
#पलामू #महाशिवरात्रि_आयोजन : पांडू प्रखंड के तिसीबार धाम स्थित झारखंड विश्वनाथ मंदिर में चार दिवसीय भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन।
पलामू जिले के पांडू प्रखंड अंतर्गत तिसीबार धाम शक्ति पीठ स्थित झारखंड विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर चार दिवसीय धार्मिक आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा 14 से 17 फरवरी 2026 तक पूजा-अर्चना, अनुष्ठान और धार्मिक कथा के कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। आयोजन में दूर-दराज से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से यह आयोजन क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है।
- झारखंड विश्वनाथ मंदिर, तिसीबार धाम शक्ति पीठ में आयोजन।
- 14 से 17 फरवरी 2026 तक चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान।
- कलश यात्रा, रुद्राभिषेक, हवन, मंगल आरती प्रमुख कार्यक्रम।
- मंदिर संरक्षक विनय कुमार दुबे और संजू दुबे की देखरेख में आयोजन।
- महाशिवरात्रि 15 फरवरी को विशेष पूजा-अर्चना।
पांडू प्रखंड के तिसीबार धाम शक्ति पीठ में स्थित झारखंड विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां प्रत्येक वर्ष विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। वर्ष 2026 में भी मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान की रूपरेखा तैयार की गई है। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में साफ-सफाई, साज-सज्जा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। समिति के अनुसार श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
कलश यात्रा से होगा आयोजन का शुभारंभ
मंदिर समिति के अनुसार, 14 फरवरी 2026 को प्रातः 08 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ चार दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। इस कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश लेकर पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगी। यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर आसपास के क्षेत्रों से होते हुए पुनः मंदिर परिसर में संपन्न होगी। आयोजन की यह शुरुआत श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था और उत्साह का विषय मानी जाती है।
महाशिवरात्रि पर विशेष पूजन एवं रुद्राभिषेक
15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव का विशेष पूजन एवं रुद्राभिषेक किया जाएगा। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की आराधना करेंगे। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में परिवर्तित हो जाएगा। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
मंगल आरती, हवन और प्रसाद वितरण
16 फरवरी 2026 को प्रातः 04 बजे मंगल आरती का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात प्रातः 10 बजे विधिवत हवन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु आहुतियां अर्पित करेंगे। हवन के उपरांत मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। समिति का कहना है कि इस दिन श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है, इसलिए व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है।
सत्यनारायण कथा के साथ होगा आयोजन का समापन
चार दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन 17 फरवरी 2026 को प्रातः 10 बजे सत्यनारायण कथा के आयोजन के साथ किया जाएगा। इस कथा में श्रद्धालु परिवार सहित भाग लेंगे और धार्मिक प्रवचन का श्रवण करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सत्यनारायण कथा से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
मंदिर संरक्षकों की देखरेख में आयोजन
इस पूरे आयोजन को मंदिर संरक्षक विनय कुमार दुबे और संजू दुबे के मार्गदर्शन में संपन्न कराया जा रहा है। मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा बताया गया कि संरक्षकों के निर्देशन में सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से पूरा किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की भी तैनाती की जाएगी।
न्यूज़ देखो: तिसीबार धाम में आस्था और परंपरा का जीवंत स्वरूप
महाशिवरात्रि पर तिसीबार धाम में होने वाला यह चार दिवसीय आयोजन क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करता है। ऐसे आयोजन न केवल आस्था का केंद्र बनते हैं, बल्कि सामाजिक एकता को भी बढ़ावा देते हैं। मंदिर समिति और स्थानीय लोगों की सहभागिता से आयोजन की सफलता सुनिश्चित होती है। आगे व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की संख्या पर सभी की नजर बनी रहेगी।
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महाशिवरात्रि जैसे पर्व समाज को जोड़ने और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने का अवसर देते हैं। ऐसे आयोजनों में भाग लेकर श्रद्धालु न केवल धार्मिक लाभ प्राप्त करते हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी मजबूती मिलती है। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और धार्मिक जागरूकता को आगे बढ़ाएं।






