
#गिरिडीह #नगरनिकायचुनाव : मतदान उपरांत फायरिंग मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
गिरिडीह नगर निकाय चुनाव की शाम मतदान समाप्ति के बाद हुई फायरिंग मामले में पुलिस ने पूर्व वार्ड पार्षद शिवम श्रीवास्तव उर्फ शिवम आजाद सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। घटना में दो लोग घायल हुए थे, जिसके बाद विशेष अनुसंधान दल गठित कर कार्रवाई की गई।
- पूर्व वार्ड पार्षद शिवम कुमार श्रीवास्तव उर्फ शिवम आजाद सहित पांच आरोपी गिरफ्तार।
- आरोपियों के पास से 7.65 एमएम देसी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद।
- नगर निकाय चुनाव के बाद वार्ड संख्या 18, बूथ 18/3 में हुई थी झड़प।
- फायरिंग में मो शमीम और शेरु घायल।
- सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव के नेतृत्व में SIT का गठन।
गिरिडीह में नगर निकाय चुनाव के बाद हुई हिंसक घटना और फायरिंग मामले में जिला प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व वार्ड पार्षद शिवम कुमार श्रीवास्तव उर्फ शिवम आजाद समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए।
मतदान समाप्ति के बाद भड़की झड़प और चली गोली
डीसी रामनिवास यादव और एसपी डॉ बिमल कुमार ने बुधवार को गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि नगरपालिका आम निर्वाचन की शाम मतदान समाप्ति के बाद वार्ड संख्या 18 के बूथ संख्या 18/3, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय आजाद नगर में बैलेट बॉक्स एकत्रित करने के दौरान झड़प हो गई थी।
इस दौरान भीड़ के बीच मारपीट और पत्थरबाजी शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसी अफरातफरी के बीच भीड़ में शामिल किसी व्यक्ति द्वारा पिस्टल निकालकर फायरिंग की गई, जिससे दो लोग घायल हो गए।
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार बरामद
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में शिवम कुमार श्रीवास्तव उर्फ शिवम आजाद के अलावा बक्सीडीह रोड निवासी अमित विश्वकर्मा, झिंझरी मोहल्ला निवासी आकाश हाड़ी, भंडारीडीह निवासी मंजीत पासवान और आजाद नगर निवासी किशोर पासवान शामिल हैं।
आरोपियों के पास से एक 7.65 एमएम का देसी पिस्टल तथा दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, शिवम श्रीवास्तव के खिलाफ नगर थाना में 10 और मुफ्फसिल थाना में 3 आपराधिक मामले पूर्व से दर्ज हैं।
दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज
घटना के बाद प्रतिनियुक्त जोनल पेट्रोलिंग सह कलेक्टिंग पदाधिकारी सेक्टर 9 के आवेदन पर पचम्बा थाना में शिवम एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया।
वहीं फायरिंग में घायल मो शमीम और शेरु के संबंध में रबिना खातून के आवेदन के आधार पर एक अन्य प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस दोनों मामलों की संयुक्त रूप से जांच कर रही है।
SIT का गठन, त्वरित छापेमारी
घटना की संवेदनशीलता और चुनाव के बाद हुए हिंसक घटनाक्रम को देखते हुए त्वरित कार्रवाई के लिए सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया।
छापेमारी दल में डीएसपी मो कौशर अली, डीएसपी नीरज कुमार सिंह, साइबर डीएसपी आबिद खान, एसडीपीओ डुमरी सुमित कुमार, एसडीपीओ सरिया-बगोदर धनंजय कुमार, डीएसपी कैलाश प्रसाद महतो, डीएसपी नीलम कुजूर, डीएसपी मन्टु कुमार सहित कई थाना प्रभारी और पुलिस अधिकारी शामिल थे।
लगातार छापेमारी के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस तकनीकी शाखा की मदद से भी जांच को आगे बढ़ा रही है।
प्रशासन का सख्त रुख
डीसी और एसपी ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान या बाद में किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है।
न्यूज़ देखो: चुनावी हिंसा पर त्वरित कार्रवाई से प्रशासन का संदेश
गिरिडीह की इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को फिर से रेखांकित किया है। प्रशासन द्वारा त्वरित SIT गठन और गिरफ्तारी यह संकेत देता है कि कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। अब न्यायिक प्रक्रिया में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आरोपियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए शांति और जिम्मेदारी जरूरी
चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है, हिंसा का नहीं।
हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष प्रक्रिया में सहयोग करे।
कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है।
हिंसा की किसी भी घटना के खिलाफ जागरूक और सजग रहें।
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