
#देवघर #स्वच्छ_सर्वेक्षण : रांची नगर निगम की कार्यप्रणालियों से देवघर में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने पर जोर।
स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से देवघर नगर निगम द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को सफल समापन हुआ। यह प्रशिक्षण 21 और 22 जनवरी को आयोजित किया गया, जिसमें रांची नगर निगम की स्वच्छता शाखा के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए। कचरा निस्तारण, कंपोस्टिंग और रिसाइक्लिंग जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य रांची की सफल स्वच्छता मॉडल को देवघर में लागू करना रहा।
- देवघर नगर निगम द्वारा दो दिवसीय स्वच्छता प्रशिक्षण का आयोजन।
- 21 और 22 जनवरी को स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारी पर विशेष सत्र।
- रांची नगर निगम की स्वच्छता शाखा के सदस्यों ने साझा किए अनुभव।
- कचरा निस्तारण, आरडीएफ, कंपोस्टिंग और रिसाइक्लिंग पर फोकस।
- फील्ड विजिट और प्रेजेंटेशन के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण।
- समापन पर नगर आयुक्त द्वारा प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान।
स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए देवघर नगर निगम लगातार अपनी तैयारियों को मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में रांची नगर निगम की सफल कार्यप्रणालियों से सीख लेने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी दी, बल्कि स्वच्छता को लेकर नई सोच और नवाचार की दिशा भी दिखाई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य
देवघर नगर निगम द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह था कि रांची नगर निगम द्वारा अपनाई गई सफल स्वच्छता व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें देवघर की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप लागू किया जा सके। स्वच्छ सर्वेक्षण के बदलते मापदंडों को ध्यान में रखते हुए यह जरूरी माना गया कि अधिकारी और कर्मी जमीनी स्तर पर प्रभावी योजना और क्रियान्वयन को समझें।
रांची नगर निगम की भूमिका
प्रशिक्षण कार्यक्रम में रांची नगर निगम से आए स्वच्छता शाखा के अनुभवी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि किस प्रकार योजनाबद्ध ढंग से कचरा प्रबंधन, जनभागीदारी और निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर रांची ने स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल किए हैं। सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को रांची में अपनाई गई रणनीतियों की विस्तार से जानकारी दी गई।
कचरा निस्तारण और आधुनिक तकनीक
प्रशिक्षण के दौरान कचरा निस्तारण, आरडीएफ (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल), कंपोस्टिंग और रिसाइक्लिंग जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि किस तरह सूखा और गीला कचरा अलग-अलग कर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जाए। इससे न केवल स्वच्छता बेहतर होती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के पुनः उपयोग को भी बढ़ावा मिलता है।
व्यावहारिक प्रशिक्षण और फील्ड विजिट
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि यह केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि पूरी तरह व्यावहारिक प्रशिक्षण पर आधारित था। प्रतिभागियों को फील्ड विजिट के माध्यम से स्वच्छता प्रबंधन की वास्तविक स्थिति दिखाई गई। प्रेजेंटेशन और उदाहरणों के जरिए यह समझाया गया कि छोटे-छोटे सुधार कैसे बड़े परिणाम दे सकते हैं। इससे कर्मियों को स्वच्छ सर्वेक्षण के मापदंडों की गहराई से समझ मिली।
नवाचार और बेहतर योजना पर जोर
प्रशिक्षण सत्रों में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नवाचार और बेहतर योजना बेहद जरूरी है। तकनीक का सही उपयोग, डेटा आधारित निगरानी और नागरिकों की भागीदारी को स्वच्छता अभियान की सफलता की कुंजी बताया गया। यह भी समझाया गया कि स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
देवघर के लिए क्यों है यह प्रशिक्षण महत्वपूर्ण
देवघर एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहां सालभर लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में स्वच्छता व्यवस्था का मजबूत होना न केवल स्वच्छ सर्वेक्षण के अंक बढ़ाने के लिए, बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और पर्यटन के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। रांची की सफल कार्यप्रणालियों से सीख लेकर देवघर नगर निगम अपनी व्यवस्थाओं को और प्रभावी बना सकता है।
समापन समारोह और सम्मान
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर देवघर नगर निगम के नगर आयुक्त ने रांची नगर निगम से आए सभी सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर नगर आयुक्त ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आपसी सहयोग और सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं और इससे नगर निगम की कार्यक्षमता में सुधार होता है।
आगे की रणनीति
देवघर नगर निगम अब इस प्रशिक्षण से मिले अनुभवों के आधार पर अपनी स्वच्छता कार्ययोजना को और सशक्त बनाने की तैयारी कर रहा है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में कचरा प्रबंधन, सफाई व्यवस्था और नागरिक सहभागिता में ठोस बदलाव देखने को मिलेंगे। इससे देवघर स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर स्थान हासिल कर सकेगा।
नागरिकों की भूमिका भी अहम
विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम की कोशिशें तभी सफल होंगी जब आम नागरिक स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार बनेंगे। घरों से कचरे का सही पृथक्करण, सार्वजनिक स्थानों पर सफाई का ध्यान और नियमों का पालन स्वच्छ शहर की बुनियाद है।
न्यूज़ देखो: सीख और सहयोग से मजबूत होगी स्वच्छता
देवघर नगर निगम द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण बताता है कि स्वच्छता के क्षेत्र में सीखने और सुधार की निरंतर प्रक्रिया जरूरी है। रांची नगर निगम की सफल कार्यप्रणालियों से प्रेरणा लेकर देवघर अपनी व्यवस्थाओं को नई दिशा दे सकता है। अब चुनौती है इन सीखों को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने की। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वच्छ देवघर की ओर साझा कदम
स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि आदत है।
जब प्रशासन और नागरिक मिलकर प्रयास करते हैं, तभी शहर बदलता है।
आइए, हम सब देवघर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
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