
#सिमडेगा #मनरेगा_प्रशासन : रोजगार योजनाओं की गति और पारदर्शिता बढ़ाने को अधिकारियों का तबादला।
सिमडेगा जिले में मनरेगा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला ग्रामीण विकास शाखा ने व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया है। उप विकास आयुक्त सह अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक के आदेश पर प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, तकनीकी सहायक और लेखा सहायकों का स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से किया गया है। इस निर्णय को उपायुक्त महोदया का अनुमोदन भी प्राप्त है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से रोजगार सृजन, कार्य गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था में सुधार होगा।
- जिला ग्रामीण विकास शाखा, सिमडेगा द्वारा बड़े पैमाने पर स्थानांतरण आदेश।
- प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, तकनीकी सहायक और लेखा सहायक शामिल।
- सभी स्थानांतरित कर्मियों को दो दिनों के भीतर योगदान का निर्देश।
- जनवरी 2026 का मानदेय नव पदस्थापित प्रखंड से मिलेगा।
- मनरेगा योजनाओं की पारदर्शिता और गति बढ़ाने का उद्देश्य।
सिमडेगा जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत संचालित विकास और रोजगार कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। जिला ग्रामीण विकास शाखा द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह स्थानांतरण पूरी तरह प्रशासनिक हित और योजनाओं के बेहतर संचालन को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों का स्थानांतरण
जारी आदेश के अनुसार जिले के लगभग सभी प्रमुख प्रखंडों में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) स्तर पर फेरबदल किया गया है। इसमें बांसजोर, बानो, बोलबा, कोलेबिरा, जलडेगा, केरसई, कुरडेग, सिमडेगा, पाकरटांड़ और ठेठईटांगर प्रखंड शामिल हैं।
स्थानांतरण के क्रम में श्री विक्रम सिंह को बांसजोर से बानो, श्री कपिल देव नाग को बोलबा से कोलेबिरा और श्री अश्विनी कुमार रंजन को जलडेगा से बांसजोर भेजा गया है। वहीं श्रीमती सुलोचनी कुमारी को केरसई से कुरडेग तथा श्रीमती संजीता कुमारी को कोलेबिरा से सिमडेगा स्थानांतरित किया गया है।
इसके अलावा श्री अयाजुल हक को कुरडेग से जलडेगा, श्रीमती मेरी ज्योति सोरेंग को पाकरटांड़ से ठेठईटांगर, श्रीमती ममता कोंगाड़ी को सिमडेगा से पाकरटांड़ और श्रीमती सरोजनी कुमारी को ठेठईटांगर से केरसई भेजा गया है। सरोजनी कुमारी को बोलबा प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
तकनीकी सहायकों में भी व्यापक फेरबदल
मनरेगा कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाने वाले तकनीकी सहायकों के स्तर पर भी बड़ा बदलाव किया गया है। श्री नितेश कुमार को बानो से कुरडेग स्थानांतरित करते हुए बांसजोर प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
इसी क्रम में श्री राजीव कुमार महतो को बोलबा से सिमडेगा, श्री प्रकाश मुण्डा को जलडेगा एवं बांसजोर से बोलबा, श्री दिपेश कुमार को केरसई से बानो, श्री शीतल एक्का को कोलेबिरा से केरसई और श्री रोहित साहू को कुरडेग से जलडेगा भेजा गया है।
इसके अलावा श्री विधु शेखर सिंह को पाकरटांड़ से ठेठईटांगर, श्री संजय कुमार को सिमडेगा से कोलेबिरा तथा श्री लव बड़ाईक को ठेठईटांगर से पाकरटांड़ स्थानांतरित किया गया है।
लेखा सहायकों का भी हुआ तबादला
मनरेगा में मजदूरी भुगतान और वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े लेखा सहायकों के स्तर पर भी प्रखंडों के बीच अदला-बदली की गई है। श्री आशीष कुमार तिर्की को बानो से जलडेगा, श्री सत्य प्रकाश को बोलबा से ठेठईटांगर, श्री पीटर हेमन्त भंगरा को जलडेगा से सिमडेगा और श्री बिनोद लकड़ा को केरसई से बोलबा स्थानांतरित किया गया है।
वहीं श्री दीपक बड़ाईक को कोलेबिरा से बानो, श्री राजेश महतो को कुरडेग से केरसई, श्री हारीश अंसारी को पाकरटांड़ से कुरडेग, श्री अमन कण्डुलना को सिमडेगा से पाकरटांड़ तथा श्री मानिक लाल राम को ठेठईटांगर से कोलेबिरा भेजा गया है।
दो दिनों के भीतर योगदान का निर्देश
आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सभी स्थानांतरित अधिकारी और कर्मी दो दिनों के भीतर अपने नए प्रखंड में योगदान देना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही जनवरी 2026 माह का मानदेय भी नव पदस्थापित प्रखंड कार्यालय से ही आहरित किया जाएगा।
प्रशासन का उद्देश्य और अपेक्षाएं
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह स्थानांतरण मनरेगा योजनाओं में बेहतर पर्यवेक्षण, पारदर्शिता और कार्य गति बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। कई प्रखंडों में लंबे समय से एक ही पदस्थापना होने के कारण कार्य निष्पादन और निगरानी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में नए अधिकारियों के आने से कार्य संस्कृति में सुधार और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
न्यूज़ देखो: प्रशासनिक सख्ती से सुधरेगा मनरेगा तंत्र
मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना में यह व्यापक फेरबदल यह संकेत देता है कि प्रशासन कार्य में शिथिलता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करना चाहता। अब देखना होगा कि नए पदस्थापन के बाद मजदूरी भुगतान, योजना स्वीकृति और कार्य गुणवत्ता में कितना सुधार होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जवाबदेही से ही मजबूत होगा ग्रामीण विकास
मनरेगा केवल रोजगार नहीं, ग्रामीण सम्मान और आजीविका से जुड़ी योजना है। जरूरी है कि प्रशासनिक निर्णयों का असर जमीनी स्तर पर दिखे। इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में रखें और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर सजग बने रहें।





