
#पलामू #अपराध : नेशनल हाइवे परियोजना पर रंगदारी और फायरिंग की साजिश नाकाम, पुलिस को बड़ी सफलता।
पलामू जिले में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जहां गैंगस्टर प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े आठ शूटरों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन अपराधियों को फायरिंग की साजिश से पहले धर दबोचा और उनके पास से हथियार बरामद किए। जांच में दोनों गिरोहों के आपसी गठजोड़ और एक अहम कड़ी ‘कुबेर’ की भूमिका सामने आई है। यह कार्रवाई नेशनल हाइवे निर्माण कार्य से जुड़ी रंगदारी की योजना को विफल करने में निर्णायक साबित हुई।
- पलामू पुलिस ने प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े 8 शूटर गिरफ्तार किए।
- आरोपियों के पास से 2 पिस्तौल, 2 देसी कट्टा और अन्य सामग्री बरामद।
- नेशनल हाइवे फोरलेन निर्माण कंपनी से रंगदारी वसूलने की थी साजिश।
- सदर थाना क्षेत्र के सिंगरा इलाके में फायरिंग की योजना थी।
- गिरोहों की दोस्ती में कुबेर नामक अपराधी की अहम भूमिका उजागर।
- एसपी रीष्मा रमेशन ने प्रेस वार्ता में पूरे नेटवर्क का किया खुलासा।
पलामू जिले में सक्रिय संगठित अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़े गैंगस्टर गठजोड़ का पर्दाफाश किया है। लंबे समय से पुलिस के रडार पर रहे गैंगस्टर प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के बीच आपसी तालमेल की पुष्टि उस वक्त हुई, जब दोनों गिरोहों से जुड़े आठ शूटरों को एक साथ गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई न सिर्फ जिले में अपराध पर लगाम कसने की दिशा में अहम है, बल्कि नेशनल हाइवे जैसी बड़ी परियोजनाओं की सुरक्षा के लिहाज से भी निर्णायक मानी जा रही है।
रंगदारी और फायरिंग की साजिश का भंडाफोड़
पलामू पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े अपराधी सदर थाना क्षेत्र के सिंगरा इलाके में स्थित नेशनल हाइवे फोरलेन निर्माण कार्य कर रही कंस्ट्रक्शन कंपनी पर दबाव बनाने के लिए फायरिंग की योजना बना रहे हैं। इस फायरिंग के जरिए कंपनी से रंगदारी वसूलने की रणनीति तैयार की गई थी।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए योजना को अंजाम से पहले ही विफल कर दिया और आठ अपराधियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अपराधियों में शामिल हैं:
- अमित चौधरी – मेरौनी, गढ़वा
- आकाश शुक्ला – चौरा, लेस्लीगंज
- कौशल पासवान – तरहसी
- नीरज चंद्रवंशी – पोखराहा, सदर थाना क्षेत्र
- अख्तर अंसारी – इमली, पाटन
- अविनाश गिरी – हरतुआ, लेस्लीगंज
- बॉबी कुमार – सुठा, पाटन
इन आरोपियों के पास से दो पिस्तौल, दो देसी कट्टा और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है, जो किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी की ओर इशारा करती है।
कुबेर बना दोनों गैंग की कड़ी
जांच के दौरान पुलिस को सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गिरोह के बीच दोस्ती कुबेर नामक एक अपराधी ने कराई थी। कुबेर एक छद्म नाम बताया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल प्रिंस खान गिरोह करता है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि पलामू इलाके में सुजीत सिन्हा ही प्रिंस खान को शूटरों की व्यवस्था और स्थानीय जानकारी उपलब्ध करवा रहा था। कुबेर दोनों गिरोहों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान करता था और रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभा रहा था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कुबेर वास्तविक नाम है या किसी और अपराधी की पहचान छिपाने के लिए इस्तेमाल किया गया कोड नेम।
एसपी का बड़ा बयान, अमित चौधरी मास्टरमाइंड
इस पूरे मामले को लेकर पलामू की पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने अहम जानकारी साझा की। उन्होंने कहा:
“प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा ने हाथ मिलाया है। कुबेर इस पूरे नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गिरफ्तार अमित चौधरी सीधे कुबेर, सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान से जुड़ा हुआ है। अमित चौधरी मास्टरमाइंड है और विदेश फरार होने की तैयारी में था। बरामद पर्चे में प्रिंस खान का नाम लिखा हुआ है। प्रिंस खान विदेश में है और गिरोह इसी का फायदा उठाना चाहता था।”
एसपी ने बताया कि गिरोह की रणनीति बेहद शातिराना थी। यदि फायरिंग के बाद आरोपी पकड़े नहीं जाते, तो सुजीत सिन्हा जिम्मेदारी लेता, और यदि पकड़े जाते, तो दुबई में बैठे प्रिंस खान के नाम पर घटना की जिम्मेदारी डाली जाती, ताकि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई कमजोर पड़े।
छापामारी टीम की अहम भूमिका
इस सफल अभियान में एसडीपीओ राजीव रंजन, इंस्पेक्टर सुरेश राम, सदर थाना प्रभारी लालजी, सब इंस्पेक्टर नीरज कुमार और राजू कुमार गुप्ता सहित कई पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल रहे। टीम की समन्वित कार्रवाई और सतर्कता से एक बड़ी आपराधिक वारदात को समय रहते रोका जा सका।
संगठित अपराध पर कड़ा संदेश
पलामू पुलिस की इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि जिले में संगठित अपराध और रंगदारी के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। नेशनल हाइवे जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सुरक्षा और आम नागरिकों में विश्वास बहाल करने के लिए पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है।

न्यूज़ देखो: संगठित अपराध पर निर्णायक प्रहार
यह कार्रवाई बताती है कि पलामू में गैंगस्टर नेटवर्क अब पुलिस की मजबूत पकड़ में है। प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा जैसे नामों के पीछे छिपे गठजोड़ का खुलासा कानून व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब सवाल है कि कुबेर की असली पहचान कब सामने आएगी और इस नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपराध के खिलाफ एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत
संगठित अपराध समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। ऐसी कार्रवाइयों से पुलिस का मनोबल बढ़ता है और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे आगे बढ़ाएं और कानून के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करें।







