह सूचना इस बात का संकेत है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आदेश कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर सख्ती से लागू हो।
न्यूज़ देखो: शांति और स्वास्थ्य के पक्ष में अहम फैसला
डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध का आदेश बताता है कि अब शोर और मनमानी पर कानून भारी पड़ेगा। गिरिडीह पुलिस की स्पष्ट चेतावनी से यह संदेश जाता है कि सार्वजनिक हित के खिलाफ कोई भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं होगी। अब देखना होगा कि आयोजनकर्ता और आम लोग इस आदेश का कितना ईमानदारी से पालन करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शांति का सम्मान, कानून का पालन हमारा दायित्व
शोर से मुक्त वातावरण ही स्वस्थ समाज की पहचान है।
त्योहार और समारोह खुशियां बांटने के लिए होते हैं, परेशानी पैदा करने के लिए नहीं।
आइए, हम सब मिलकर उच्च न्यायालय के आदेश का सम्मान करें।
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