
#सिसई #सरस्वती_पूजा : पहामू गांव में विद्या की देवी की पूजा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न, प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन।
गुमला जिले के सिसई क्षेत्र अंतर्गत पहामू गांव में मां सरस्वती की पूजा इस वर्ष श्रद्धा और धूमधाम के साथ आयोजित की गई। पूजा के दौरान पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। स्थानीय पूजा समिति और ग्रामीणों के सहयोग से आयोजन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पूजा के उपरांत प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
- सिसई क्षेत्र के पहामू गांव में आयोजित हुई मां सरस्वती पूजा।
- पूजा के दौरान पूरे इलाके में रहा भक्तिमय माहौल।
- स्थानीय ग्रामीणों और समिति के सहयोग से सफल आयोजन।
- पूजा के बाद किया गया प्रसाद वितरण।
- आयोजन से सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक परंपराओं को मिली मजबूती।
गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत पहामू गांव में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। पूजा के अवसर पर गांव को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना शुरू हो गया। मंत्रोच्चार, भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण नजर आया।
श्रद्धा और अनुशासन के साथ हुआ पूजा आयोजन
पूजा कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। पुजारियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति, शिक्षा और समृद्धि की कामना की गई। पूजा के दौरान बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की समान सहभागिता देखने को मिली, जिससे आयोजन में सामूहिकता और अनुशासन का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत हुआ।
ग्रामीणों के सहयोग से शांतिपूर्ण आयोजन
आयोजकों ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों और पूजा समिति के सदस्यों के आपसी सहयोग से यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। सुरक्षा, साफ-सफाई और व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
सामाजिक सौहार्द का संदेश देता आयोजन
पूजा समिति के सदस्यों ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से न केवल आस्था मजबूत होती है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक परंपराओं को भी बल मिलता है। मां सरस्वती पूजा जैसे आयोजन नई पीढ़ी को शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के महत्व से जोड़ते हैं।
प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सराहना की। प्रसाद वितरण के साथ ही कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया।
समिति सदस्यों की रही अहम भूमिका
इस आयोजन को सफल बनाने में पूजा समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्य रूप से प्रमोद प्रजापति, शुभम, मनीष, नकुल, सूरज, मुकेश, शीत, पवन, श्रीराम सहित अन्य सदस्यगण पूरे आयोजन के दौरान सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और व्यवस्थाओं को संभाला।
न्यूज़ देखो: परंपरा, शिक्षा और एकता का संगम
पहामू गांव में आयोजित मां सरस्वती पूजा यह दर्शाती है कि ग्रामीण अंचलों में आज भी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं जीवंत हैं। ऐसे आयोजन समाज में शिक्षा के प्रति सम्मान और आपसी एकता को मजबूत करते हैं। प्रशासन और समाज के सहयोग से इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी प्रेरणा बन सकते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा और संस्कार की ओर सामूहिक कदम
मां सरस्वती की पूजा ज्ञान, विवेक और अनुशासन का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से बच्चों और युवाओं को सही मार्गदर्शन मिलता है।
यदि आपके क्षेत्र में भी इस तरह के आयोजन हो रहे हैं, तो उनमें सहभागी बनकर सामाजिक एकता को मजबूत करें।
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